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कहानी

कहानी से सम्बंधित लेख निम्नलिखित है :-

स्थानीय tutors को छोर के Rahul ने कैसे अपने लिए अच्छा tutors ढूंढा

1. Finding a Local Tutor THE CRISIS & THE RESOLUTION W W W . T U T S T U . C O M2. Meet Rahul Rahul, a cheerful boy of 14, who lives in Janakpuri, New Delhi. Rahul’s father is employed and is the only earning member. Rahul's mom has been



क्या Rahul को अच्छा स्थानिय शिक्षक मिल पाया? कैसे उसने नया हल निकाला

The storyof Rahul who struggled to find a local tutor. Who would be competent enough toaid him recovering his old enthusiasm in academics. Belonging to thelower-middle-class family, Rahul's parents couldn't provide him with luxuriesbut still, they left no stone unturned w



बिना निष्कर्ष की कहानी....

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12 अगस्त को रात नहीं होगी, बस एक बहुत बड़े झूठ से परदा उठेगा!

ज्ञानचक्षु खोलने का जिम्मा अब गुरुघंटालों की बजाय व्हाट्सऐप ग्रुप्स ने लिया हुआ है. जिसको आगे बढ़ाने का काम कुछ हमारी बिरादरी के लोग यानी मीडिया वाले करते हैं. नोट में चिप, लड़के की गूगल में नौकरी और चोटी कटवा आदि उदाहरण. वैसा ही एक ज्ञान ये भी है कि “12 अगस्त को रात नहीं होगी.” व्हाट्सऐप, फेसबुक, ट



घासलेट का घी

बात लावन गाँव की है,जिसमे राजेश्वरी देवी नाम की एक महिला रहती थीं. उनके पति की मृत्यु काफी समय पहले हो चुकी थी. तीनलडके और एक लडकी थी जिसकी शादी कुछ दिनों पहले हो चुकी थी. घरकी आर्थिक स्थिति काफी खराब थी. क्योंकि कमाने वाला घर मेंकोई थ



कॉन्डम की वजह से पिटती है दिल्ली की हर चौथी औरत

representative image: Reutersदिल्ली शहर में घरेलू हिंसा का एक बड़ा कारण सामने आया है. ज्यादातर मर्द सेफ सेक्स नहीं करना चाहते. बहुत सारे आदमी कॉन्डम इस्तेमाल नहीं करना चाहते. वो अपनी बीवियों को भी गर्भ रोकने की दवाइयां इस्तेमाल नहीं करने देते. इस बात पर अगर पत्नी विरोध करे, तो वो उसको मारते हैं. शारी



ये दिल्ली का सबसे ज्यादा रिसर्च किया हुआ मर्डर है, रूस की खुफिया एजेंसी के स्टाइल में

9 जनवरी की शाम को दिल्ली के सदर बाजार में एक मर्डर हुआ. रवि कुमार का. पर ये मर्डर आम हत्याओं जैसा नहीं था. दिल्ली में तो रोज हत्याएं होती हैं, पर सबमें कॉमन चीजें ही होती हैं. किसी को गोली मार दी जाती है. कहीं छुरा चल जाता है. पर इस हत्या में जो तरीका इस्तेमाल किया गया था वो कॉल्ड वॉर के दौरान अमेरि



प्रेमचंद की सबसे धांसू कहानियां, एक जगह पर एक साथ

प्रेमचंद भारत के सबसे महान राइटर माने जाते हैं. हम कहते हैं वो सबसे नए और कूल राइटर थे. आज होते तो दर ऑफेंड होते लोग उनसे. ट्विटर पर उनको बहुत कोसा जाता और वेबसाइट्स उनकी कहानियों के बीच से लाइन निकाल-निकाल कोट्स बनाती. सन 36 था, दिन आज का था. आज मतलब 8 अक्टूबर. जगह बनारस थी और वो दुनिया छोड़ गए.जब उ



सीमा समाप्त (हॉरर कहानी) #ज़हन

रात के 3 बजे सरोर पुलिस थाने से सटे कमरे में सोते दीवान जी की किवाड़ ज़ोर से धड़धड़ाई। यकायक हुई तेज़ आवाज़ से दीवान जी उठ बैठे। उन्होंने तो जूनियर मुंशी को थाने पर किसी इमरजेंसी



जय शनिदेव लिखने पर सौ सेकंड में कुछ अच्छा होने का दावा, और ये सच में हो रहा है

फेसबुक से बड़ा तीर्थस्थल कोई नहीं है. यहां से ज्यादा गॉड कहीं नहीं मिलते. गॉड को धर्मानुसार ट्रांसलेट कर लें ये शिकायत न करें कि उनके धर्म के गॉडों को कुछ नहीं कहा गया. हमें कहा गया.ऐसे ही टहलते हुए. शनिदेव की एक फोटो देखी. लिखा था. ‘देखते ही लिखो जय शनिदेव. 100 सेकंड में कुछ अच्छा होगा.’ मैंने लिखा



मेरे स्कूल में जब अब्दुल कलाम आये थे, तो मैं उनका मज़ाक उड़ा रहा था

11 अगस्त 2003. लखनऊ पहुंचे हुए मुझे 1 साल और 10 दिन हुए थे. लखनऊ जाने का कारण था पढ़ाई. आज सोचता हूं तो लगता है, क्या बेवकूफ़ी थी. लेकिन ठीक है. चलता है. जिस स्कूल में भर्ती हुआ, उसका नाम था लखनऊ पब्लिक स्कूल. सहारा स्टेट्स ब्रांच. आह! सहारा स्टेट्स. वो जगह जो हमारी सल्तनत



ट्रेनों से अखबार उतारने से पहले ये काम करते थे अब्दुल कलाम

दिवंगत पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के बारे में सब जानते हैं कि वो बचपन में ट्रेन से अखबारों के बंडल उतारा करते थे. लेकिन यह उनका पहला रोजगार नहीं था.दूसरे विश्व युद्ध के समय जब रोजमर्रा की चीजों की कमी हो गई थी, उन्होंने तय किया कि कुछ पैसे कमाकर फैमिली की मदद करेंगे. लिहाजा कलाम इमली के बीज



कलाम के नाम का गलत इस्तेमाल रोकने के लिए पार्टी

महान इंसान मरने के बाद भी काम का रहता है. अच्छे लोगों के लिए उसकी बातें जिंदगी का सबक बन जाती हैं. बुरे लोगों के लिए उसका नाम ‘इस्तेमाल’ करने के काम आता है. राजनीति के लिए. अपने फायदे के लिए. पूर्व प्रेसिडेंट एपीजे अब्दुल कलाम अब इस दुनिया में नहीं हैं. लेकिन उनका नाम है. तो बस कुछ लोग कर रहे हैं इस



साध्वी

शहरके दूसरे छोर पर खाली पड़े मैदान की एक अलग पहचान थी. उसमें उगेपेड़ों की छाँव और वहां का शांत वातावरण हर किसी को लुभाता था. यहाँ से गुजरते हुए लोगों को उन पेड़ों की छाँव में नर्म घास पर लेटे,बैठे और खड़े प्रेमी जोड़ों के दर्शन बड़े आराम से हो जाते थे. येवो लोग थे जो घर वाल



पहिली पानी



बीजेपी की हीरोइन जो हेलिकॉप्टर क्रैश में मर गई

देश में 2004 के लोकसभा चुनावों की गूंज थी. साथ में कुछ राज्यों के विधानसभा चुनाव भी हो रहे थे. इनमें से एक था आंध्र प्रदेश. यहां टीडीपी के नेता और मुख्यमंत्री चंद्र बाबू नायडू लगातार तीसरी बार मुख्यमंत्री बनने के मंसूबे पाले थे. उनके राज्य की एक सीट थी करीमनगर. इस लोकसभा सीट से बीजेपी के वरिष्ठ नेता



बाबा रामदेव के छह सच, जो गूगल नहीं बताएगा

बाबा रामदेवबाबा रामदेव. पतंजलि वाले. रात दिन टीवी पर आते हैं. कभी ऊटपटांग बयान. कभी फिल्म वालों संग डांस. कभी प्रेस कॉन्फ्रेंस. और जब ये सब नहीं तो उनके ऐड. बाबा रामदेव. गूगल पर खूब खोजे जाते हैं. पर उनके और उनके साथी बालकृष्ण के बारे में कुछ चीजें अभी इंटरनेट पर नहीं आई हैं. हमें पता चल गई हैं. बरा



आचार्य बालकृष्ण की पर्सनल कहानी सामने आई

बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्णरामदेव का नाम तब रामकिशुन होता था. किशोरावस्था में वह परिवार को बिना बताए खानपुर के गुरुकुल में भर्ती हो गए. संस्कृत की पढ़ाई के वास्ते. यहीं पर साल 1987 में उनकी मुलाकात बालकृष्ण से हुई. यानी आज से 30 साल पहले. तब से दोनों साथ हैं. आज रा



कलरब्लाइंड साजन (कहानी) #ज़हन

Color Blind Lover (Hindi Story)"देखना ये सही शेड बना है? आना ज़रा...""मैं नहीं आ रही! जब कोई काम कर रही होती हूँ तभी तुम्हे बुलाना होता है।"अपने कलाकार पति आशीष को ताना मारती हुई और दो पल पहले कही अपनी ही बात ना मानती हुई रूही, उसके कैनव



बहाव के विरुद्ध

एक गायन टीवी शो के दौरान चयनित प्रतिभागी को समझते हुए एक निर्णायक, मेंटर बोला। "अपनी कला पर ध्यान दो, तुम्हारा फोकस कहाँ है? मैं नहीं चाहता कि तुम इस जेनरेशन के सुरजीत चौहान या देविका नंदानी कहलाये जाओ। क्या तुम्हे अपने माँ-बाप का सिर श



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