आईना

होई पतन विकास के साथ।

होई पतन विकासके साथ।नेता कहतेहैं भारत का विकास हो रहा हैं।गाँव मे नहर, तालाब, कुआँ सूख रहा हैं।कहने को पैसाबहुत हैं सरकार के पास मे।नेशनल हाईवेके गड्डो से धूल उड़ रहा हैं।पुराने पुलभरभरा जाते हैं रेल की धमक से।मौत जिसकीहोती हैं वह उसकी किस्मत थी।सरकार को यहपता हैं इसपुल से कौन आतंकी गुजरा था?सरकार को



पहले के दास आज के संत-योगी

पहले के दास आज के संत-योगी आज के संतो व योगी मे बहुत फर्क हैं। पहले का दास राजा के अधीन होकर अपनी रचनाओं से उन्हे सब कुछ बता देते थे। इनाम पाकर अपने आप को धन्य समझते थे। आज के योगी संत, राजा बनकर भी कुछ नहीं हासिल कर पाते। भगवान को, वह अपना आईना समझते हैं, और उसमे अपना बंदरो की तरह बार-बार चेहरा द





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