आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x
प्रश्नों पर प्रतिक्रिया दीजिये

उस रास्ते को कितना गुरुर है जो उनकी गली तक जाता है..... कभी देखा है उसे गौर से कितना मचलता है, इतराता है... उस दर की बात क्या कहूँ अल्फ़ाज़ उसके दीद़ को ख़ुदा भी सर छुकाता है... मैं सोचता हूँ हर वर्क उसे वो जो दिल से बहकर लहू मे बस जाता है... #अल्फ़ाज़

वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव में भाजपा के चुनावी एजेंडे में श्रीरामलला मंदिर ,महगाई ,कालाधन ,धारा 370 ,आतंकवाद ,रोजगार ,गौरक्षा क़ानून बनाने का सपना दिखाकर भाजपा सत्ता में में आयी आज तीन वर्ष बीत गए भाजपा सर्कार ने इन मुद्दों पर कोई चर्चा नहीं की इसलिए भारत की 125 करोड़ जनता की भावनाओ पर कुठारा घात करने वाली भाजपा को वर्ष 20 19 में जनता वोट करेगी

देश सेवा का रोना रोने वाले इन नेताओं के किसी बच्चे को सेना में भर्ती होते हुए देखा है क्यों

चाहे कोई भी समुदाय हो या कोई भी धर्म, जब तुस्टीकरण किया जाता है तो दूसरा वर्ग स्वयं को उपेछित समझने लगता है | जब हिन्दू आस्था की परवाह ना कर सती प्रथा, बाल विवाह, पर्दा प्रथा, छुआछूत, दहेज़ आदि कई बुराइओं को कानूनी रूप से प्रतिबंधित कर दिया गया है तो जब मुस्लिम समुदाय की बुराइओं जैसे तीन तलाक़ , हलाला आदि पर अपील की जाती है या सरकार कोई कानून बनाना चाहती है तो हर तरफ ये हल्ला क्यों मचाया जाता है कि मुस्लिमों की भावनाओं को ढेस पहुँच रही है ?


क्यों अपनी वोट बैंक की राजनीति के लिए कुछ दाल इस सड़ी -गली प्रथा को बचाने के लिए अदालत में उनकी पैरवी करते हैं?

यहाँ पर लॉग ऑउट का कोई ऑप्शन नहीं दिख रहा है ?

सचिन_महराज
मृत्यु इस वजह से हुई क्योंकि उन्होंने मानव अवतार लिया था...........

शब्द बनाओ मत कोई पर्वत कभी विकराल शब्दों का न ही व्यवहार में खोदो कि गहरा ताल शब्दों का ।1। हमेशा ध्यान ये रखना हो निश्छल बात ही केवल निगल पाए न रिश्तों को कुटिल इक जाल शब्दों का।2। चयन संदर्भगत हो तो तना रहता है हर हालत नहीं तो झुक ही जाता है हमेशा भाल शब्दों का।3। सहेजो पर चलन में भी हमेशा उनको रखो तुम महज कोषों में अच्छा तो न होगा हाल शब्दों का।4। जो भागा करते थे अब तक निडर वो हो नहीं पाए समझ बचपन में पुस्तक को बड़ा जंजाल शब्दों का।5। जिसे भी चाहिए जैसा कि चुनकर वैसा ले जाए लगा मेला दुखी पीड़ित जवाँ खुशहाल शब्दों का।6। कभी खामोशियाँ भी यूँ मचल के बोल देती हैं तभी दिखता है बौनापन सहज वाचाल शब्दों का।7। सँभल कर संत कहते हैं चलाना बीच रिश्तों के कभी खुद को ही काटे है दुधारी फाल शब्दों का।8। उदासी या चुभन देखे तो है दुत्कार देती नित भरा हो प्यार तो चूमे सनम झट गाल शब्दों का।9। कभी चमके फलक पे तो कभी माटी में मिल जाते बदल जाता है हम जैसा मुसाफिर काल शब्दों का।10। © लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

अगर हनुमान जी ब्रह्मचारी थे तो उन्होंने आज के ब्रह्मचारियों की तरह श्रीराम को क्यों नहीं कहा प्रभु कोई और मिल जाएगी | छोड़ो ये प्यार व्यार का चक्कर क्यों रावण से पन्गा लेना | लेकिन हनुमान ने दो प्रेमियों को मिलाने का काम किया | मुझे लगता है हनुमान ब्रह्मचारी और लव गुरु थे उन्होंने दो प्यार करने वालो को मिलाया | उन्होंने विप्पति में श्रीराम और माँ सीता को धीर बंधाया और विश्वास दिलाया | आप जरूर मिलोगे |

आज इस एप से जुड़कर बहुत ही गर्व महसूस क्र रहा हूँ..... मुझे गर्व हैं क़ि हमारे देश के लोग भी इस तरीके के एप तैयार कर रहे हैं......... बधाई इस आप के निर्माता को...💐💐💐 और कोशिश रहेगी ज्यादा से ज्यादा लोगो को जोड़ने की पुनः बधाई...🙏🙏🙏