बोल



चायना को जाना ( चीन )

चायना को जाना (चीन) डॉ शोभा भारद्वाज जिस तरह करोना वायरस चीन में महामारी का रूप ले रहा था चीन की सरकार का रोग कीरोकथाम की कोशिश भी सराहनीय रही रोंज दो से तीन हजार तक केस आते थे अब संख्या 300तक पहुंच गयी है |यहाँ का बुहान शहर यांगत्जी नदी के किनारे बसा चीन का सातवाँ बड़ाएवं ओद्योगिक शहर है विश्व की



भविष्य की आवाज।

भविष्य की आवाज।जुबा चुप ही सही सत्य बोलताहैं, गरीब ही अमीरी को जानता हैं।लम्हे कितने भी दुख भरे होजीवन की राह मे, चलते रहो मंजिल की तरफ। जिसे मजदूर अपनी जरूरत समझताहैं, अमीर उसे अपना सौक समझता हैं।मोटा दाना खाने वाले को दिमागसे मोटा कहते हैं,चना खाकर घोड़ा दौड़ता हैं।मक



कलम आज उनकी जय बोल

कलम आज उनकी जय बोलपहले मन की गांठों को खोलराष्ट्र की अस्मिता बड़ी अनमोलबचाई है जिन्होंने देश की लाजकलम आज उनकी जय बोलआज कोई श्रृंगार मत लिखिएसावन गीत, मल्हार मत लिखिएवीर पुराण रच डालिए दिल खोलकलम आज उनकी जय बोलधूल चटा देना बैरी को रण मेंआस्तित्व मिला दो अब कण मेंफिर से कर दी नैया डांवाडोलकलम आज उनकी



भाषा

भाषा है हर संवाद के लिए जरूरी, फिर क्यों बनें अंग्रेजी जरूरी? अपनी निज भाषा, क्यों बनें तमाशा? शब्दों के अर्थ में बंधकर, बोले जो भी भाषा, वहीं है अपनी आशा संवाद के लिए जरूरी है जितनी भाषा, खुद को सुनाने के लिए भी, जरूरी है अपनी भाषा। चहुंओर लड़ाई है, कहीं क्षेत्रवादिता, कहीं भाषावादिता, वाद, विवा



"छंद मुक्त गीतात्मक काव्य" जी करता है जाकर जी लू बोल सखी क्या यह विष पी लू

"छंद मुक्त गीतात्मक काव्य"जी करता है जाकर जी लूबोल सखी क्या यह विष पी लूहोठ गुलाबी अपना सी लूताल तलैया झील विहारकिस्मत का है घर परिवारसाजन से रूठा संवादआतंक अत्याचार व्यविचारहंस ढो रहा अपना भारकैसा- कैसा जग व्यवहारजी करता है जाकर जी लूबोल सखी क्या यह विष पी लूहोठ गुलाबी अपना सी लू।।सूखी खेती डूबे बा



"मुक्त काव्य" जी करता है जाकर जी लू , बोल सखी क्या यह विष पी लू

"मुक्तकाव्य" जी करता है जाकर जीलूबोल सखी क्या यहविष पी लूहोठ गुलाबी अपना सीलूताल तलैया झीलविहारसुख संसार घरपरिवारसाजन से रूठा संवादआतंक अत्याचारव्यविचारहंस ढो रहा अपनाभारकैसा- कैसा जगव्यवहारहोठ गुलाबी अपना सीलूबोल सखी क्या यहविष पी लू॥ डूबी खेती डूबेबाँधझील बन गई जीवन साधसड़क पकड़ती जबरफ्तारहो जाता जी



“कुंडलिया” पढ़ना- लिखना, बोलना, विनय सिखाते आप।

शिक्षक दिवस, 05-09-2018 के ज्ञान शिरोमणि अवसर पर सर्व गुरुजनों को सादर नमन, वंदन व अभिनंदन “कुंडलिया”पढ़ना- लिखना, बोलना,विनय सिखाते आप। हर अबोध के सारथी, वीणा के पदचाप॥ वीणा के पदचाप, आप शिक्षक गुरु ज्ञानी। खड़ा किए संसार, बनाकर के विज्ञानी॥ कह गौतम कविराय, सिखाते पथपर बढ़ना। सृजन रंग परिधान, सु-सृष्ट



जब से देखि है - बोल बच्चन

बोल बच्चन -2012 की फिल्म सेब से देखी है गीत के साथ पढ़ें और गाएं जो मोहित चौहान द्वारा गाया जाता है। आप बोल बच्चन से अन्य गाने और गीत भी प्राप्त कर सकते हैं।बोल बच्चन (Bol Bachchan )जब से देखि है की लिरिक्स (Lyrics Of Jab Se Dekhi Hai )जब से देखि है झलक तुम्हारीया अल्लाहजब से देखि है झलक तुम्हारी



चलाओ ना नैनों से - बोल बच्चन

बोल बच्चन फिल्म से चालो ना नैनो से गीत हिमेश रेशमिया, श्रेया घोषाल और राहत फतेह अली खान द्वारा गाया जाता है, इसका संगीत हिमेश रेशमिया द्वारा रचित है और गीत शबीर अहमद द्वारा लिखे गए हैं।बोल बच्चन (Bol Bachchan )चलाओ ना नैनों से की लिरिक्स (Lyrics Of Chalao Na Naino Se )चलाओ ना नैनों से बाण रेजान ल



बोल बच्चन (Bol Bachchan )

बोल बच्चन 1 9 7 9 की हिट बॉलीवुड फिल्म गोल माल से प्रेरित हिंदी कॉमेडी फिल्म है। रोहित शेट्टी ने अजय देवगन, असिन अभिषेक बच्चन, निर्माता अजय देवगन और ढिल्लिन मेहता के लिए अभिनीत फिल्म निर्देशित किया है। बोल बच्चन के चार गाने में से तीन हिमेश रेशमिया द्वारा रचित हैं और एक अजय-अतुल द्वारा है। अमिताभ बच



होना था प्यार - बोल

बोना फिल्म से होना था प्यार गीत आतिफ असलम, हादीका किआनी और फैजा मुजाहिद द्वारा गाया जाता है, इसका संगीत आतिफ असलम द्वारा रचित है और गीत इमरान रजा द्वारा लिखे गए हैं।बोल (Bol )होना था प्यार की लिरिक्स (Lyrics Of Hona Tha Pyaar )होना था प्यारहोना था प्यारतेरे दिल के शहर मेंघर मेरा हो गयाथामे दिलों



दिन परेशां है - बोल

दीन परेशेश है गीत शोएब मंसूर की फिल्म बोल से संबंधित है, जो आतिफ असलम, इमान अली, महिरा खान और हुमाइमा मलिक अभिनीत हैं। दीन परेशेश है गीत सज़ाद अली और अली मोएन द्वारा लिखे गए हैं, जबकि यह ट्रैक सज्ज अली द्वारा गाया जाता है।बोल (Bol )दिन परेशां है की लिरिक्स (Lyrics Of Din Pareshan Hai )दिन परेशां



मुमकिन है - बोल

बोल से मुमकिन है गीत: यह शोएब हैदर और अहमद जहांज़ेब द्वारा शोएब मंसूर द्वारा अच्छी तरह से तैयार संगीत के साथ एक बहुत अच्छा गाया गया गीत है। मुमकिन हैई के गीत शोएब मंसूर द्वारा खूबसूरती से लिखा गया है।बोल (Bol )मुमकिन है की लिरिक्स (Lyrics Of Mumkin Hai )मुमकिन हैख्वाहिशों का करार मुमकिन हैइक नयी



बोल (Bol )

'बोल' एक 2011 हिंदी फिल्म है जिसमें आतिफ असलम, इमान अली, महिरा खान, हुमाइमा मलिक, शाफकत चीमा, मांजर सहबाई, जैब रहमान और अमृत कश्मीरी प्रमुख भूमिका निभाते हैं। हमारे पास 3 गाने के गीत और बोल का एक ट्रेलर है। शोएब मंसूर, सज़ाद अली और आतिफ असलम ने अपना संगीत बना लिया है। शुजा हैदर, अहमद जहांजबेब, सज्जद



“गीतिका” हो इजाज़त आप की तो दिल कि बातें बोल दूँ

मापनी-२१२२ २१२२ २१२२ २१२ समांत- ओल पदांत- दूँ“गीतिका” हो इजाज़त आप की तो दिल कि बातें बोल दूँ बंद हैं कमरे अभी भी खिड़कियों को खोल दूँ उस हवा से जा कहूँ फिर रुख इधर करना कभी दूर करना घुटन मंशा जगह दिल अनमोल दूँ॥ खिल गई है रातरानी महक लेकर बाग की हर दिशा गुलजार करती रंग महफि



“मुक्तक” जब गीत मीत गाए मन काग बोल भाए।

छंद–दिग्पाल (मापनी युक्त) मापनी -२२१ २१२२ २२१ २१२२ “मुक्तक” जब गीत मीत गाए मन काग बोल भाए। विरहन बनी हूँ सखियाँ जीय मोर डोल जाए। साजन कहाँ छुपे हो ले फाग रंग अबिरा- ऋतुराज बौर महके मधुमास घोल जाए॥-१ आओ न सजन मेरे कोयल कसक रही है। पीत सरसो फुलाए फलियाँ लटक रही है। महुवा



“बिग-स्क्रीन” पर धर्म के नाम पाखण्ड

फिल्मेंसमाज का दर्पण होती है, अक्सर कहा जाता है । फिल्मों के माध्यम से समाज



70वें स्वतन्त्रता दिवस की ‘नई सुबह’ लाल किले से पाकिस्तान के खिलाफ मोदी जी की हुंकार (बलूचिस्तान ) पार्ट 1

70वें स्वतन्त्रता दिवस की ‘नई सुबह’ लाल किले से पाकिस्तान के खिलाफ मोदी जी की हुंकार (बलूचिस्तान ) डॉ शोभा भारद्वाज 3 जून 1947 भारत के विभाजन प्लान के अनुसार हिंदुस्तान और पाकिस्तान दो राष्ट्रों का नि



प्रभावी सत्य

यूँ तो आदर्श रूप में सत्य सिर्फ सत्य होता है इसके आगे किसी विशेषण की आवश्यकता नहीं।  फिर भी इस बात से फर्क पड़ता है सत्य कहाँ बोला जा रहा है ,किस उद्देश्य से बोला जा रहा है और किसके द्वारा बोला जा रहा है । कानून की प्रक्रिया में सत्य का अलग महत्व है और समाज और देश काल में अलग। समाज और परिवार में यदि



प्रतीकात्मकता

प्रतीकात्मकता  हम प्रतिवर्ष सितंबर माह में हिंदी दिवस, हिंदी सप्ताह या फिर हिंदी पखवाड़ा मनाते हैं. साल भर की हिंदी के प्रति जिम्मेदारी एक दिन , एक सप्ताह या फिर एक पखवाड़े में निपटा देते हैं. फिर साल भर हिंदी की तरफ देखने की जरूरत ही नहीं है. हिंदी के इस पर्व में बतियाने, भाषणबाजी करने या फिर कुछ प



आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x