दीपावली



मेरी जलती हुई कहानी

आज दीपोत्सव की सभी को अनेकशःहार्दिक शुभकामनाएँ...माटी के ये दीप जलानेसे क्या होगा, जला सको तो स्नेह भरे कुछ दीप जलाओ |दीन हीन और निर्बल सबहीके जीवन में स्नेहपगी बाती की उस लौ को उकसाओ ||दीपमालिका मेंप्रज्वलित प्रत्येक दीप की प्रत्येक किरण हम सभी के जीवन में सुख, समृद्धि,स्नेह और सौभाग्य की स्वर्णिम



आओ हम सब मिलकर ऐसा दीप जलाएँ

आओ हम सब मिलकर ऐसा दीप जलाएँआओ हम सब मिलकर ऐसा दीप जलाएँदीप बनाने वालों के घर में भी दीये जलाएँचीनी हो या विदेशी हो सबको ढेंगा दिखाएँअपनों के घर में बुझे हुए चूल्हे फिर जलाएँअपनें जो रूठे हैं उन्हें हम फिर से गले लगाएँ।आओ हम सब मिलकर ऐसा दीप जलाएँजो इस जग में जगमग-जगमग जलता जाएजो अपनी आभा को इस जग म



दीप जलाएँ

आज धन्वन्तरी त्रयोदशी –जिसे धनतेरस भी कहा जाता है – का पर्व है, और कल दीपमालिका के साथ धन की दात्रीमाँ लक्ष्मी का आह्वाहन किया जाएगा... धन, जो है उत्तमस्वास्थ्य का उल्लास… धन, जो है ज्ञान विज्ञान का आलोक… धन,जो है स्नेह-प्रेम-दया आदि सद्भावों का प्रकाश… सभी का जीवन इससमस्त प्रकार के वैभव से समृद्ध र



दीपों का त्यौहार

दीपों की जगमग है दिवाली दीपों का श्रृंगार दिवाली है माटी के दीप दिवाली मन में खुशियाँ लाती दिवाली || रंगोली के रंग दिवाली लक्ष्मी संग गणपति का आगमन दिवाली स्नेह समर्पण प्यार भरी मिठास का विस्तार दिवाली अपनों के संग अपनों के रंग में घुल जाने की प्रीति दिवाली हाथी घोड़े मिट्टी के बर्तन फुलझड़ियों का



गोवर्धन पूजा और अन्नकूट

गोवर्धन पूजा और अन्नकूटपाँच पर्वों की श्रृंखला दीपावली कीचतुर्थ कड़ी होती है कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा यानी दीपावली के अगले दिन की जाने वालीगोवर्धन पूजा और अन्नकूट | इस वर्ष पन्द्रह नवम्बर को प्रातः 10:36 के लगभग प्रतिपदातिथि का आरम्भ होगा जो सोलह नवम्बर को प्रातः सात बजकर छह मिनट तक रहेगी | गोवर्धनपूजा



धन्वन्तरी त्रयोदशी

धन्वन्तरीत्रयोदशीॐ नमो भगवते महासुदर्शनायवासुदेवाय धन्वन्तरयेअमृतकलशहस्ताय सर्वभयविनाशायसर्वरोगनिवारणाय |त्रिलोकपथाय त्रिलोकनाथाय श्रीमहाविष्णुस्वरूपायश्री धन्वन्तरीस्वरूपायश्रीश्रीश्री औषधचक्राय नारायणाय नमः ||ॐ नमो भगवते धन्वन्तरयेअमृतकलशहस्ताय सर्व आमयविनाशनाय त्रिलोकनाथायश्रीमहाविष्णुवे नम: ||कर



दीपावली आप आएं!

मन में जोद्वेष भरे हैं,दीपों की टीमटीम में सब जल जाएं। अगंध से जोदिल हैं हमारे,गेंदों की सुगंधसे महक जाएंभर जाएं । मुहब्बत जो अनकहेरह गए हैं,रंगोली के रंगोंसे खिल जाएंनिखर जाएं। इरादे जो डगमगसे हैं,गणपति सब पूरापक्का कर जाएं। जो मुश्किल है जीने में,लक्ष्मी अपने साथझोल



दीपावली पर सौभाग्य कविता

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दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँप्रिय मित्रों, प्रकाश पर्व की हार्दिक शुभकामनाएँ |दीपमालिका में प्रज्वलित प्रत्येक दीप की प्रत्येक किरण आपके जीवनमें सुख, समृद्धि, स्नेह और सौभाग्य कीस्वर्णिम आभा प्रसारित करे…. दिवाली पर्व है प्रकाश का – केवल दीयों का प्रकाशनहीं, मानव हृदय आलोकित हो जिससे ऐसे स्नेहरस मे



जगमग जगमग दीप जलाएँ

आज छोटी दीवाली है, कल दीपमालिका के साथधन की दात्री माँ लक्ष्मी का आह्वाहन किया जाएगा | धन, जो हैउत्तम स्वास्थ्य का उल्लास... धन, जो है ज्ञान विज्ञान काआलोक... धन, जो है स्नेह-प्रेम-दया आदि सद्भावों काप्रकाश... सभी का जीवन इस समस्त प्रकार के वैभव से समृद्ध रहे इसी कामना के साथ सभीको दीपावली के प्रकाश



आती रहेगी दीवाली, जाती रहेगी दीवाली....

दीपावली जब से नजदीक आती जा रही है, मन अजीब सा हो रहा है। स्कूल आते जाते समय राह में बनती इमारतों/ घरों का काम करते मजदूर नजर आते हैं। ईंट रेत गारा ढोकर अपने परिवार के लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम करनेवाले मजदूर मजदूरनियों को देखकर यही विचार आता है - कैसी होती होगी इन



लक्ष्मी पूजन का मुहूर्त

लक्ष्मीपूजन का मुहूर्तजैसा कि सभी जानते हैं कि दीपावली बुराई, असत्य, अज्ञान, निराशा, निरुत्साह, क्रोध, घृणा तथा अन्य भी अनेक प्रकार के दुर्भावोंरूपी अन्धकार पर सत्कर्म, सत्य, ज्ञान,आशा तथा अन्य अनेकों सद्भावों रूपी प्रकाश की विजय का पर्व है और इस दीपमालिका केप्रमुख दीप हैं सत्कर्म, सत्य, ज्ञान, आशा,



कार्तिक मास का महत्त्व

कार्तिक मास का महत्त्वकार्तिक मास चल रहा है और कल से पञ्चपर्वों की श्रृंखला दीपावली कामहान पर्व आरम्भ हो जाएगा | वास्तव में हिन्दू मान्यता में कार्तिक मास का विशेषमहत्त्व माना गया है | इसे भगवान विष्णु का महीना कहा जाता है तथा विष्णु पूजा काइस माह में विशेष महत्त्व माना जाता है | साथ ही ऐसी भी मान्य



दीपावली पर काव्याजंली

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भारतीय-संस्कृति और सभ्यता के प्रतीक हैं मिट्टी के दीए

आज भले ही दीपावली में चारों ओर कृत्रिम रोशनी से पूरा शहर जगमगा उठता है, लेकिन मिट्टी के दीए बिना दिवाली अधूरी है। मिट्टी के दीए बनने की यात्रा बड़ी लम्बी होती है। इसकी निर्माण प्रक्रिया उसी मिट्टी से शुरू होती है, जिससे यह सारा संसार बना है। यह मिट्टी रूप में भूमि पर विद्यमान रहती है, लेकिन एक दिन ऐस



एक दीप

एक दीप, मन के मंदिर में,कटुता द्वेष मिटाने को !एक दीप, घर के मंदिर मेंभक्ति सुधारस पाने को !वृंदा सी शुचिता पाने को,एक दीप, तुलसी चौरे पर !भटके राही घर लाने को,एक दीप, अंधियारे पथ पर !दीपक एक, स्नेह का जागेवंचित आत्माओं की खातिर !जागे दीपक, सजग सत्य काटूटी आस्थाओं की खातिर !एक दीप, घर की देहरी पर,खु



करवा चौथ के साथ क्या क्या संयोग ...

https://duniaabhiabhi.com/4-amazing-coincidences-with-karva-chauth-and-also/



पवित्र मास कार्तिक ...

https://duniaabhiabhi.com/holy-month-karthik-the-perfect-occasion-for-merit/



Archana Ki Rachna: Preview "देखो फिर आई दीपावली"

देखो फिर आई दीपावली, देखो फिर आई दीपावलीअन्धकार पर प्रकाश पर्व की दीपावली नयी उमीदों नयी खुशियों की दीपावली हमारी संस्कृति और धरोहर की पहचान दीपावली जिसे बना दिया हमने "दिवाली"जो कभी थी दीपों की आवलीजब श्री राम पधारे अयोघ्या नगरीलंका पर विजय पाने के बादउनके मार्ग में अँ



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