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लहरों जैसे बह जाना

लहरों जैसे बह जाना ✒️मुझको भी सिखला दो सरिता, लहरों जैसे बह जानाबहते - बहते अनुरागरहित, रत्नाकर में रह जाना।बड़े पराये लगते हैंस्पर्श अँधेरी रातों मेंघुटनयुक्त आभासित होलहराती सी बातों मेंजब तरंग की बलखातीशोभित, शील उमंगों कोक्रूर किनारे छूते हैंकोमल, श्वेत तमंगों कोबंद करो अब और दिखावे, तटबं



रक्षाबंधन, 26-8-18राखी का त्यौहार प्रिय, प्रिय बहना का स्नेह।

रक्षाबंधन, 26-8-18 भाई-बहन के पवित्ररिश्ते को अपने आँचल में छूपाये हुए इस महान पर्व रक्षाबंधन के अनुपम अवसर पर आपसभी को दिल से बधाई व मंगलमयी शुभकामना,ॐ जय माँ शारदा.....!“चतुष्पदी” राखी का त्यौहारप्रिय, प्रिय बहना का स्नेह। पकड़ कलाई वीर की, बाँध रही शुभ नेह। थाली कंकू से भरी, सूत्र रंग आशीष- रक्षा



ऐसी मेरी एक बहना है

ऐसी मेरी एक बहना हैनन्ही छोटी सी चुलबुल सीघर आँगन मे वो बुलबुल सीफूलो सी जिसकी मुस्कान हैजिसके अस्तित्व से घर मे जान हैउसके बारे मे क्या लिखूवो खुद ही एक पहचान हैमै चरण पदिक हू अगर वो हीरो जड़ा एक गहना हैऐसी मेरी एक .बहना है………..कितनी खुशिया थी उस पल मेजब साथ-२ हम खेला करतेछोटी छोटी सी नाराजीतो कभी





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