हम जुबां

हिंदी है हम वतन है। अपनी अभिव्यक्ति कहने का जतन है, अपनी संस्कृति का न हो पतन, बस यही जतन है। हिंदी है हम वतन है। जुबानें बेहिसाब है जहां में, हम वतन के, खुद के आजाद ख्यालात की, जुबान है हिंदी... अपनेपन का अहसास, खुद के शब्दों की परवाज़ है हिंदी, कोयल की जुबान है हिंदी। हिंदी है हम वतन है...



टिक - टाॅक के बाजार मे

मुजरा करते दिख रही है लड़कियाँटिक - टाॅक के बाजार मे यू ही बदनाम है हम लड़के इस संसार मेलड़कियाँ नाचती दिख रही है टिक - टाॅक के बाजार मे फर्क क्या है उसमे और तुममे जो कोठे पर नाचती है संसार मेआज बड़े घरो के बेटियाँ नाचती हैटिक - टाॅक के बाजार मे कोई नाचती है पैसा के लिए सरेआम इस संसार मेकोई लाइक और शेयर



शादियाँ आजकल

शादियाँ आजकलहिन्दू शादी अजी सुनते हो, "कल बगल वाली भाभी जी कह रही थीं कि, अब तो बेटा जवान हो गया है शादी कब कर रही हो"। मैं तो कह रही हूँ कि, "देख -भाल शुरू कर दो अभी से , तब जाकर कुछ महीनों में कोई बात फाइनल हो पायेगी"।अजी मैं कब से कह रही हूँ कि, "बेटी अब जवान हो गई है, उस



15 August: भारत के अलावा ये 4 देश भी मनाते हैं आजादी का जश्न

आजादी कौन नहीं चाहता....एक पक्षी भी पिंजड़े में फड़फड़ाता है क्योंकि उसे आजादी चाहिए होती है। जब बकरे को काटने के लिए ले जाते हैं तब भी आजादी की चाहत लिए बकरा चिल्लाता रहता है क्योंकि हम सभी जानते हैं कि आजादी है तो जीवन है वरना इंसान घुटने लगता है। मगर आज से करीब 73 साल पहले भारत देश गुलाम था अंग्र



साध्वी प्रज्ञा ठाकुर ने आखिर गलत क्या कहाँ ?

भोपाल की सांसद साध्वी प्रज्ञा ठाकुर जो पूर्व में भी अपने कई बयानों के कारण मीडिया व देश की राजनीति में न केवल चर्चित रही, बल्कि उनके बयानों के कारण भाजपा को शर्मिदंगी भी उठानी पड़ी है, व पार्टी की किरकिरी भी हुई है। प्रधानमंत्री तक को पार्टी की छवि बचाने के लिये यह कहना पड़ा कि गोड़से को देशभक्त बता



संसद में इस नेता को लेकर विवादों में घिरे आजम खान, कहा- आप मुझे इतनी अच्छी लगती हैं कि...

राजनीति एक ऐसा क्षेत्र है जहां पर फिल्मी दुनिया से कम नौटंकी नहीं होती है। कई ऐसे नेता भी हैं जो अपने विवादित बयानों के कारण सुर्खियां बटोरते हैं। उन्हीं में से एक आजम खान हैं जो सपा नेता है और रामपुर से सांसद भी हैं। उन्होंने हमेशा अपने बयानों से लोगों का गुस्सा झेला है और एक बार फिर उन्हें ऐसा करन



"याद आते हैं वो बचपन के दिन "

बचपन के दिन - कल याद आ गया मुझको भी अपना बचपनखुश हुई बहुत पर आँख तनिक सी भर आयी गांवों की पगडण्डी पर दिन भर दौड़ा करती कुछ बच्चों की दीदी थी। दादी की थी राजदुलारी रोज़ सुनती छत पर दादाजी से परियो की कहानी झलते रहते वो पंखा पर थक कर मैंसो जाती घर कच्चे थे चाची लीपा



ईशा और मैं डेटिंग नहीं कर रहे हैं - अदनान खान | आई डब्लयू एम बज

अदनान खान, जिनके ज़ी टीवी के शो इश्क सुभान अल्लाह को एक वेब स्पिनऑफ मिला है, इश्क आज कल (ज़ी 5) , वो उस पर ज्यादा टिप्पणी नहीं करना चाहता , “जैसा कि मेरे पास शायद ही कोई दृश्य था। हालांकि ईशा सिंह और विनय जैन को कुछ सीन मिली। यह पूछे जाने प



इश्क आज कल, इश्क सुभानल्ला जैसे सामाजिक नाटक के विपरीत एक रोमांटिक थ्रिलर फिल्म होगी: निर्माता धीरज कुमार | आई डब्लयू एम बज

अनुभवी टीवी अभिनेता और निर्माता धीरज कुमार नई ज़ी5 वेब श्रृंखला, इश्क आज कल की सफलता को लेकर काफी आशावादी हैं। उनका कहना है, ”होटल उद्योग की पृष्ठभूमि वाली यह रोमांटिक थ्रिलर, चल रहे लोकप्रिय ज़ी टीवी के शो इश्क सुभानल्लाह का एक तरह का वेब स्पिनऑफ़ है।” एक माध्यम से दूसरे



कलम आज उनकी जय बोल

कलम आज उनकी जय बोलपहले मन की गांठों को खोलराष्ट्र की अस्मिता बड़ी अनमोलबचाई है जिन्होंने देश की लाजकलम आज उनकी जय बोलआज कोई श्रृंगार मत लिखिएसावन गीत, मल्हार मत लिखिएवीर पुराण रच डालिए दिल खोलकलम आज उनकी जय बोलधूल चटा देना बैरी को रण मेंआस्तित्व मिला दो अब कण मेंफिर से कर दी नैया डांवाडोलकलम आज उनकी



तीर्थ राज प्रयाग राज में महापर्व अर्द्ध कुम्भ स्नान

तीर्थ राज प्रयाग राज में महा पर्व अर्द्ध कुम्भ स्नान डॉ शोभा भारद्वाज पुराणों में वर्णित पोराणिक कथाओं के अनुसार देवताओं एवं दानवों ने मिल के समुद्र मंथन किया था तय था समुद्र मंथन से जो रत्न निकलेंगे दोनों पक्ष मिल कर बाँट लेंगे मन्दराचल पर्वत को मथनी बनाया भगवान विष्णु ने कच्छप अवतार धारण कर समुद्र



इन 7 राशियों पर होगी बजरंगबली की कृपा, होगा कष्टों का नाश, चमकेगी किस्मत, मिलेगी सफलता

ग्रहों की स्थिति कब बदल जाये कुछ कहा नहीं जा सकता, ज्योतिष की मानें तो रोज़ाना किसी न किसी ग्रह में परिवर्तन ज़रूर होता है जिसकी वजह से 12 रशियन प्रभावित होती हैं। तो आइये जानते हैं पं दयानन्द शास्त्री से कि किन-किन राशियों पर है की हनुमान जी असीम कृपा और साथ ही कैसा रहेगा आपका आज का दिन । मेष आत्मविश



आशा और सफलता

जीवन में सफलता प्राप्त करनी है तो सोच सकारात्मक बनाए रखने के साथ ही मन मेंआशा को जगाए रखना आवश्यक है | सकारात्मक सोच और आशावान व्यक्ति से किसी भी प्रकारकी निराशा और चिन्ता कोसों दूर भागते हैं जिसके कारण उसका मन और शरीर दोनों स्वस्थबने रहते हैं और वह अपनी सफलता के लिए उचित दिशा में प्रयास कर पाता है…



"पद" कोयल कुहके पिय आजाओ, साजन तुम बिन कारी रैना,डाल पात बन छाओ।।

"पद"कोयल कुहके पिय आजाओ,साजन तुम बिन कारी रैना, डाल-पात बन छाओ।।बोल विरह सुर गाती मैना, नाहक मत तरसाओ ।भूल हुई क्यों कहते नाहीं, आकर के समझाओ।।जतन करूँ कस कोरी गगरी, जल पावन भर लाओ।सखी सहेली मारें ताना, राग इतर मत गाओ।।बोली ननद जिठानी गोली, आ देवर धमकाओ।बनो सुरक्षा कव



"गज़ल" निकला था सीप से कहीं मोती उठा लिया मैने भी आज दीप से ज्योती उठा लिया

बह्र- 221 2121 1221 212 यूँ जिंदगी की राह में मजबूर हो गए , काफ़िया- मोती, ओती स्वर, रदीफ़- उठा लिया"गज़ल" निकला था सीप से कहीं मोती उठा लियामैने भी आज दीप से ज्योती उठा लियाखोया हुआ था दिल ये किसी की तलाश मेंमहफिल थी द्वंद की तो चुनौती उठा लिया।।जलने लगी थीं बातियाँ लेकर मशाल कोमगरूर शाम जान सझौती उठा



आज का इतिहास - 23 नवम्बर | Today History in Hindi - 23 November

Aaj ka itihas वर्ष/साल प्रमुख घटनाएं1165 पोप एलेक्जेंडर तृतीय निर्वासन के बाद रोम वापस लौटे।1744 ब्रिटिश प्रधानमंत्री जान कार्टरे ने इस्तीफा दिया।1848 अमेरिका के वोस्टन में महिला मेडिकल शैक्षणिक सोसाइटी का गठन।1857 कोलिन कैंपबेल ने लखनऊ में सिपाही विद्



आज का इतिहास - 22 नवम्बर -

Aaj ka itihas - Today History in Hindi - 22 November वर्ष/साल प्रमुख घटनाएं 2008 भारती क्रिकेट टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने अपना पद छोड़ने की धमकी दी। हिन्दी के प्रख्यात कवि कुंवर नारायण



अपनी दिशा से भटक रहा युवा

आज भारत देश में करोड़ो की सख्यां में युवा बेरोजगार है और दिशा विहीन हो कर भटक रहा है 1 इसके पीछे मै कई कारन मन रहा हूँ 1 अगर में उत्तर भारत की बात करूं जहां से मैं सम्बन्ध रखता हु तो मुझे ये ज्ञात होता है की दो और तीन कारन ही मुख्यत:



जातियां और आज का भारत

आज के भारत में जातियां अस्तित्वहीन हो चुकी है। परन्तु राजनीति बांटने और वोट बैंक बनाने के लिये आज भी इसका भरपूर प्रचार कर रही हैं। इसे रोका जाना चाहिये। भारत सरकार को अब सरकारी फार्मों आदी से जाति का कॉलम हटा देना चाहिये। इसके स्थान पर केवल वर्ग जैसे - साम



आज का विचार

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