बेटियां

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भारतीय बेटियों के लिए चल रही हैं 5 मुख्य सरकारी योजनाएं, पूरी जानकारी के बाद ही उठाएं लाभ

भारत में लड़कियों को देवी मां का स्वरूप कहा जाता है और यहां पर साल में दो बार 9-9 दिन इन लड़कियों की खूब अराधना की जाती है। मगर जहां एक ओर बेटियों की पूजा होती है वहीं दूसरी ओर लोग उन्हें हमेशा गलत निगाहों से ही देखते हैं। बेटी के जन्म पर ही माता-पिता को उनकी शादी से जुड़ी चिंताएं होने लगती हैं क्यो



घर

लडकिया चिडिया होती हैं, पर पंख नही होते लडकियों के। मायके भी होते हैं, ससुराल भी होते हैं; पर घर नहीं होते लडकियों के। माँ-बाप कहते हैं बेटियां तो पराई हैं, ससुराल वाले कहते है कि ये पराये घर से आई हैं। भगवान! अब तु ही बता- ये बेटियां किस घर के लिए तुने बनाई हैं। <!-



घर

लड़किया चिड़िया होती हैं, पर पंख नही होते लडकियों के। मायके भी होते हैं, ससुराल भी होते हैं; पर घर नहीं होते लडकियों के। माँ-बाप कहते हैं बेटियां तो पराई हैं, ससुराल वाले कहते है कि ये पराये घर से आई हैं। भगवान! अब तु ही बता- ये बेटियां किस घर के लिए तुने बनाई हैं। <!--/data/user/0/com.samsung.andr



सामाजिक समरसता

29 जून 2017 का एक चित्र मुझे परेशान किये था। राजकोट में प्रधानमंत्री का 9 किलोमीटर लम्बा रोड शो लोग अनुमानित ख़र्च 70 करोड़ रुपये तक बता रहे हैं। 9 जुलाई 2017 का दूसरा





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