सर्दियों में अवश्य करें गुड़ का सेवन, मिलेंगे यह जबरदस्त लाभ

ठंड के मौसम में खान-पान में काफी बदलाव आ जाता है। इस कड़कड़ाती ठंड में लोग मीठा खाना ज्यादा पसंद करते हैं। लेकिन जरूरत से ज्यादा मीठा सेहत के लिए अच्छा नहीं माना जाता। अगर आपको इस मौसम में अक्सर मीठे की तलब लगती है तो डाइट में रिफांइड शुगर के स्थान पर गुड़ को जगह दें। गुड़ में कैल्शियम, फास्फोरस, मैग्नी



इन भोजन को एक साथ खाना पड़ सकता है सेहत पर भारी

भोजन को यदि शरीर का ईंधन कहा जाए तो गलत नहीं होगा। भोजन का काम सिर्फ पेट भरना ही नहीं होता, बल्कि इसके जरिए शरीर को वह सभी पोषक तत्व प्राप्त होते हैं, जो शरीर के सही प्रकार से कार्यसंचालन के लिए आवश्यक होते हैं। इतना ही नहीं, अगर भोजन का चयन और उसका सेवन करते समय कुछ बातों का ध्यान दिया जाए तो कई तर



"छड़, व्यवस्था और छत"

"छड़, मकान और छत"ठिठुर रहा है देश, ठिठुर रहें हैं खेत, ठंड की चपेट में पशु-पंछी, नदी, तालाब और अब महासागर भी जमने लगे हैं अपने खारे पानी को उछालते हुए, लहरों को समेटते हुए। शायद यही कुदरत की शक्ति है जिसे इंसान मानता तो है पर गाँठता नहीं। आज वह बौना बना हुआ है और काँप रहा है अपनी अकड़ लिए पर झुकने को



सविता

सविता अपने बचपन की सारी खुशीयों को अपने माँबाप के साथ नही बाँट पाई। गाँव को समझ नही पाई, चाँद तारों की छाव में उनकीठंडक को भाँप नही पाई, चन्द सवाल ही पूछ पाती कि चंदा मामा कितनीदूर है? गोरी कलाइयों में बंधे दूधिया तागे कमजोर पड़ गए थे| पैरो में पड़ी पाज़ेब की खनक छनक से अपने नानी नाना के दिल को मोहने ल



कुछ कुछ - किस्त तीसरी ( व्याकरण - भाषा की, जीवन की : मैं और हम )

***** कुछ कुछ - किस्त तीसरी ***** *** व्याकरण - भाषा की, जीवन की *** ** मैं और हम *



लेख, "वृद्धाश्रम की उपयोगिता: क्यों : कारण और निदान"

लेख, "वृद्धाश्रम की उपयोगिता: क्यों : कारण और निदान"भारतीय परिवेश और भारतीयता अपने दायित्व का निर्वहन करना बखूबी जानती है। जहाँ तक आश्रमों की बात है अनेकों आश्रम अपने वजूद पर निहित दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं जिसमेँ गृहस्ताश्रम, पथिकाश्रम, शिक्षाश्रम, बाल आश्रम, विधवा आश्रम, वृद्धाश्रम, अनाथ आश्र



नजरिया और जीवन

भूमिका : हम देखते हैं, पाते हैं कि अलग अलग व्यक्ति अलग अलग ढ़ंग से, अपने अपने ढ़ंग से ही जीवन जी रहे हैं। बहुत मौटे तौर पर, हम इसको 3 श्रेणी में रख सकते हैं या 3 संभावनाओं के रूप में देख सकते हैं। हरेक के जीवन में हर प्रकार के क्षण आते हैं, उतार चढ़ाव आते हैं, पर कुल मि



"राधेश्यामी गीत" अब मान और सम्मान बेच, मानव बन रहा निराला है।

छंद - द्विगुणित पदपादाकुलक चौपाई (राधेश्यामी) गीत, शिल्प विधान मात्रा भार - 16 , 16 = 32 आरम्भ में गुरु और अंत में 2 गुरु "राधेश्यामी गीत" अब मान और सम्मान बेच, मानव बन रहा निराला है।हर मुख पर खिलती गाली है, मन मोर हुआ मतवाला है।।किससे कहना किसको कहना, मानो यह गंदा नाला है।सुनने वाली भल जनता है, कह



प्रकृति और हम - ( वयस्कों केलिए )

* प्रकृति और हम *(( वयस्कों केलिए गहरा सन्देश लिए ))जब एक पेड़ बीमार होता है, तो क्या करते हैं ??यदि पेड़ प्रिय है, तो उपाय करते हैं;क्या फिर, उसके तने, डालियों, पत्तों का इलाज करते हैं ??या, उसकी जड़ों पर काम करते हैं;चलो इसकी बात करते हैं, इस दिशा में कार्य करते



गुस्सा -- Balance Sheet दर्पण

" गुस्सा -- Balance Sheet दर्पण "हम गुस्सा, करते रहते हैं;और गुस्सा करने को, उचित भी ठहराते रहते हैं;और साथ साथ, यह भी, मानते रहते हैं;कि गुस्सा देता, सिर्फ घाटा;. . . सिर्फ हानी;और होते, कितने नुकसान हैं। .. . इस उलझन को, हम देखते हैं।।1।।.. .जब जब हमारा काम हो जाता है, गुस्सा करने से;सफलता मिल जात



गुस्सा -- Balance Sheet दर्पण

" गुस्सा -- Balance Sheet दर्पण " हम गुस्सा, करते रहते हैं;और गुस्सा करने को, उचित भी ठहराते रहते हैं;और साथ साथ, यह भी, मानते रहते हैं;कि गुस्सा देता, सिर्फ घाटा; . . . सिर्फ हानी;और होते, कितने नुकसान हैं। . . . इस उलझन को, हम देखते हैं।।1।।. . . जब जब हमारा काम हो जाता है, गुस्सा करने से;स



19 नवम्बर अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस और भारत

19 नवम्बर अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस ‘भारत में’ ? डॉ शोभा भारद्वाज 19 नवम्बर को अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस मनाने का चलन 1960 से चल रहा है | पुरूष दिवस की विशेष रूप से शुरुआत त्रिनिदाद एवं टोबागो में की गयी थी अब यह 70 देशों में मनाया जाता है भारत में भी 19 नवम्बर 2007 के दिन सेव इंडियन



जातियां और आज का भारत

आज के भारत में जातियां अस्तित्वहीन हो चुकी है। परन्तु राजनीति बांटने और वोट बैंक बनाने के लिये आज भी इसका भरपूर प्रचार कर रही हैं। इसे रोका जाना चाहिये। भारत सरकार को अब सरकारी फार्मों आदी से जाति का कॉलम हटा देना चाहिये। इसके स्थान पर केवल वर्ग जैसे - साम



शिक्षा के आँसू

अपनों से दो शब्द“जब अनैतिक शक्ति संस्था-प्रधान के सिंहासन में पदास्थापित हो जाती है तोव्यवस्थाएँ तो चरमराती ही हैं, नैतिक शक्ति को अवसर भी नहीं मिलता और इसकानंगा-नृत्य स



आरबीआई की रिपोर्ट : 500 और 1000 के 99.3% पुराने नोट वापस

आरबीआईने आज कहा की, 500 और 1,000 रुपए के नोटों का 99.3 प्रतिशत बैंकिंग सिस्टम में वापस आ गया है| यह दर्शाता है कि बंद नोटों का एक छोटा सा प्रतिशत ही सिस्टम में वापस नहीं आया | काले धन और भ्रष्टाचार को रोकने के उद्देश्य से सरकार ने 8 नवं



"चिन्तन"

एक बेटी इतनी बड़ी हो सकती है की वह आपकी गोद में ना समाये, पर वह इतनी बड़ी कभी नहीं होती की आपके दिल में ना समा सके । एक बेटी, अतीत की खुशनुमा यादें होती है, वर्तमान पलों का आनंद और भविष्य की आशा और उम्मीद होती है । “अज्ञात” एक बेटी को जन्



एक अधूरी कहानी

https://shabd.in/post/id/ ek-adhuri-kahani



कोई लड़की मुझे कल रात सपने में मिली (Koi Ladki Mujhe Kal Raat Sapne Mein Mili )- सीता और गीता

Koi Ladki Mujhe Kal Raat Sapne Mein Mili Lyrics from the movie Seeta Aur Geeta is sung by Asha Bhosle and Kishore Kumar, its music is composed by R D Burman and lyrics are written by Anand Bakshi.सीता और गीता (Seeta Aur Geeta )कोई लड़की मुझे कल रात सपने में मिली (Koi Ladki Mujhe Kal Raat Sapne Mein



ज़िन्दगी है खेल कोई पास कोई फाइल (Zindagi Hai Khel Koi Paas Koi Fail )- सीता और गीता

Zindagi Hai Khel Koi Paas Koi Fail Lyrics of Seeta Aur Geeta (1972): This is a lovely song from Seeta Aur Geeta starring Dharmendra, Hema Malini, Sanjeev Kumar and Asrani. It is sung by Manna Dey and Asha Bhosle and composed by R D Burman.सीता और गीता (Seeta Aur Geeta )ज़िन्दगी है खेल कोई पास कोई फाइ



मैंने शराब पी है (Maine Sharab Pee Hai )- सीता और गीता

Maine Sharab Pee Hai song belongs to the Ramesh Sippy's film Seeta Aur Geeta starring Dharmendra, Hema Malini, Sanjeev Kumar and Asrani. Maine Sharab Pee Hai Lyrics are penned by Anand Bakshi while this track is sung by Lata Mangeshkar.सीता और गीता (Seeta Aur Geeta )मैंने शराब पी है (Maine Sharab P



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