महर्षि बाल्मीकि की जयंती के शुभ अवसर पर महर्षि बाल्मीकि द्वारा रचित रामायण की भूमिका

‘महर्षि बाल्मीकि’ द्वारा रचित रामायण की भूमिका डॉ शोभा भारद्वाज महाराज जनक की पुत्री अयोध्या के राजाधिराज श्री राम की गर्भवतीभार्या सीता निशब्द गंगा को प्रणाम कर उनमें प्रवेश कर गई | सीता को भगवती गंगामें ही अपना सुरक्षित घर नजर आया| उन्हें ऐसा लग रहा था जैसे भागीरथी उन्हें बुला रही हों |भगवती गंग



लड़की

खेलती- हँसती मुस्कुराती हुई लड़की, बचपन खुशी से हाँ जीती हुई लड़की, घर में ही रहने की हिदायत मिली है, आने जाने की टोक सहती हुई लड़की। हर कदम पर ताना सुनती हुई लड़की,



गीत, आंचलिक पुट

"गीत" आंचलिक पुटमोरे अँगने में है तुलसी का चौराएक पेड़ नीम संग आम खूब बौराअड़हुल का फूल लाल केसर कियारीमगही के पतवा तुराये भरि दौरा.....मोरे अँगने मेंगाय संग कुकुरा के रोज रोज कौराधूल और माटी में खेले चंचल छौरागैया के गोबर भल घास दूब मोथाबगिया फुलाए पै उड़े लागल भौंरा.....मोरे अँगने मेंहोखे जब ओसवनी तब



‘‘पर्रिकर’’ ‘‘वाद’’ को ढूँढता मेरा देश। ‘व’’ ‘‘गांधीवाद’’ से चलकर ‘‘पर्रिकरवाद’’ तक पहुंचने का सुखद अहसास!

देश के प्रथम आई.आईटी शिक्षा प्राप्त (गोवा के) मुख्यमंत्री एवं पूर्व रक्षामंत्री डॉ. मनोहर गोपाल कृष्ण प्रभु पर्रिकर लम्बी बीमारी से अदम्य आत्मबल के साथ लड़ते हुये अब इस दुनिया में नहीं रहे और ‘‘स्वर्गवासी’’ हो गये। याद कीजिये! विधानसभा में बजट प्रस्तुत करते समय उनका वह चेहरा, जो चिकित्सकीय उप



"गज़ल" जिंदगी के दिन बहुत आए हँसा चलते बने थे नैन सूखे कब रहे की तुम रुला चलते बने थे

बह्र- 2122 2122 2122 2122 रदीफ़- चलते बने थे, काफ़िया- आ स्वर"गज़ल" जिंदगी के दिन बहुत आए हँसा चलते बने थेनैन सूखे कब रहे की तुम रुला चलते बने थेदिन-रात की परछाइयाँ थी घूरती घर को पलटकरदिन उगा कब रात में किस्सा सुना चलते बने थे।।मौन रहना ठीक था तो बोलने की जिद किये क्योंकाठ न था आदमी फिर क्यों बना चलते



"गीतिका" साथ मन का मिला दिल रिझाएँ चलो वक्त का वक्त है पल निभाएँ चलो

मापनी--212 212 212 212, समान्त— बसाएँ (आएँ स्वर) पदांत --- चलो "गीतिका" साथ मन का मिला दिल रिझाएँ चलोवक्त का वक्त है पल निभाएँ चलोक्या पता आप को आदमी कब मिलेलो मिला आन दिन खिलखिलाएँ चलो।।जा रहे आज चौकठ औ घर छोड़ क्योंखोल खिड़की परत गुनगुनाएँ चलो।।शख्स वो मुड़ रहा देखता द्वार कोगाँव छूटा कहाँ पुर बसाएँ



"गीत" चल री सजनी दीपक लेकर भर दे डगर उजास

मापनी- 2222 2222 2212 121, मुखडा समान्त- अर, पदांत- आस"गीत" चल री सजनी दीपक लेकर भर दे डगर उजासआगे-आगे दिन चलता है अवनी नजर आकाशगिन दश दिन तक राम लड़े थे रावण हुआ निढ़ालबीस दिनों के बाद अयोध्या दीपक पहर प्रकाश....चल री सजनी दीपक लेकर भर दे डगर उजासलंका जलती रही धधककर अंगद का बहुमानबानर सेना विजय पुकार



"गज़ल" जब चाँद का फलक गुनाहों में खो गया तब रात का चलन घटाओं में खो गया

वज़्न - 221 2121 1221 212 अर्कान - मफ़ऊलु-फ़ाइलातु-मफ़ाईलु-फ़ाइलुन बह्र - बह्रे मुज़ारे मुसम्मन अख़रब मक्फूफ़ मक्फूफ़ महज़ूफ़ काफ़िया - घटाओं (ओं स्वर) रदीफ़ - में खो गया"गज़ल" जब चाँद का फलक गुनाहों में खो गयातब रात का चलन घटाओं में खो गयाजज्बात को कभी मंजिलें किधर मिलतीहमसफर जो था वह विवादों में खो



"गज़ल" चलो जी कुछ ख़ता करते हैं इशारों में

वज़्न- 1222 12222122 2, काफ़िया-आ, रदीफ़ - " करते हैं इशारोमें""गज़ल"चलो जी कुछ ख़ताकरते हैं इशारों मेंबवंडर ही खड़ा करतेहै इशारों मेंकहाँ तक चल सकेंगेदिनमान चुप होकरजलाते है अगन दीयाहै इशारों में।।नयी जब रोशनी होगीतम फ़ना होगाउड़ाते हैं वोफतिंगा हैं इशारों में।।भरा पानी शहर मेंले आग मत जानाबुझे मन का ठिकान



धर्मशाला: "भारत में छोटा ल्हासा"

धर्मशाला को दलाई लामा के पवित्र निवास के रूप में जाना जाता है। धर्मशाला कांगड़ा जिले में कंगड़ा शहर से 18 किमी की दूरी पर स्थित है। धर्मशाला



“मुक्तक” जिंदगी को बिन बताए कैसे मचल जाऊँगा।

“मुक्तक”मापनी- २१२२ २१२२ २२१२ २१२जिंदगी को बिन बताए कैसे मचल जाऊँगा। बंद हैं कमरे खुले बिन कैसे निकल जाऊँगा। द्वार के बाहर तेरे कोई हाथ भी दिखता नहीं- खोल दे आकर किवाड़ी कैसे फिसल जाऊँगा॥-१ मापनी- २२१२ २२१२ २२१२ २२१२जाना कहाँ रहना कहाँ कोई किता चलता नहीं। यह बाढ़ कैसी आ गई



हिमाचल में भारी बारिश; शिमला राजमार्ग बंद

पिछले 24 घंटों में हिमाचल प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिससे 16 लोगों की मौत हो गई और भारी भूस्खलन शुरू हो गया, जिससे यातायात प्रभावित हो गया और यात्री राजमार्गों पर फंस गए | सरकार ने लोगों से यात्रा से बचने के लिए कहा क्योंकि मौसम अधिकारियों ने मंगल



मनाली : लवर्स पैराडाइस

पीर पंजाल और धौलाधरपर्वत की बर्फसे ढकी हुईढलानों के बीचमें स्थित, मनालीदेश के सबसेलोकप्रिय पहाड़ी स्टेशनों म



ए चाँद तेरी चांदनी की कसम (Aye Chaand Teri Chandni Ki Kasam )- तेरा जादू चल गया

ऐ चंद तेरी चन्दनी की कसम फिल्म 'तेरा जादु चाल गया से गीत गीत अल्का याज्ञिक और सोनू निगम द्वारा गाया जाता है, इसका संगीत इस्माइल दरबार द्वारा रचित है और गीत समीर द्वारा लिखे गए हैं।तेरा जादू चल गया (Tera Jadoo Chal Gayaa )ए चाँद तेरी चांदनी की कसम (Aye Chaand Teri Chandni Ki Kasam ) की लिरिक्स (Lyr



तेरा जादू चल गया (Tera Jadoo Chal Gayaa )

'तेरा जादु चाल गया' एक 2000 हिंदी फिल्म है जिसमें अभिषेक बच्चन, कीर्ति रेड्डी, संजय सूरी, केदार खान, परेश रावल, हिमाणी शिवपुरी, फरीदा जलाल, जॉनी लीवर, टिकु तलसानिया, सतीश कौशिक, असरानी, ​​जोहरा सहगल, शम्मी, कानू गिल, महावीर शाह, विवेक वासवानी, दिनेश हिंगू, विकास आनंद, घनश्याम, शशि किरण, आज़ाद, कृष्ण



गीत गाता चल ओ साथी गुनगुनाता चल - गीत गाता चल

Lyrics of Geet Gata Chal O Saathi Gungunata Chal from Geet Gata Chal: This is a very well sung song by Jaspal Singh with nicely composed music by Ravindra Jain. Geet Gata Chal O Saathi Gungunata Chal Lyrics are beautifully penned by Ravindra Jain.गीत गाता चल (Geet Gata Chal ) ओ साथी गुनगुनाता चल क



मंगल भवन अमंगल हारी - गीत गाता चल

गीत गाल चाल से मंगल भवन अमंगल हारी के गीत: यह जसपाल सिंह द्वारा रविंद्र जैन द्वारा अच्छी तरह से तैयार संगीत के साथ एक बहुत अच्छा गाया गया गीत है। मंगल भवन अमंगल हारी गीत रवींद्र जैन द्वारा खूबसूरती से लिखा गया है।गीत गाता चल (Geet Gata Chal )मंगल भवन अमंगल हारी की लिरिक्स (Lyrics Of Mangal Bhavan



गीत गाता चल (Geet Gata Chal )

"Geet Gata Chal" is a 1975 hindi film which has Sachin Pilgaonkar, Sarika, Urmila Bhatt, Madan Puri, Padma Khanna, Leela Mishra, Khyati, Manhar Desai, Agha, Jr Mehmood, Tiwari, Dhumal and Minoo in lead roles. We have 2 songs lyrics and 2 video songs of Geet Gata Chal. Ravindra Jain has composed its



एक लड़की भीगी भागी सी - चलती का नाम गाडी

Ek Ladki Bheegi Bhagi Si Lyrics from the movie Chalti Ka Naam Gaadi is sung by Kishore Kumar, its music is composed by S D Burman and lyrics are written by Majrooh Sultanpuri.चलती का नाम गाडी (Chalti Ka Naam Gaadi )एक लड़की भीगी भागी सी की लिरिक्स (Lyrics Of Ek Ladki Bheegi Bhagi Si )एक लड़की भीगी



हम थे वह थी और समां रंगीन - चलती का नाम गाडी

हम वही थी और सम रेंजन गीत चल्ती का नाम गादी से गीत: यह किशोर कुमार द्वारा एसडी बर्मन द्वारा अच्छी तरह से तैयार संगीत के साथ एक बहुत अच्छा गाया गया गीत है। हम द वही थी और सम रेंजन के गीत महारू सुल्तानपुरी द्वारा खूबसूरती से लिखे गए हैं।चलती का नाम गाडी (Chalti Ka Naam Gaadi )हम थे वह थी और समां रंगीन



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