बल बुद्धि विद्या निधान श्री हनुमान

बल बुद्धि विद्या निधान श्री हनुमान डॉ शोभा भारद्वाज ब्रम्हा सृष्टि का निरंतर निर्माण कर रहे थे | सृष्टि निर्माण से लेकर अब तक जीवन को चलाने वाली वायू प्राणियों के जीवन काआधार है जीवधारी हवा में साँस लेते है वृक्ष एवं पेड़ पौधे वायु को शुद्ध करते हैं |मंद पवन बह रही



और बचा लो इज़्ज़त - बेटी तो फालतू है ना

छेड़खानी महिलाओं विशेषकर स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं के साथ प्रतिदिन होने वाला अपराध है जिससे परेशानी महसूस करते करते भी पहले छात्राओं द्वारा स्वयं और बाद में अपने परिजनों को बताने पर उनके द्वारा दरकिनार कर दिया जाता है किन्तु यही छेड़खानी कभी छात्रा के विरोध य



आप ही सोंचिये

एक देश में दो राजा थे, एक अँधा और एक काना. उस देश में 40 प्रतिशत ऐसे लोग थे जो अंधे थे, 40 प्रतिशत ऐसे थे जो काने थे, और 20 प्रतिशत लोगो की दोनो आँखे ठीक थी.अंधे लोग कानो से नफ़रत करते थे, काने अंधो से, और आँख वाले लोग अंधे और काने दोनो



गीता ज्ञान

ब्रह्म ,ब्रह्मा और ब्राह्मण का अर्थ कितने प्रतिशत लोग जानते है . मेरे अनुमान से शायद करोड़ो में एक इसका सच्चा अर्थ जाननेवाला है . अपने आप को हिन्दू कहने वाले क्या हिन्दू का अर्थ या हिन्दू की परिभाषा जानते है .विश्व में कोई भी हिन्दू धर्म नहीं है . हिन्दू धर्म अपने आप में कुछ भी नहीं है . भारत वर्ष मे



आश्चर्य की बात

अहन्यहनि भूतानि गच्छन्तहि यमालयम ।शेषा:स्थावरमिच्छ्न्ति,किमाश्चर्यमत:परम् ।।- हम देख रहे हैं कि प्रतिदिन प्राणी मृत्यु के मुख में समा रहे है जो उत्पन्न हुए हैं वे मर रहे हैं फिर भी जो शेष हैं ।वे सोचते हैं कि हम सदा जीवित रहेंगे,इससे बढ़कर और क्या आश्चर्य की बात हो सकती है।



ज्ञान बुद्धि का बल हैं!

    ज्ञान जितना पा लो कम है। प्रतिदिन अनेक किताब प्रकाशित होती हैं, सभी तो कोई पढ़ नहीं सकता। ज्ञान से बुद्धि बल बढ़ता है। बुद्धि का बल सबसे बड़ा है। ज्ञान से बुद्धि बल बढ़ता है और बुद्धि में विवेक जागता है। विवेक सम्‍मत बुद्धि से हम सभी सम्‍ास्‍याओं एवं शंकाओं का समाधान कर पाते हैं। इसलिए ज्ञान की म



आज का ज्ञान

मोह सबसे बुरा रोग है। ये हमें कई बार उन चीजों से भी अलग नहीं होने देता जो भविष्य में हमारे लिए ही विनाशकारी हो सकती हैं। - वेद व्यास



खली-पीली बेकार ख्याली बातों से

खाली-पीली बेकार ख्याली बातों से, दिन अपने न बदलो काली रातों से । यारा तेरे ज़ख्म एक दिन भर जाएंगे, अच्छे मरहम भी मिलते  हालातों से।  उठो तुम्हें लड़ना होगा तूफानो से, न घबराना मौसम की बरसातों से।  जब तक सूरत नहीं बदलती देखेंगे ,जंग रहेगी तख्त-ताज गलियारों से। तरकश में हैं तीर अभी उम्मींदों के,  सूरज न



Homeopathy-My talk With you-मेरी बात आपके साथ

My talk With you-मेरी बात आपके साथ -लगभग पिछले पैतालीस वर्षो से मै होम्योपैथी चिकित्सा जगत से जुड़ा हुआ हूँ इस बीच मुझे लाखो रोगियों की सेवा करने का सुअवसर मिला है -यद्यपि होम्योपैथी के सिधान्तों के अनुसार प्रत्येक रोगी अपनी एक अलग छाप रखता है तथा उसकी चिकित्सा सामूहिक आधार पर न होकर व्यक्तिगत आधार प



बच्चा बात नहीं मानता

जब भी कभी अभिभावकों से मिलना होता है तब कई बार वे यही कहते हैं , क्या करें बच्चा हमारी बात ही नहीं मानता । हम  कक्षा में बैठे हुए बच्चे के उठने - बैठने के ढंग , उसके बोलचाल के ढंग से आसानी से  उसके घर के तौर तरीकों के बारे में जान जाते हैं. बच्चा कक्षा में ऊँचे स्वर में बोलता है , अभद्र भाषा का प्रय



गर्व की बात - garv ky baat

हिंदी भाषी राज्यों में, दुकानों आदि के जितने भी बोर्ड दिखाई देते हैं, उनमें लिखे हुए पूरे बोर्ड में एक आधा शब्द तो अंग्रेजी का जरूर रहता है। जैसे:संजय सर्विस स्टेशनअजय मेडिकल स्टोरविजय कॉपी सेंटरजय बुक शॉपसंजना माॅलबबलू हेयर कटिंगशिवा बार एंड होटलगणेश लॉजज्योति हॉस्पिटल आदि।सिर्फ एक ही बोर्ड ऐसा नजर



इन बातो पे अमल करे ---------

1🚩अपने साथ और लोगो को भी जोड़ो।2🚩संगठन बढ़ाते चलो।3🚩गली मुहल्ले मे 10-12 लोगो का समुह बनवाओ।4🚩उन्हे प्रेरित करो कि वो अपने एरिए पर नजर रखे, लोगो को जगाए कट्टर हिन्दूबनाने के लिए5🚩खुदको शारीरिक और मानसिक रुप से मजबुत करने के लिए शाखा या अखाड़ा जरुर जाए।6🚩 चर्चा और मेल मिलाप के लिए छोटे छोटे स्तर प



वक्त - वक्त की बात है

 वक्त - वक्त की बात  हैवक्त क्या है !!!  घडी, पल, दिनों का लेखा -जोखा हैवक्त !कभी सोने सा सुनहरा , तो कभी कोयले सा काला है वक्त,कभी अच्छा तो कभी बुरा है वक्त !कभी  अर्श  पर तो कभी फर्श पर लाता हैवक्त.!कभी खुशिया तो कभी गम मेंरुलाता  है वक्त . वक्त क्या है !!! .........दोस्त है नसीबवालों  क़ा,  तो  व



हर बात

"प्रायः बुज़ुर्ग हर बात पर विश्वास कर लेते हैं, प्रौढ़ हर बात पर शक़ करते हैं जबकि युवाओं को हर बात मालूम होती है !"-ऑस्कर वाइल्ड 



रहने दो न दोहराओ वही बात पुरानी

रहने   दो   न   दोहराओ   वही  बात  पुरानी, अब  लगती  है मुझे झूठी परियों  की कहानी हर  पेट  के  जंगल  में   यहाँ  भूख   जले  हैहोठों  पे  जहाँ  प्यास  है  आँखों  में  है पानी हफ़्तों  जहाँ  चूल्हा  नहीं जलता ये वो घर है आती  नहीं  बिस्तर  पे   जहाँ   नींद  सुहानी ज़िंदा   हैं  वही  मौत  स



बुद्धिमानों की सलाह गंभीरता से लेनी चाहिए

एक बहुत बड़ा विशाल पेड़ था। उस पर बहुत से हंस रहते थे। उनमें एक बहुत सयाना हंस था। वह बुद्धिमान और बहुत दूरदर्शी था। सब उसका आदर करते 'ताऊ' कहकर बुलाते थे। एक दिन उसने एक नन्ही-सी बेल को पेड़ के तने पर बहुत नीचे लिपटते पाया। ताऊ ने दूसरे हंसों को बुलाकर कहा,  "देखो, इस बेल को नष्ट कर दो। एक दिन यह ब





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