आराध्य

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आराध्य पिता जी

यह कविता मेरे आराध्य पिता जी को समर्पित:-देखो दिवाली फिर से कुछ, यादें लाने वाली है।पर तेरी यादों से पापा, लगती खाली-खाली है।।याद आता है पापा मुझ को साथ में दीप जलाना।कैसे भूलूँ पापा मैं वो, फुलझड़ियां साथ छुटाना।।दीपावली में पापा आप, पटाखे खूब लाते थे।सबको देते बांट पिता जी, हम सब खूब दगाते थे।।तेरे



तैमूर -आराध्या! प्लीज़ हमें रोटी दे दो .

गोविंदा की भांजी ने शेयर की बेबी बम्प की तस्वीरें ,सोहा अली खान ने अपनी बेटी की पहली झलक दी दुनिया को आदि पक गए हैं वेबसाइट पर ये समाचार देखते -देखते ,पर क्या करें जो बिकता है मीडिया वही तो बेचेगा और बॉलीवुड का तो सितारों के शरीर से उतरा कपडा तक बिकता है इसीलिए एक गा





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