अन्नकूट पर्यावरण प्रेम ,एवं मिल बाँट कर खाने का अनुपम पर्व

अन्नकूट पर्यावरण प्रेम, एवं मिल बाँट कर खाने का अनुपम पर्व डॉ शोभा भारद्वाज वर्षा ऋतू समाप्त चुकी थी हर तरफ हरियालीही हरियाली थी गोकुल में घर घर उत्सव कीतैयारी चल रही थी कान्हा ग्वाल बालों के साथ संध्या को घर लौटे सोच मग्न इधर उधर



और कितनी दूर

और कितनी दूरपूछू गर एक सवाल माँ से मै कौन हूँ, कहाँ से आया हूँ?यह शायद ही माँ बता पाए तू कौन हैं, कहाँ से आया हैं?बस वह अपनी व्यथा ही कह सकती, तू कैसे आया हैं?हैं इश्क हमे उनसे बस एक रात का, हम बिस्तर हुए| रात याद हैं मुझे जबसे धड़कने बढ़ी,और तू बढने लगा|हा मेरी कोख मे



भोजपुरी एक्ट्रेस Akshara Singh का बयान, इंडस्ट्री के आधे मर्द हैं उनके पीछे!

भोजपुरी सिनेमा की जानी मानी एक्ट्रेस akshara singh अब सिंगर भी बन गई हैं। भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह के साथ इनकी जोड़ी खूब जमती है और amrapali dubey को काफी टक्कर दे रही हैं लेकिन आजकल वे बहुत परेशान चल रही हैं। अब वजह क्या है ये



भोजपुरी गीत

"भोजपुरी गीत"चल चली वोट देवे रीति बड़ पुरानीनीति संग प्रीति नौटंकी भई कहानी.......लागता न लूह, न शरम कौनो बाति केघूमताटें नेता लोग दिन अउर राति केकेके देई वोट केकरा के गरिआईंउठल बाटें कई जनी हवें अपने जाति केलोगवा के मानी त होई जाई नादानीनीति संग प्रीति नौटंकी भई कहानी.......चल चली वोट.....भागु रे पत



गर्मी को मात देते हैं यह आहार, अवश्य करें डाइट में शामिल

पारा इन दिनों पूरे चरम पर है। मौसम में तपिश को आसानी से महसूस किया जा सकता है। ऐसे में जरूरत होती है शरीर को भीतर से ठंडा रखने की। इसमें आपका खानपान एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। तो चलिए आज हम आपको ऐसे कुछ खाद्य पदार्थों के बारे में बता रहे हैं, जो गर्मी को मात देने के साथ-साथ आपको ठंडा रखते है



डिनर स्किप करने से हो सकते हैं आप बेहद बीमार

अमूमन देखने में आता है कि जो लोग अपना वजन कम करने की फिराक में रहते हैं, वह अधिकतर रात का खाना स्किप कर देते हैं। ऐसे लोगों का मानना होता है कि ऐसा करने से कैलोरी काउंट कंट्रोल में रहता है और जिससे वजन नहीं बढ़ता। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो देर रात तक काम करते हैं और फिर बिना खाना खाए ही सो जाते



“कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली” जानिए कैसे बनी ये कहावत, कौन है गंगू तेली ?

“कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली” ये कहावत तो आपने कई बार सुनी होगी, कभी किसी पर तंज कसते हुए, तो कभी गोविंदा के गाने में. साफ़ शब्दों में कहा जाए तो हज़ारों बार आप ये कहावत आम बोलचाल में सुन चुके होंगे. कई बार इसका इस्तेमाल किसी छोटे व्यक्ति की बड़े व्यक्ति से तुलना के लिए किया जाता है. भले ही ये कहावत म



काम में चक्कर में डिनर में न करें देरी, होंगे यह बड़े नुकसान

आज के समय में लोग जिस तरह का लाइफस्टाइल जी रहे हैं, उसका सीधा प्रभाव उनकी सेहत पर पड़ रहा है। न तो हेल्दी ईटिंग हैबिट्स लोगों में हैं और न ही भोजन करने का कोई निश्चित समय। दिन में भले ही देर से भोजन किया जाए लेकिन अगर काम के चक्कर में डिनर के समय में भी लापरवाही बरती जाए तो इसका हर्जाना आपकी हेल्थ को



इन भोजन को एक साथ खाना पड़ सकता है सेहत पर भारी

भोजन को यदि शरीर का ईंधन कहा जाए तो गलत नहीं होगा। भोजन का काम सिर्फ पेट भरना ही नहीं होता, बल्कि इसके जरिए शरीर को वह सभी पोषक तत्व प्राप्त होते हैं, जो शरीर के सही प्रकार से कार्यसंचालन के लिए आवश्यक होते हैं। इतना ही नहीं, अगर भोजन का चयन और उसका सेवन करते समय कुछ बातों का ध्यान दिया जाए तो कई तर



"भोजपुरी गीत" साँझे कोइलरिया बिहाने बोले चिरई जाओ जनि छोड़ी के बखरिया झूले तिरई....... साँझे कोइलरिया बिहाने बोले चिरई

भोजपुरी गीत, मात्रा भार-24, मुखड़ा समान्त- ए चिरई, अंतरा समान्त- क्रमशः खटिया,जनाना, जवानी,"भोजपुरी गीत"साँझे कोइलरिया बिहाने बोले चिरईजाओ जनि छोड़ी के बखरिया झूले तिरई....... साँझे कोइलरिया बिहाने बोले चिरईदेख जुम्मन चाचा के अझुराइल खटियाहोत भिनसारे ऊ उठाई लिहले लठियागैया तुराइल जान हेराइ गईल बछवाखो



अन्नकूट गोवर्धन पूजा , 56 तो नहीं 33 साधारण पकवानों द्वारा आयोजित सामूहिक भोज

अन्नकूटगोवर्धन पूजा का आयोजन 56 तो नहीं 33 साधारण पकवान द्वारा आयोजित सामूहिक भोजडॉ शोभा भारद्वाज हम मथुरा के निवासी अन्नकूट ,गोवर्धन पूजा के लिए बहुत समवेदन शीलहैं मैने 10 अन्नकूट विदेश में श्रद्धा भक्ति से मनाये मुस्लिम देश था लेकिनसभ



VIDEO: धमाल मचा रहा पीएम मोदी पर बना यह भोजपुरी गाना, छा गए अरविंद अकेला कल्लू

भोजपुरी फिल्म के सुपरस्टार अरविंद अकेला कल्लू के गाने आए दिन इंटरनेट पर वायरल होते रहते हैं. इसी क्रम में उनका एक और गाना 'मोदी योगी के सरकार' वायरल हो रहा है. कल्लू ने यह गाना पीएम मोदी के लिए गाया है. कल्लू का यह गाना पीएम मोदी के जन्मदिन पर बनाया गया. कल्लू से हुई बातचीत के दौरान उन्होंने बताया क



“भोजपुरी गीत” कइसे जईबू गोरी छलकत गगरिया, डगरिया में शोर हो गइल

“भोजपुरी गीत”कइसे जईबू गोरीछलकत गगरिया, डगरिया में शोर हो गइलकहीं बैठल होइहेंछुपि के साँवरिया, नजरिया में चोर हो गइल...... बरसी गजरा तुहार, भीगी अँचरा लिलार मति कर मन शृंगार, रार कजरा के धारपायल खनकी तेहोइहें गुलजार गोरिया मनन कर घर बार, जनि कर तूँ विहार,कइसे विसरी धनापलखत पहरिया, शहरिया अंजोर हो गइ



नायका बारिस

नायका बरिस लेके आईल बहार हो नाया नाया होई हजार धमाल हो | मन के भीतरिया ख़ुशी के उमंग आकाश में चमके सतरंगी पतंग |दईब करस कुछु अईसन कमालजिनगी में हो जाये खुशी के बहाल |देशवा में होता कईसन बवाल ओराजाय दुःख बिपत के ईनार |देस



अज्ञानी शिक्षकगण

इस शब्द का मतलब सभी अच्छी तरह से समझाते है |लेकिन ये शब्द सिर्फ झारखण्ड ,यूपी ,एमपी ,राजस्थान ,बिहार ,छ.ग ,उत्तराखंड ,दिल्ली ,हरियाणा आदी जैसे राज्यों के हिंदी माध्यम के शिक्षक लिए है| ये बच्चो को बताते हैकी हिंदी हमारी मातृभाषा है , तो



आईनी काशी

मोदी आईनी काशी हई उहा कS भारत बासी भारत के मिलता पहचान अब कशी बनता भारत के शान अबकशी करे निहोरा अब भोजपुरी के सम्मान करS पूरा देश बिदेश में डंका बाजल पूरा हिन्द के शोर गुजल अबले कशी धम्म के नगरीमोदी कईनी आपन करम के नगरीकशी से बाटे मोदी के नाता मोदी भईनी भारत के भाग्यबिधा



“भोजपुरी लोकगीत” कइसे जईबू गोरी छलकत गगरिया, डगरिया में शोर हो गइल

“भोजपुरी लोकगीत”कइसे जईबू गोरी छलकत गगरिया, डगरिया में शोर हो गइलकहीं बैठल होइहें छुपि के साँवरिया, नजरिया में चोर हो गइल...... बरसी गजरा तुहार, भीगी अँचरा लिलार मति कर मन शृंगार, रार कजरा के धारपायल खनकी ते, होइहें गुलजार गोरिया मनन कर घर बार, जनि कर तूँ विहारकइसे विसरी



किस प्रकार का भोजन लाभदायक होता है

किस प्रकार का भोजन लाभदायक होता है आज की वीडियो में यह बताएंगे कि किस प्रकार का भोजन लाभदायक होता है।यदि अभी तक आपने हमारे चैनल को सबस्‍क्राईब नहीं किया है तो अवश्‍य करें और नयी ज्ञानवर्धक, प्रेरणास्‍पद् और मनोरंजक वीडियो की जानकारी पाएं।Share, Support, Subscribe!!!Subs



इंसानों के लायक नहीं है रेलवे का खाना, ट्रेन-स्टेशन बेहद गंदे

 कैग की एक रेलवे पर एक रिपोर्ट शुक्रवार को संसद में पेश की गई। इसमें कहा गया है कि रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में मिलने वाला खाना इंसानों के खाने लायक नहीं है। कैग ने 74 स्टेशंस और 80 ट्रेनों में जांच के बाद



न्योता

दोपहर टीवी चलाया तो समाचार मे गुजरात पर दलितों पर हुए अत्याचार पर बहस चल रही थी. देखते देखते मन 70 के दशक मे चला गया. अपने गाँव जिबलखाल, जिला पौड़ी गढ़वाल में चाचाजी के घर की पूजा समारोह की याद आ गई.हमारा गाँव जिबलखाल, तहसील लैंसडाउन से थोड़ी दूरी पर है. दस बारह घरों का छो



आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x