आप

बातूनी

बातों का खजाना  औरतों की अभिव्यक्ति को बातूनी कहकर दरकिनार कर दिया जाता है। औरत स्वयं में चलती फिरती कहानी है, वह अपनी वास्तविक जिंदगी के बहुत से क़िरदारों को जीती हैं। पिता का साया सिर पर नहीं हो तो पिता बन जाती है। घर की बड़ी स्वयं हों तो बेटा बन जाती है। औरत जिम्मेदारी की पहली जुबान है। जिसे हर



चुनाव जीतने के हथकंडे

चुनाव जीतने के हथकंडे डॉ शोभा भारद्वाज लोकसभा केचुनावो का सीजन चल रहा है पहला चरण समाप्त हो गया अब दूसरे चरण का चुनाव हो रहा है| चुनाव जीतने केतरीके अब पहले जैसे नहीं रहे चुनाव आयोग की कोशिश रही है निष्पक्ष रूप सेचुनाव कराये जा सकें ,चुनावों में धन का अपव्यय न हो योग्य व्यक्तिचुनाव लड़ने



"दोहावली" नमन शहीदों को नमन, नमन हिंद के वीर। हर हालत से निपटते, आप कुशल रणधीर।।

"दोहावली"नमन शहीदों को नमन, नमन हिंद के वीर।हर हालत से निपटते, आप कुशल रणधीर।।-1नतमस्तक यह देश है, आप दिए बलिदान।गर्व युगों से आप पर, करता भारत मान।।-2रुदन करे मेरी कलम, नयन हो रहे लाल।शब्द नहीं निःशब्द हूँ, कौन वीर का काल।।-3राजनयिक जी सभा में, करते हो संग्राम।जाओ सीमा पर लड़ो, खुश होगी आवाम।।-4वोट



फिल्म निर्माता सूरज बड़जात्या के पिता राज कुमार बड़जात्या का निधन

मुम्बई में राजश्री प्रोडक्शन के राजकुमार बड़जात्या का देहांत हो गयाअधिक जानकारी के लिए: https://hindi.iwmbuzz.com/television/news/filmmaker-sooraj-barjatyas-father-raj-kumar-barjatya-passes-away-2/2019/02/21



24 जनवरी 2019

हर दिन समय निकलना, वो करने के लिए जिससे आपको प्यार हैं।

हमारे दिन अक्सर उन चीज़ों से भरे होते हैं जो हमें करने पड़ते हैं, और हम जो कुछ करते हैं उससे तनाव और थकावट से खुद को तसल्ली देते हैं… इसलिए हम जो करना चाहते हैं उसे खत्म कर देते हैं।उस बारे में एक सेकंड के लिए सोचें: हमारे दिन चीजों से भरे होते हैं, और आराम करने वाले सामान होते हैं। उन चीजों के लिए



संसद का तिहाई हिस्सा रहा दागी नेताओं के हवाले, आंकड़ा 34% के पार

हर 5 साल बाद भारत में एक चुनावी लहर आती है, जैसे ही लोकसभा चुनावों का बिगुल बजता है।चारों ओर बस चुनावी माहौल गरमाया हुआ होता है। चुनाव आते ही सभी नेता अपने-अपने पार्टियों के साथ जनता के पास पहुंच जाते हैं



22 जनवरी 2019

यह एक समस्या नहीं है, यह एक अनुभव है।

"पूरी तरह से जीवित, पूरी तरह से मानव और पूरी तरह से जागृत होने के लिए लगातार घोंसले से बाहर फेंक दिया जाता है।" ~Pema Chodronजीवन की अपनी डाउन अवधि होती है: आपका बॉस आपसे नाखुश है, आपका व्यवसाय संघर्ष कर रहा है, आप अपने जीवन के प्यार के साथ संघर्ष कर रहे हैं, आपके वित्त तंग हैं, आप अच्छी नींद नहीं ल



21 जनवरी 2019

सब कुछ पवित्र के रूप में देखने का जादू।

जब हम सुबह उठते हैं, हम में से बहुत से लोग अपने फोन या कंप्यूटर पर स्वचालित रूप से चले जाते हैं और ऑटोपायलट पर हमारी ऑनलाइन दुनिया के माध्यम से पढ़ना, संदेशों की जांच करना, चीजों की प्रतिक्रिया देना और चलना शुरू कर देते हैं।हम अपने दिन को इस तरह से गुजारते हैं, हम जितना बेहतर कर सकते हैं, तनाव से नि



जीवन का अनमोल "अवॉर्ड "

" नववर्ष मंगलमय हो " " हमारा देश और समज नशामुक्त हो " नशा जो सुरसा बन हमारी युवा पीढ़ी को निगले जा रहा है ,



राख...

राख... कैसे रिश्ते ये... कैसे ये नाते है... अपना ही खून हमे कहा अपनाते है... प्यार कहो या कहो वफ़ा... सबकुछ तो सिर्फ बातें है... रिशतें कहो या कहो अपने... सबकुछ तो सिर्फ नाते है... बातें लोग भूल जाते है... नाते है टूट जाते है... कोनसी कसमें कोनसे वादें... यहां अपने पीछे छूट जाते है... कितना भी कहलो



हाइजेेनिक आदतें

हाईजेनिक आदतें आजकल कई तरह की बीमारियों ने लोगों को घेरा हुआ है जो गंभीर समस्या की तरह है । पुराने जमाने में लोग बहुत सी हाईजेनिक आदतें अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाते थे जिससे उन्हे बीमारियां कम लगती थी, लोग स्वस्थ रहते थे। आज कल के लोगों की तरह बहुत सी बीमारी उन्हे नहीं घेरे रहती थी। हमारे गांव



"गज़ल" कहो जी आप से क्या वास्ता है सुनाओ क्या हुआ कुछ हादसा है

वज़्न-- 1222 1222 122 अर्कान-- मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन फ़ऊलुन, क़ाफ़िया— वास्ता (आ स्वर की बंदिश) रदीफ़ - है"गज़ल" कहो जी आप से क्या वास्ता हैसुनाओ क्या हुआ कुछ हादसा हैसमझ लेकर बता देना मुझे भीहुआ क्या बंद प्रचलित रास्ता है।।चले जा चुप भली चलती डगर येमना लेना नयन दिग फरिश्ता है



"कुंडलिया" कटना अपने आप का, देख हँस रहा वृक्ष।

"कुंडलिया"कटना अपने आप का, देख हँस रहा वृक्ष।शीतल नीर समीर बिन, हाँफ रहा है रिक्ष।।हाँफ रहा है रिक्ष, अभिक्ष रहा जो वन का।मत काटो अब पेड़, जिलाते जी अपनों का।।कह गौतम कविराय, शुभ नहिं नदी का पटना।जल को जीवन जान, रोक अब वृक्ष का कटना।।महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी



“गीतिका” आप के दरबार में आ शांति ठहरी नहीं

पदांत- नहीं, समांत-अहरी,मापनी-2122 2122 2122 12“गीतिका” आप के दरबार में आशांति ठहरी नहीं दिख रहा है ढंग कापल प्रखर प्रहरी नहींझूलती हैं देख कैसेद्वार तेरे मकड़ियाँ रोशनी आने न देतीझिल्लियाँ गहरी नहीं॥ वो रहा फ़ानूष लटकाझूलता बे-बंद का लग रहा शृंगार सेभी रेशमा लहरी नहीं॥गुंबजों का रंगउतरा जा रहा बरसात



इस्मत चुगताई उर्फ ‘इस्मत आपा’

आजादी से पूर्व और विभाजन के दौर की सबसेप्रतिष्ठित लेखकों में से एक लेखिका इस्मत चुगताई को, आज 107वीं जयंती पर गूगलने ‘डूडल’ बनाकर अनौखे अंदाज में याद किया है । उनका जन्म 21 अगस्त 1915 को उत्तर प्रदेशके बदायूं में हुआ था और मृत्यु 24 अक्टूबर 1991 को मुंबई में हुई थी ।



केजरीवाल लीड केरल

19:55 HRS ISTआप के सांसद, विधायक केरल में बाढ पीड़ितों की मदद के लिए एक महीने का वेतन देंगे नयी दिल्ली, 18 अगस्त (भाषा) दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने आज कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) के सभी सांसद, विधायक और मंत्री केरल में बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए एक महीने का वेतन देंगे। उन्होंने राष



मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना हिंदी हैं हम वतन हैं हिन्दुस्तान हमारा.सभी को हिदुस्तान की आज़ादी की बहुत बहुत बधाई.( आलिम)

मज़हब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना हिंदी हैं हम वतन हैं हिन्दुस्तान हमारा.सभी को हिदुस्तान की आज़ादी की बहुत बहुत बधाई.( आलिम)



माँ कहाँ गई

माँ कहाँ गई आज माँ को गुज़रे हुए साल होने को आया। धीरे-धीरे सबनॉर्मल होने लगा था।सब काम धंधे पहले की ही तरह चलने लगे थे। एक दिन गीता (मेरी पत्नी) सफाई करते समय माँ की अलमारीको भी जो अस्त व्यस्त पड़ी थी, ठीक करने लगी जिसमे माँके पुराने कपड़े रखे थे।मैं उस समय वहीं खड़ा था। गीता मां का वह पीला सूट तहाने ल



नालायक

शादी करके, घर में कलह करके, अलग होकर, मुझे रुलाकर आज चार साल बादघर से अलग होने के बाद बड़े बेटे का फ़ोन आया वह कुछ कहना ही चाहता था कि मैं आदतनशुरू हो गया, नालायक तेरी हिम्मत कैसेहुई, फ़ोन करने की तू तो उसी दिनही मर गया था हमारे लिए, जिस दिन ये घर छोड़ कर गयाथा, वो कुछ कहना ही चाहता था किमैंने फ़ोन पटक द



दिल का टुकड़ा

नाम : आलोक फोगाट जन्म स्थान : मेहरौली (दिल्ली)फ़ोन : 9953986953, 9958003160 दिल का टुकड़ा आज शादी को 23सालहो गए। याद आता है---शादी में पहली बार जब उससे परिचय हुआ ससुर जी ने बताया येमेरे भाई, जो गांव में रहते हैं, उनका बेटा राहुल, हमा



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