शहीद का परिवार झोपड़ी में रहने को था मजबूर, सरकार ने नहीं सुनी तो गांव वालों ने उठाया ये कदम

भारत बलिदानों का देश यूहीं नहीं कहा जाता है, यहां पर ना जाने कितने वीरों ने अपनी जान दे दी आजादी के लिए और जब आजादी हुई तो पड़ोसी देश के हमलों से ही ना जाने कितने वीरों की जान चली गई। हमारे देश के जवानों मे यही खासियत है कि वे आखिरी समय तक डटे रहते हैं और भले अपनी जान खत्म कर दें लेकिन भारत पर आंच न



आज़ादी से पहले वाले भारत की ये 15 तस्वीरें, आपको महसूस कराएंगी वो दौर

15 अगस्त यानी भारत के आजाद होने का दिन, जब पूरा देश एक हो जाता है। हर किसी की देशभक्ति दिखती है और हर कोई आजादी के जश्न में डूब जाता है। इस साल आजादी और रक्षाबंधन का जश्न देश एक साथ ही मना रहा है। रक्षाबंधन का त्यौहार देश के लिए अहम है और इसे हर धर्म के लोग मनाने लगे हैं क्योकि धर्म चाहे जो भी हो ले



अमेरिका व यूरोप में तनाव दूर करने के लिए फीस देकर गायों के गले लग रहे हैं

मनुष्य के जीवन में देशी गाय माता का बड़ा महत्वपूर्ण योगदान रहा है । गाय माता के दूध-दही-घी-मूत्र-गोबर से बने पंचगव्य से भयंकर बीमारियां भी ठीक हो जाती है, गाय के अंदर 33 करोड़ देवता का वास होता है, तभी तो भगवान श्री कृष्ण भी स्वयं गाय चराते थे, यहाँ तक बताया गया है कि गाय



सुषमा जी भारत माता की वीर कर्तव्यमयी निष्कामभाव पूर्ण देश पर समर्पित एक महान देवी

शब्दों की कमी भाव को समझ जाइए । जय हिंद आत्मन: शांति भवति: भारत माँ की गोद में ॐ शांति शांति शांति !



राहुल गांधी को अपने नाम की वजह से ना सिम मिला ना लोन !

दुनिया में बहुत सी चीजें अजीबों गरीब हैं और लोगों को ऐसी ही चीजें पसंद होती है। अगर किसी इंसान का नाम किसी सेलिब्रिटीज से मिलता जुलता है तो लोग उनका मजाक बनाने लगते हैं। कुछ ऐसा ही हाल मध्य प्रदेश के इस युवक के साथ हुआ जब अपने नाम के कारण कुछ परेशानियों का सामना करना



" शर्मसार करें और कब तक हम खुद को " - हिंदुत्व भावनाओं का स्वयं पतन

प्रस्तावना- हज़ारो वर्षो से सनातन भारतीय सभ्यता विदेशी व देशी अब्रहंनताओ से प्रताड़ित व कुंठित रही है | कालांतर के पश्यात कोई तथाकथित आज़ादी के उपरांत ऐसी सरकार आयी जिसने हिंदुत्व पर चर्चा करना स्वीकार किया और पिछले बीते एक माह से #moblyn



नवाज़ शरीफ को भी नहीं पता चला और परवेज़ मुशर्रफ़ ने भारत पे हमला कर दिया था....

कारगिल युद्ध का इतिहास : कार्गिल विजय दिवस की जीत के 20 साल पूरे हो चुके हैं। यह युद्ध भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ा गया था। भारती सैनिकों ने इस युद्ध में जीत हासिल करने के लिए पूरी एड़ी चोंटी का बल लगा



कारगिल युद्ध -- शौर्य की अमर गाथा

कोई भी राष्ट्र कितना भी शांति प्रिय क्यों ना हो , अपनी सीमाओं की हर तरह से सुरक्षा करना उसका परम कर्तव्य है | यदि कोई देश अपनी सुरक्षा में जरा सी भी लापरवाही करता है उसे पराधीन होते देर नहीं लगती | , क्योंकि राष्ट्र की सीमाओं के पार बसे दूसरे राष्ट्र भी



ऊँची नाक का सवाल (व्यंग्य)

इस दौर में जब देश में बाढ़ का प्रकोप है तो नाक से सांस लेने वाले प्राणियों में नाक एक लक्ष्मण रेखा बन गयी है ,पानी अगर नाक तक ना पहुंचा तो मनुष्य के जीवित रहने की संभावना कुछ दिनों तक बनी रहती है,बाकी फसल और घर बार उजड़ जाने के बाद आदमी कितने दिन जीवित रहेगा ये उतना ही बड़ा सवाल है जितनी कि हमारे देश म



देश की जनता के रुपयों पर कब तक 'ऐश' होता रहेगा?

हमारे देश के प्रधानमन्त्री कहते हैं : मैं 'जनता का सेवक' हूँ; मैं आप सबका 'प्रधान चौकीदार' हूँ; परन्तु विडम्बना देखिए, उनका काम 'चौकीदारी' का और मीडिया की सुर्ख़ियों में बने रहते हैं। यदि वे सचमुच, जनसेवक हैं तो संवैधानिक रूप में 'प्रधानमन्त्री' के स्थान पर 'प्रधान जनसेवक' कहलाने के लिए क्यों नहीं प्



देश हमारा



2019 के चुनाव अभियान में मर्यादाएं तार तार

2019 के इलेक्शन संपन्न हुए-गणतांत्रिक प्रक्रियाका एक मील का पत्थर. सारी गहमा-गहमी, उत्तेजना, भाषण, सभाएं इत्यादि कीअभी के लिए तो इति हुई.परन्तु गणतंत्र में चुनाव तो आम बात है और फिरचुनाव होंगे और होते रहेंगे. सभी (आम नागरिक) इस बात से सहमत होंगे किप्रतिस्पर्धता जो गणतंत्र में एक स्वस्थ घटना होनी चाह



मोदी जी की पाकिस्तान के प्रति विदेश नीति में चाणक्य नीति की झलक

मोदी जी की पाकिस्तान के प्रति विदेश नीति में चाणक्य नीति की झलक डॉ शोभा भारद्वाज 2014 में मोदी जी के नेतृत्व लोकसभा का चुनाव लड़ा जा रहा था आलोचक प्रश्न उठारहे थे भाजपा की विदेश नीति क्या है ? सत्तापर आसीन होने के बाद विदेश नीति विशेषज्ञ उनको विदेश नीति समझाने उनसे मिलने भीआये | मोदी जी ने अपने श



2019 के आम चुनाव के मुद्दे, क्या ‘‘स्थापित चुनावी मुद्दों से’’ हटकर हैं।

स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् वर्ष 2019 में देश का यह 17 वाँ आम चुनाव हो रहा है। प्रारंभ में स्वतंत्रता संग्राम में बढ़ चढ़ कर भाग लेने वाली पार्टी (सत्य से परे) एक मात्र कांग्रेस ही मानी जाती रही। वर्ष



मम्मी सुबह हों गई।

मम्मी सुबह हों गई।उठो मम्मी अब आंखे खोलो, किचन मे जाकर बर्तन धोलो ।बीती रात एफबी, वट्सेप, ट्यूटर से चाइटिंग करने मे।उठो मम्मी सुबह का नाशता बनाओ, हमे नहलाओं।साफ़सुथरा ड्रेस पहनाओ लांच लगा कर बस्ता सजाओ।पापा भी बेड मे सो रहे हैं, तुम भी अभी अलसाई हों । उठो मम्मी अब आंखे खोलो, किचन मे जाकर बर्तन धोलो



आखिर देश को क्या हो गया है।

‘‘पुलवामा’’ में हुई बड़ी वीभत्स आंतकी घटना में 40 सैनिकों के शहीद हो जाने की प्रतिक्रिया स्वरूप पाकिस्तान में घुस कर बालाकोट में किये गये हवाई हमलों के द्वारा ‘‘जैश-ए-मोहम्मद’’के आंतकवादी कैम्प (प्रशिक्षण शिविर) को नष्ट करने के बाद सम्पूर्ण देश ने एक जुट होकर सेना व सरकार को बधाई दी थी। कांग्रेस सहि



13 मार्च 2019

ये क्या Surf Excel के चक्कर में MS Excel का भी विरोध!, ट्वीट हुआ वायरल

सर्फ एक्सल द्वारा भाईचारे का संदेश देने के लिए जारी किये गए विज्ञापन की वजह से लोग उसका बायकॉट करने की बात करने लगे. दरअसल इस विज्ञापन में एक हिंदू बच्ची और मुस्लिम बच्चे को लेकर छोटी सी कहानी दिखाई गई है, जिसका सोशल मीडिया पर भारी विरोध हो रहा है. लगभग एक मिनट के इस ऐड



मेरे देश का किसान

किसी ने उसे हिंदु बताया,किसी ने कहा वो मुसलमान था,खुद को मौत की सजा सुनाई जिसने,वो मेरे देश का किसान था।जिसकी उम्मीदाें से कहीं नीचा आसमान था,मुरझाकर भी उसका हौंसला बलवान था,जब वक्त ने भी हिम्मत और आस छोड़ दी,उस वक्त भी वो अपने हालातों का सुल्तान था।किस्मत उसकी हारी हुई बाजी का फरमान था,बिना मांस की



08 मार्च 2019

भारतीय अर्थव्यवस्था में प्रथम बार 20 रुपये के सिक्के शामिल होंगे!

गुरुवार, 7 मार्च, 2019 को पहली बार प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने 20 रुपये के सिक्के जारी किये, जो विशेष रूप से अशक्त लोगों के लिए बनाया गया है। ये सिक्के भारत में पहली बार जारी किए जा रहें हैं, जो भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) अधिनियम के अनुसार प्रचलन में आएगा। नए 20 रुपये के



देशप्रेम-राष्ट्रभक्ति-राष्ट्रवाद को ढूढ़ता मेरा प्यारा देश!

इस लेख का ‘‘शीर्षक’’ देख कर बहुत से लोगों को हैरानी अवश्य होगी और आश्चर्य होना भी चाहिये। पर बहुत से लोग इस पर आखें भी तरेर सकते है। यदि वास्तव में ऐसा हो सका तो, मेरे लेख लिखने का उद्देश्य भी सफल हो जायेगा। एक नागरिक, बल्कि यह कहना ज्यादा उचित होगा एक भारतीय पैदाईशी ही स्वभावगतः देशप्रेमी होता है।



आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x