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लोकतंत्र .......?

कैसा है ये लोकतंत्र ?जहाँ जनता है, ओछी मानसिकता और भ्रष्ट राजनीति की शिकार !यहाँ हर दिन नया मुद्दा , मुद्दे पर बहस होती है ,मरती है तो केवल जनता , राजनीति आराम से सोती है। त्रस्त हो चुकी है जनता , अवसाद की शिकार, मासूम जल रहे हैं या जला दिए जा रहे हैं। इंसानियत को गिरता देखकर भी हम गूंगे , बहरे ब



संस्कृति का सच और अश्लीलता पर हल्ला

(जो देश चांदतारों, मंगल पर पहुंच कर इठला रहे हैं,विज्ञान के नए-नए आविष्कार कर देश के लिए खुशियां समेट रहे हैं,उन की तुलना में हम कहां हैं ? पढ़ कर आप कीआंखें खुली की खुली रह जाएंगी ।)अधिकतरभारतीय जानते ही नहीं कि, संस्कृति है क्या ? जिसे वे अपनी संस्कृति बता रहेहैं, क



यूपी में फ्लाईओवर गिरा, और अधिकारियों को पहले से पता था कि ये गिरेगा!

15 मई को वाराणसी में एक फ्लाईओवर गिर गया था. 18 लोगों की मौत हो गई थी. लोग इस घटना को भूले भी नहीं थे कि यूपी में एक और फ्लाईओवर गिर गया है. अबकी बार घटना घटी है वाराणसी से 200 किलोमीटर दूर बस्ती में. बस्ती जिले के पास फुटहिया इलाके में, जहां से लखनऊ-गोरखपुर नेशनल हाईवे-2



बिजली विभाग के इस साधारण लाइनमैन के पास कितनी दौलत है, जानेंगे तो चकरा जाएंगे

लाइनमैन जानते हैं. बिजली विभाग का वो कर्मचारी, जो बिजली की तार लगाता है. उसकी देखभाल करता है. सरकारी बिजली महकमे में काम करने वाले एक लाइनमैन की औसत तनख्वाह शायद 13-14 हजार होती है. ऐसे वेतन में भी एक लाइनमैन अरबपति बन गया. ये लाइनमैन है आंध्र प्रदेश बिजली विभाग का. उसके



काश

काश भ्रष्टाचार न होता ,फिर भलों का दिल न रोताकानून ढंग से काम करता, काश भ्रष्टाचार न होता। लोकतंत्र भ्रष्ट न होता, रिश्वत का तो नाम न होता संसद ढंग से काम करता काश भ्रष्टाचार न होता।होता चहुँ और निष्पक्ष विकासफैलता स्वतं



सरकारी बंद लिफ़ाफ़ा

एक एनजीओ की याचिका परमाननीय सर्वोच्च न्यायालय नेभारत सरकार को आदेश दिया केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कल 105 क़ानून बनाने वाले आदरणी



“न्यायपालिका में भ्रष्टाचार या अवहेलना न्यायालय की”? - उत्कर्ष श्रीवास्तव

न्याय का अर्थ है नीति-संगत बात अर्थात उचित अनुचित का विवेक | वात्स्यायन ने न्याय सूत्र में लिखा है- “प्रमाणैर्थपरीक्षणं न्यायः“ अर्थात प्रमाणों द्वारा अर्थ का परिक्षण ही न्याय है | भारतीय संविधान ने प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार प्रदान किय



तिरंगे के आड़ में (कविता)

तिरंगे के आड़ में तिरंगे के आगे सर उठाते होऔर भ्र्ष्टाचार में गिर जाते हो जन - गण का गान भी गाते हो और मिथ्या लबों पे लाते हो वीर - शहीदों पर श्रद्धा - सुमन लुटाते हो और दिल में कुस्वार्थ बसाते होलोकतंत्र में सेवा दिखाते हो और जनता से कर चुकवाते हो पर एक तिरंगा और राष्



गांधी का भारत या गोडसे का भारत

दिनांक19मई2012 आजकल देश में चर्चाओ का एक दौर है जिसमे गांधी की जम के बुराई हो रही है , उन्हें आज देश की सारी समस्याओं की जड़ के रूप में देखा जाने लगा है , तथ्य भी है , साक्ष्य भी जुटाए जा रहे है , सूचना के अधिकार का प्रयोग भी हो रहा है , पर प्रश्न यह है की इस सबसे क्या



मोदी सरकार में लोगों ने भ्रष्टाचार की सबसे ज्यादा शिकायतें किस विभाग को लेकर की

मोदी सरकार में लोगों ने भ्रष्टाचार की सबसे ज्यादा शिकायतें किस विभाग को लेकर की - नई दिल्ली : इंडिया संवाद ब्यूरोनई दिल्ली : भले केंद्र में नरेन्द्र मोदी की अगुवाई वाली सरकार सिस्टम के तंदुरस्त होने की बात कर रही है लेकिन लोगों की परेशानियां अब भी ज्यों की त्यों बनी हुई हैं। लोकसभा में एक सवाल के ज



जानिए, देश के कुछ बड़े घोटाले, जिसमें मंत्री खा गए देश की जनता का तीन लाख करोड़ से ज्यादा

देश में यूं तो समय-समय पर कई घोटाले हुए, मगर कुछ घोटाले इतने बड़े रहे कि वे भुलाए नहीं भूलते। इसमें केंद्रीय मंत्रियों से लेकर बड़े नौकरशाह शामिल रहे। हम आपको कुछ बडे़ घोटालों से रूबरू करा रहे। जिसमें जनता का तीन लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का पैसा नेता-नौकरशाह मिलकर खा गए। कोयला घोटाले 1.86 लाख करोड़





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