ऐसी

प्यार का दंश या फर्ज

प्यार का दंश या फर्ज तुलसीताई के स्वर्गवासी होने की खबर लगते ही,अड़ोसी-पड़ोसी,नाते-रिश्तेदारों का जमघट लग गया,सभी के शोकसंतप्त चेहरे म्रत्युशैय्या पर सोलह श्रंगार किए लाल साड़ी मे लिपटी,चेहरे ढका हुआ था,पास जाकर अंतिम विदाई दे रहे थे.तभी अर्थी को कंधा देने तुलसीताई के पति,गोपीचन्दसेठ का बढ़ा हाथ,उनके बे



मैं तेरे साथ जी न सका ,अकेला मर तो सकता हूँ

मैं तेरे साथ जी नहीं सका, अकेलामर तो सकता हूँ डॉ शोभा भारद्वाज रिसेटेलमेंट कालोनी के छोटेप्लाट में बने चार मंजिला घर में हा –हाकार मचा था उस घर के जवान बेटे ने फांसीलगा ली थी घर का कमाऊ बेटा तीन भाई पाँच बहनों का भाई अंधे पिता ,बीमार माँ कासहारा जिसने भी सुना हैरान रह गया फांसी के बाद लम्बी गर्दन



फूल गुलाब का लाखों में हज़ारों में - बीवी हो तो ऐसी

Phool Gulaab Ka Laakhon Mein Hazaaron Mein Lyrics of Biwi Ho To Aisi (1988): This is a romantic song from Biwi Ho To Aisi starring Rekha, Farooq Sheikh, Bindu and Kader Khan. It is sung by Anuradha Paudwal and Mohammad Aziz and composed by Laxmikant and Pyarelal.बीवी हो तो ऐसी (Biwi Ho To Aisi )फूल



बीवी हो तो ऐसी (Biwi Ho To Aisi )

"Biwi Ho To Aisi" is a 1988 hindi film which has Rekha, Farooq Sheikh, Bindu, Kader Khan, Asrani, Salman Khan, Om Shiv Puri, Renu Arya, Gulshan Bawra, Bhagwan, Raja Duggal, Jugnu, Satyen Kappu, Lalita Kumari, Vicky Ranawat, Kamna and Raaj Kumar in lead roles. We have and one song lyrics of Biwi Ho



देश मेरा बढ़ रहा है ( कुलदीप पाण्डेय आजाद )

देश मेरा बढ़ रहा | प्रगति सीढ़ी चढ़ रहा |देश के उत्थान में सब,साथ मिल अब चल रहे हैं |खून से सींचा जिसे था , हर सुमन अब खिल रहे हैं |कंटकों को आज देखो स्वम ही वह जल रहा है | देश मेरा बढ़ रहा |गोद में बैठे अभी तक ,



हरियाली

ऐ हरियाली तुझे क्या हुआ क्यों तू उदास है ?क्या तेरा सौभाग्य तेरे पास है ? कभी तू हंसती थी कभी तू मुस्कराती थी कभी तू हवा के झरोखों से हिल डुल के इतराती थी क्या मै कहूं तू मुरझाई है ? की मै कहूँ



गुनगुनाना चाहता हूँ

Hindi Sahitya Kavya Sanklan provides free publishing opportunity to poets to write their poems in hindi, OR hindi kavita and hindi poems for kids Hindi Sahitya | Hindi Poems | Hindi Kavita | hindi poems for kids



ऐसी मेरी एक बहना है

ऐसी मेरी एक बहना हैनन्ही छोटी सी चुलबुल सीघर आँगन मे वो बुलबुल सीफूलो सी जिसकी मुस्कान हैजिसके अस्तित्व से घर मे जान हैउसके बारे मे क्या लिखूवो खुद ही एक पहचान हैमै चरण पदिक हू अगर वो हीरो जड़ा एक गहना हैऐसी मेरी एक .बहना है………..कितनी खुशिया थी उस पल मेजब साथ-२ हम खेला करतेछोटी छोटी सी नाराजीतो कभी





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