उग

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अभी तो सूरज उगा है

अभी तो सूरज उगा है डॉ शोभा भारद्वाज ‘न्यूज नेशन चैनल’ के लिये दीपक चौरसिया जीनें मोदी जी का 10 मई को इंटरव्यू लिया पांचवें चरण के चुनाव हो चुके थे केवलदो चरण बाकी थे |इंटरव्यू में विभिन्नविषयों पर मोदी जी से प्रश्न पूछे गये उन्होंने अपने द्वारा लिखित कविता की कुछपंक्तियाँ भी सुनाई विषय ‘अभी तो सू



"गीतिका" उग आई ऋतु है चाहत की मत लाना दिल में शामत की

मापनी- 22 22 22 22, समान्त- अत, पदांत- की"गीतिका"उग आई ऋतु है चाहत कीमत लाना दिल में शामत कीदेखो कितनी सुंदर गलियाँ खुश्बू देती हैं राहत की।। जब कोई लगता दीवाना तब मन होता है बसाहत की।।दो दिल का मिलना खेल नहींपढ़ना लिखना है कहावत की।।माना की दिल तो मजनू हैपर मत चल डगर गुनाहत की।।देखो कलियाँ चंचल ह



“कुंडलिया”उगते सूरज की तरह दे प्रकाश हर ग्रंथ।

“कुंडलिया”उगते सूरज की तरह दे प्रकाश हर ग्रंथ। हो कोई भी सभ्यता सबके सुंदर पंथ॥ सबके सुंदर पंथ संत सब एक समाना। मानव ममता एक नेक भर लिया खजाना॥ कह गौतम कविराय हाय रे हम क्यों भुगते। कहाँ गई कचनार कहाँ अब मृदु फल उगते॥महातम मिश्र गौतम गोरखपुरी





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