पुलिस



गरीब

हालातो ने उसे हर जगह घसीटा हैं | जिंदगी मेे जश्न नही फिर भी वो जीता हैं |हमदर्दी का हाथ मिलाने मे वो अब डरता हैं दुध का जला हैं साहब, छाछ भी फूंक - फुंक कर पीता हैं |



‘‘फेक’’ ‘‘एनकाउंटर’’ को ‘‘वैध‘‘ बनाने के लिए ‘‘कानून‘ क्यों नहीं बना देना जाना चाहिए?

‘‘विकास दुबे एनकाउंटर’’ (मुठभेड़) पूरे देश में ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चित है। यह घटना न केवल स्वयं ‘‘सवालों में सवाल’’ लिये हुये है, बल्कि उपरोक्त ‘‘शीर्षक’’ प्रश्न भी पुनः उत्पन्न करता है। लगभग हर ‘एनकाउंटर’ के बाद उस पर हमेशा प्रश्नचिन्ह अवश्य लगते रहे हैं। उक्त ‘प्रश्नचिन्ह’ क



‘विकसित’’ यूपी में ‘‘विकास‘‘ ‘‘राज‘‘ के साथ ‘‘ अराजकता राज‘‘ भी चल रहा है!

जिस बात की आशंका ‘‘गैंगस्टर’’ विकास दुबे की गिरफ्तारी के समय उत्पन्न हो रही थी व कतिपय क्षेत्रों में व्यक्ति भी की गई थी, वह अंततः चरितार्थ सही सिद्ध हुई। मुठभेड़ की घटना के पूर्व ही माननीय उच्चतम न्यायालय में एक वकील द्वारा दायर याचिका में भी उक्त आंशका व्यक्त की गई थी। यह आशंका भी व्यक्त की जा रही



भेदियों से देश को कितना नुकसान!

भेदियों से देश को कितना नुकसान!अक्सर होता यह है कि किसी आपराधिक वारदात को रोकने पहले कोई एहतियाती कदम नहीं उठाये जाते किन्तु जब हो जाता है तो यह बवंडर बन जाता है तथा उसके पीछे जनता का पैसा इतना खर्च हो जाता है कि उसकी कोई सीमा नहीं रहती. उत्तर प्रदेश में भले ही छोटे मोटे अपराध को ज्यादा तबज्जो नहीं



कोरोना का सच भाग 1

कोरोना का नाम बहुत सुना था। लेकिन 25 मार्च के बाद हमें समझ में आया क्या चीज है आखिर वह। लॉक डाउन के बाद हम सभी एक दूसरे को शक की निगाह से दे



भारतीय पुलिस सेवा : मनोबल की समीक्षा

वर्तमान मे पुलिस विभाग के तमाम साथियो की असामयिक मृत्यु ने अनेक पुलिस सहकर्मियों को झझकोर कर रख दिया | भारतिया पुलिस विभाग में इन बढ़ती आत्महत्याओ की संख्या के पीछे क्या मुख्या कारण हैं , इसी का विश्लेषण



जीवन रक्षकों के दुश्मन

देश में लगभग रोज कहीं न कहीं से स्वास्थ्य बिभागकर्मियों, डाक्टरों और पुलिस पर कुछ लोगोंद्वारा हमला करने, पथराव करने कीघटनाये सुनने में आती हैं। यह शर्मनाक हैं और खतरनाक भी जिन्हें शक्ति से रोका ही जानाचाहिए। किसी भी देश , धर्म, संप्रदाय या समाज में सब केसब जाहिल हों ऐसा संभव नहीं हैं । किन्तु आश्चर्



कोरोना नही, महामारी है।

काटे नहीं कटते ये दिन ये रातकह दी है जो घर मे रहने की बातलो आज मैं कहता हूँकोरोना नही यह तो महामारी है।कोई नहीं है बस कोरोना कोरोना कहनी थी तुमसे जो दिल की बातजब तक रहे कोरोना घर मे ही रहना है,कोरोना एक महामारी बन गई है।कैसी हवा है, जहरीली जहरीलीआज सारे जहाँ, में कोरोना कोरोनासारा नज़ारा, नया नयादिल



लाकडाउन

गली, मौहल्ले, गांव, कस्बा, शहर, प्रदेश, देश। सभी जगह है लाकडाउन। सभी जरूरी काम, मीटिंग, स्कूल, कालेज, आफिस हुए लाक। सभी जगह है लाकडाउन। राशन, दवाईयां, घर में रहना हुआ सबसे ज्यादा जरूरी, सभी जगह है लाकडाउन। घर में रहकर, तोता उड़, चिड़िया उड़, कैरम, गीटे, सांप-सीढी, लूडो गोटी, पासा बच्चों के संग खे



खाकी वर्दी काला कोट विवाद

खाकी वर्दी, काला कोट विवाद डॉ शोभा भारद्वाज आजादीके बादसे कभीपुलिस वालोंको उद्वेलित होते नहींदेखा है जबकि वकीलअक्सर प्रदर्शन करते रहतेहैं खाकीवर्दी एवंकाला कोटका एक अलग तरहका रिश्ताहै पुलिसका महत्वपूर्ण काम अपराधीपकड़ना एवंउसे कोर्टमें हाजिरकरना है है वकीलअपराधी के पक्ष मेंदलील देकरउन्हें सजासे बचाने



लड़के ने 80 साल का बुड्ढा बनकर देश से भागने की कोशिश की, मगर एक गलती कर गया

सफेद दाढ़ी, सिर पर पगड़ी जैसा गमछा, सफेद कुर्ता, चेहरे पर भोले-भाले एक्सप्रेशन. बस ऐसा ही गेटअप लेकर 30 साल का जयेश पटेल अमेरिका जाने के लिए निकल पड़ा. लेकिन पकड़ा गया. कहां? दिल्ली के IGI एयरपोर्ट पर. सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फोर्स (CISF) के जवानों ने उसे पकड़ लिया.चकरा गए. चलिए आसान भाषा में



1,41,700 रुपए: ये है अब तक की सबसे बड़ी रकम का चालान, लेकिन पूछिए ये लगा क्यूं?

चालान कटने-काटने का सिलसिला नहीं थम रहा है. चालान पहले भी कट रहे थे लेकिन अब चालान ख़बर बन रहे हैं. नया मोटर व्‍हीकल एक्‍ट (new motor vehicle act 2019) लागू होते ही रोजाना अजीब चालान की खबरें सामने आ रही हैं. कहीं कोई मोटे चालान का दम भर विरोध कर रहा है, तो कहीं कोई चालान



सड़क पर हुए एक्सीडेंट का वीडियो बनाने और सेल्फ़ी लेने वालों की नोएडा पुलिस पर्ची काटने वाली है

नोएडा पुलिस ने ये तय किया है कि जो व्यक्ति रास्ते पर दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की मदद करने के बजाए, उसका वीडियो बनाएगा या सेल्फ़ी लेगा उसकी पर्ची काटी जाएगी. ऐसा करने की नौबत इसलिए आई क्योंकि पुलिस ने नोटिस किया कि बीते कुछ महीनों में दुर्घटना स्थल पर वीडियो बनाना और सेल्फ़



सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ममता ने बताया नैतिक जीत, अगली सुनवाई 20 फरवरी को होगी

लोकसभा चुनाव से पहले पश्चिम बंगाल सरकार और सीबीआई के बीच चल रही लड़ाई अब सियासी अखाडे में तब्दील हो चूकी है। बीते रविवार से पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी धरने पर बैठी हैं। जिसे देख कर लग रहा है, अब यह लड़ाई 2019 के लोकसभा चुनाव की दिशा तय करेगी। यह लड़ाई तय करेगी की दिल्ली की गलियों में किसका



सिपाही बनने वाले थे, अब जाएंगे जेल, ज्वॉइनिंग से पहले पकड़ी गई चालाकी

बिहार में सिपाही के 9900 पदों पर इस साल हुई बहाली में फर्जीवाड़े का नया और बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। सिपाही के पद पर चयनित हो चुके दो सौ से ज्यादा अभ्यर्थियों की चालाकी चयन पर्षद ने ज्वाइनिंग से ठीक पहले पकड़ ली। अगर थोड़ी भी चूक होती तो ये सिपाही बन गए होते, लेक



IPS अफसर की गरीबी की कहानी: भूख शांत करने के लिए खाने में माँ मिलाती थी .......

कुछ बनने के लिए लगन और मेहनत जितनी जरूरी है, उससे भी अधिक जरूरी है एक बड़ी सोच। फिर चुनौती पेट भरने की हो तो संघर्ष और भी बड़ा हो जाता है। लेकिन सोच बड़ी हो तो तमाम संघर्ष अंत में छोटे पड़ जाते हैं। रायगढ़, छत्तीसगढ़ के तारापुर गांव में ऐसी ही बड़ी सोच लेकर बड़ी-बड़ी चुनौतियों को



क्या आपको सूरत के हाई टेक चोर के बारे में पता है?

24 साल के एक हाईटेक चोर ने पुलिस की नाक में दम कर रखा है। इस चोर के कुछ खास नियम भी हैं। यह सिर्फ पचास लाख से ऊपर की चोरी करता है। हर चोरी के बाद सबसे पहले मंदिर जाता है। यात्रा के लिए फ्लाइट से सफर करता है और मंहगे होटलों में रुकता है। चोरी करके यह वापस अपने घर लौट जाता है। इस 'मॉडर्न' चोर का नाम ह



कॉन्स्टेबल पापा और IPS बेटे की एक ही जिले में तैनाती, गर्व से पिता ने कहा- ऑन ड्यूटी अपने कप्तान को सैल्यूट करूंगा

घर में बेटा भले ही पिता के पैर छूकर आशीर्वाद ले, लेकिन ड्यूटी के दौरान पिता बेटा को ‘जय हिंद सर’ कहकर बोलेगा। दरअसल, शहर के विभूतिखंड थाने में तैनात कॉन्स्टेबल जनार्दन सिंह का बेटा IPS बन चुका है। लखनऊ जिले में ही बेटे को पोस्टिंग मिली है। ऐसे में पिता अब बेटे के मातहत के



बच्ची के साथ ड्यूटी करती महिला सिपाही की तस्वीर वायरल, खुश होकर डीजीपी ने किया ट्रांसफर

झांसी में एक महिला सिपाही के छह माह की बच्ची के साथ लगातार ड्यूटी करने का फल मिल गया। काम के प्रति उसके समर्पण को देखते हुए डीजीपी ओपी सिंह ने इस महिला सिपाही को उसके घर आगरा के पास पोस्टिंग देना का आश्वासन दिया। अब सिपाही अर्चना को उसके गृह जनपद आगरा के करीब तैनाती मिलेग



पता है, ठांय-ठांय वाले दरोगा के साथ यूपी पुलिस ने क्या किया!

मुठभेड़ के दौरान सीनियर इंस्पेक्टर मनोज कुमार का पिस्तौल जाम हो गया. तो वो मुंह से ही ठांय-ठांय की आवाज निकालने लगे. SP ने उन्हें इनाम दिए जाने की सिफारिश की है. ये उसी ठांय-ठांय के वायरल वीडियो का स्क्रीनशॉट है.ठांय-ठांय वाला वीडियो देखा था? उत्तर प्रदेश के संभल में पुलि



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