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विप्र धेनु सुर संत हित लीन मनुज अवतार

विप्र धेनु सुर संत हित लीन्ह मनुज अवतार डॉ शोभा भारद्वाज रावण के भय से सम्पूर्ण ब्रह्मांड थर्राने लगा दस सिर बीस भुजाओं एवं ब्रह्मा जी से अमरत्वका वरदान प्राप्त राक्षस राज रावण निर्भय निशंक विचर रहा था हरेक को युद्ध मेंललकारता |रावण का पुत्र मेघनाथमहत्वकांक्षी ,रावण के समान बलशाली पिताको समर्पित



आगे क्या होगा ? ( मनन - 1 )

" आगे क्या होगा " -- हम क्यों मानकर चलें कि आगे बुरा ही होगा : प्रस्तावना, भूमिका क्या हमें पता होता है कि भविष्य में क्या क्या होने वाला है ??पर दिन-प्रतिदिन के जीवन में हमें यदा-कदा अनुभव होता है कि हम मानकर चलने लगतें हैं "आगे बुर



बुराड़ी कांड में बड़ा खुलासा, आत्महत्या नहीं थीं 11 मौतें, बल्कि .....

नई दिल्ली। जुलाई में बुराड़ी में एक ही परिवार की 11 मौतों के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। भाटिया परिवार के 11 सदस्यों की सामूहिक मौत आत्महत्या के कारण नहीं, बल्कि दुर्घटना के कारण हुई थी। सीएफएसएल द्वारा सौंपी गई सॉइकोलॉजिकल ऑप्टोम



कुछ तो लोग कहेंगे

जब किसी को अपने में कोई खूबी नज़र नहीं आती तब वो दुसरो में बुराई खोजता है. ऐसे लोगो की जिंदगी दुसरो में बुराई ढूंढ़ने और बुराई करने में ही गुज़र जाती है, और एक रोज़ जब वो दुनिया छोड़ देते है तो लोग भी उसको याद करना छोड़ देते है. रहीम ने कहा है " बुर



बुराड़ी केस में घटना से ठीक पहले का वीडियो सामने आया !

बुराड़ी में एक ही परिवार के 11 लोगों की मौत के मामले में रोज नए खुलासे हो रहे हैं. घटना वाली रात की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई हैं. साथ ही इस परिवार के नाम को लेकर भी नई बात सामने आई है. पुलिस का बताया कि इस परिवार का नाम चूंडावत परिवार है. परिवार की बड़ी बेटी भाटी परिवार



“बुरा न मानों होली में”

होली जोगिरा गीत ...... “बुरा न मानों होली में” उडी हवा हैं रंग भंग की छानो मेरे यार भौजी झाँके घर के बाहर पका रही अंचार...... जोगिरा सर र र र र र -1 कैसी कुर्ती कैसी टोपी कैसी री सलवार भीग रही है गोरी दैया बिना रंग बौंछार.......... जोगिरा सर र र र र र-2 सम्हल



क्यों ना हम पहले आपने अन्दर के रावण को मारें

क्यों ना हम पहले आपने अन्दर के रावण को मारें “रावण को हराने के लिए पहले खुद राम बनना पड़ता है ।“ विजयादशमी यानी अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दसवीं तिथि जो कि विजय का प्रतीक है। वो विजय जो श्रीराम ने पाई थी रावण पर, वो रावण जो प्रतीक है बुराई का, अधर्म का ,अहम् का, अहंका



आँसुओं के भी दाम

आँसुओं के भी दामलब्ज़ खुद ही बयान होते हैं,आँसुओं के भी दाम होते हैंIपंछी, रोको तो दौड़ते बादलों को, व्योम में कहाँ विराम होते हैं I चाँद तारों की दोस्ती रात भर, जुगनुओं के तो नाम होते है Iदुपहरी धूप, जिश्म की जलन, जैसे वर्षों की थकान होते हैं Iअर्श पर चाँदनी,त्रण पर म



"मौका" शब्द रोचक प्रयोग

आज सुबह एक पुराने सहकर्मी से टेलीफोनिक वार्ता हुई उसने अभी - अभी नौकरी से इस्तीफा दिया है।वार्ता के बाद "मौका" शब्द रोचक प्रयोग प्राइवेट कंपनी के द्वारा कैसे किया जाता है पता चलाअगर आप के पास किसी बड़े क्लाइंट का प्रोजेक्ट है और आप जॉब छोड़ र



कैसे इतनी हिम्मत हो जाती है किसी महिला को छेड़ने की. ?

अभी कुछ दिन पहले ही बैंगलूरू की छेडछाड वाली घटना देखी। दो लडके स्कूटर पर एक लडकी का पीछा करते हुये उसके पास आये और उनमें से एक ने स्कूटर से उतर कर उस लडकी को छेडना शुरू कर दिया। जब उस लडकी के सामने उसकी पेश न ग



देश का बुरा हाल है

कवि: शिवदत्त श्रोत्रिय हर किसी की ज़ुबाँ पर बस यही सवाल है करने वाले कह रहे, देश का बुरा हाल है|| नेता जी की पार्टी मे फेका गया मटन पुलाव जनता की थाली से आज रूठी हुई दाल है|| राशन के थैले का ख़ालीपन बढ़ने लगा हर दिन हर पल हर कोई यहाँ बेहाल है|| पैसे ने अपनो क



बुराई तू न गई मेरे मन से

बुराई का प्रतीक रावण, जो अपनी नाभि में अमृत होने के कारण अमर है. श्रीराम भी रावण के शरीर को ही खत्म कर पाए थे, परन्तु उसकी आत्मा को नहीं मिटा सके, क्योंकि आत्मा तो अजर-अमर है. वहीं आत्मा समाज में विचरण कर है, और अपने मन माफिक शरीर को देखते ही उसको आशिया बनाकर घिनौने कृत्





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