बच्चे

बच्चे को हेल्दी खाना है खिलाना, अपनाएं यह अचूक उपाय

वर्तमान समय में, बच्चे जिस तरह का लाइफस्टाइल जी रहे हैं, उसका सबसे बुरा प्रभाव उन्हीं की हेल्थ पर देखने को मिल रहा है। माॅडर्न युग के बच्चे घर के बने हेल्दी फूड के स्थान पर नूडल्स, बर्गर, पिज्जा आदि खाना ज्यादा पसंद करते हैं। ऐसे में उनका शारीरिक व मानसिक विकास बाधित होने लगा है। अगर आपके घर में भी



“ अंतर्राष्ट्रीय दिवस ‘आक्रमक दुर्व्यवहार के शिकार, मासूम बच्चे ” (International Day of Innocent Children Victims of Aggression) 4 जून

....खिलने से पहले ही मुरझाता बचपन,येशोषित ये कुंठित ये अभिशप्त बचपन....आजके समाज मे बच्चों की स्थिति का अनुमान लगाने के लिए उपरोक्त दो लाइनें ही काफी है। हो सकता है कि बड़े या मध्यम वर्गीय परिवार में रहने वाले बच्चों की स्थिति आपकोसही लग



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बाल श्रम पर कानून

क्या बच्चों को काम पर रखना क़ानूनी है? नहीं, १४ साल से कम उम्र के बच्चों को काम देना गैर-क़ानूनी है; हालाँकि इस नियम के कुछ अपवाद हैं जैसे की पारिवारिक व्यवसायों में बच्चे स्कूल से वापस आकर या गर्मी की छुट्टियों में काम कर सकते हैं l इसी तरह फिल्मों में बाल कलाकारों को का



बच्‍चों से कैसा व्‍यवहार करें

बच्‍चों से कैसा व्‍यवहार करें इस वीडियो में बाल मनोविज्ञान के आधार पर यह बताने का प्रयास किया गया है कि बच्‍चों से कैसे व्‍यवहार करें। बच्‍चों से कैसा व्‍यवहार करें (Bach‍chon se kaisaa v‍yavahaar karen) - YouTube



ममता की दिवार

कही जा रहे थे ! बस में थे , लगातार बरसात के चलते काफी जगह यातायातमें दिक्कत हो रही थी !ट्रैफिक चरम पर था ,साँझ का समय था ! अचानक बस की खिड़की से देखते हुएसमीप ही आकर रुकी स्कुल बस पर नजर पड़ी ,स्कुल बस के स्टॉप पर बहुत सी महिलाओंका झुण्ड अपने बच्चो की प्रतीक्षा कर रहा था !स्कूल बस से बच्चो के उतरते ही



ताकता बचपन .

अब वो नमी नहीं रही इन आँखों में शायद दिल की कराह अब,रिसती नही इनके ज़रिये या कि सूख गए छोड़पीछे अपने  नमक और खूनक्यूँ कि अब कलियों बेतहाशा रौंदी जा रही हैं क्यूंकि फूल हमारे जो कल दे इसी बगिया को खुशबू अपनी करते गुलज़ार ,वो हो रहे हैं तार तार क्यूंकि हम सिर्फ गन्दी? और बेहद नीच एक सोच के तले दफ़न हुए जा



छोटा सा सवाल

भारत हो या कोई भी देश हो हर माता पिता अपने बच्चों को असीम प्रेम करते है जिसका ऋण कोई भी नहींउतार सकता । पर असीम प्रेम करने पर बच्चों पर क्या क्या भीत सकती है शायद वो भी नहीं सोचते । मै एक ऐसा ही वाक्या बताने जा रहा हूँ । यदि आपके 2 बच्चें है और कोई विपत्ति या आपदा आती है जिसमें आप या तो अपने अपने आप



देश के बच्चे

हमारे देश के बच्चे अश्लीलता का शिकार हो रहे हैं इसका वजह सिर्फ बॉलीवुड है |और एक बात और है कि आज के बच्चे सभ्यता से बेखबर हैं कहने का मतलब अंग्रेज की औलाद जैसे कुछ भी स्वदेशी नहीं सिर्फ विदेशी कपड़ा विदेशी ,चप्पल विदेशी और घर भी विदेशी ,पत्नी विदेशी जैसी लटके -झटके वाली ये है हमारे देश की नयीं पीढ़



मासूम मुसकानें..

शाम का धुंधलका था। एक चौराहे पर मेरा रिक्शा आकर रुका। अपने रोज़-मर्रा के सोच विचार में डूबी थी; आज ऑफिस में क्या हुआ, इसने ऐसा क्यूँ कहा, उसने वैसा क्यूँ किया, घर जाकर क्या खाना बनाना है। तभी अचानक खिलखिलाहट सुनाई दी। झांक कर बाहर देखा तो बगल में एक स्कूल बस रुकी थी और बच्चे मेरा ध्यान अपनी तरफ आकर्ष





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