धर्म का मर्म- असग़र वज़ाहत

मरकज़ की घटना पर जनाब असग़र वज़ाहत साहेब के विचारधर्म का मर्म- असग़र वज़ाहतदिल्ली में निजामुद्दीन इलाके के मरकज़ में जो घटना घटी उसने बहुत से सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे पहली बात यह की बिना प्रशासन को विश्वास में लिए इतने लोगों का जमा करना और वह भी इस माहौल में जमा करना कितना उचित है और कितना नहीं । दूसरी



हिन्दू नववर्ष सम्वतसर :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*हमारे देश भारत में समय-समय पर अनेकों त्योहार मनाए जाते हैं | भारतीय सनातन परंपरा में प्रत्येक त्योहारों का एक वैज्ञानिक महत्व होता है इन्हीं त्योहारों में से एक है "नववर्ष संवत्सर" जो कि आज चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को माना जाता है | आदिकाल से यदि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को नववर्ष माना जा रहा है तो इसका का



08 मार्च 2020

द्वादश माधव परिक्रमा: धरती की प्राचीनतम परिक्रमा 600 वर्षों के स्थगन के बाद पुन: प्रारम्भ

प्रयाग तीर्थों के राजा हैं! सनातन धर्म के अनुसार संसार के सारे तीर्थ प्रयाग से हे हैं, न कि अन्य तीर्थों से प्रयाग! भगवान् श्री ब्रह्मा जी ने सृष्टि का आरम्भ प्रयाग कि भूमि से ही किया था! सृष्टि के क्रम में सर्व प्रथम भगवान् श्री ब्रह्मा जी ने यज्ञ की उत्पत्ति की और यज्ञ



महाशिवरात्रि :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*भारतीय संस्कृति इतनी दिव्य व विशाल रही है कि यहाँ वर्ष के प्रति दिन, कोई न कोई उत्सव / त्यौहार मनाया जाता रहा है | ये त्योहार विविध कारणों तथा जीवन के विविध उद्देश्यों से जुड़े थे | इन्हें विविध ऐतिहासिक घटनाओं, विजय श्री तथा जीवन की कुछ अवस्थाओं जैसे फसल की बुआई, रोपाई और कटाई आदि से जोड़ा गया था |



प्रेगा न्यूज़ और प्रेगनेंसी टेस्ट किट क्या है

प्रेगा न्यूज़ और प्रेगा न्यूज़ एडवांस मैनकाइंड फार्मा द्वारा बनाया गया एक किट है ,जो घर पर गर्भावस्था की पुष्टि करने मदद करता है ।यह किट किसी भी अच्छे मेडिकल दुकान पर आसानी से मिल जाता है,लेकिन प्रेगा न्यूज़ किट खरीदने से पूर्व आपको किट की एक्सपायरी डेट की जांच कर लेनी चाहिए ताकि रिजल्ट गलत आने की सम्



मासिक-धर्म में पेट दर्द के कारण

मासिक-धर्म में पेट दर्द के कारण क्या हैं :- मासिक-धर्म में पेट दर्द,गर्भाशय के संकुचन के कारण होता है।यदि आपके महावारी के समय बहुत ज़ोर से पेट सिकुड़ता है, तो यह आपके पेट के आस-पास के रक्त वाहिकाओं को दबा देता है जिस वजह से गर्भाशय में ऑक्सीजन की कमी हो जाती है।ऑक्सीजन की कमी के कारण यह पेट दर्द और



प्रेगनेंसी किट खरीदने से पहले ध्यान रखने योग्य बातें क्या हैं?

प्रेगनेंसी टेस्ट किट खरीदने से पहले निम्नलिखित बातों पर ध्यान रखे:किसी भी अच्छी मेडिकल स्टोर से या भी ऑनलाइन, प्रेगनेंसी किट को खरीदनी चाहिए। विशेषज्ञयों के अनुसार प्रेगनेंसी किट ऐसे स्टोर से खरीदनी चाहिए जिस दुकान में प्रेगनेंसी किट की बिक्री अधिक हो,जिससे पुरानी प्रेगनेंसी किट मिलने की संभावना बहु



अद्भुत है तिरुपति बालाजी का इतिहास | Tirupati Balaji History

भारत में बहुत सारे ऐतिहासिक मंदिर हैं जिनकी अपनी अलग ही कहानी है। इन्हीं मंदिरों में एक हैं तिरुपति बालाजी है जिसकी मान्यता कुछ ऐसी है, जहां जाने से लोगों की सारी मनोकामनाएं पूरी हो जाती हैं। आंध्रप्रदेश के चित्तूर जिले में तिरुमाला की



मकर संक्रान्ति का रहस्य :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*इस सृष्टि में समस्त चराचर जगत को जीवन प्रदान करने भगवान सूर्य निरंतर चलायमान हैं | अपनी दैनिक यात्रा में वे कभी उत्तरायण तो कभी दक्षिणायन हुआ करते हैं | जिस प्रकार मनुष्यों के लिए दिन एवं रात्रि का विधान ब्रह्मा जी ने बनाया है उसी प्रकार देवताओं के लिए दिन - रात्रि क



संकष्टी गणेश चतुर्थी :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*हमारा देश भारत कला , संस्कृति के साथ-साथ अनेकों रंग बिरंगे त्योहारों एवं मान्यताओं की परंपरा को स्वयं मैं समेटे हुए है | यहां प्रतिदिन कोई न कोई व्रत मानव मात्र के कल्याण के लिए मनाया जाता रहता है | इन्हीं व्रतों की श्रृंखला में माघ मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को "संकष्टी गणेश चतुर्थी" का व्रत ब



मंगलाचरण :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*प्राचीन भारतीय संस्कृति में मनुष्य को तो महत्त्व दिया ही है साथ ही उसके आचरण को कहीं अधिक महत्व दिया गया है मनुष्य अपने जीवन में जाने - अनजाने अनेक प्रकार के गलत आचरण किया करता है इसीलिए किसी भी शुभ मंगल कार्य करने से पहले मंगलाचरण करने की व्यवस्था हमारे पूर्वजों ने बनाई थी | इसका प्रारंभ मनुष्य के



सनातन की सहिष्णुता :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*आदिकाल में जब सृष्टि का विस्तार हुआ तब इस धरती पर सनातन धर्म के अतिरिक्त और कोई धर्म नहीं था | सनातन धर्म ने मानव मात्र को अपना मानते हुए वसुधैव कुटुंबकम की घोषणा की जिसका अर्थ होता है संपूर्ण पृथ्वी अपना घर एवं उस पर रहने वाले मनुष्य एक ही परिवार के हैं | सनातन धर्म की जो भी परंपरा प्रतिपादित की



भक्ति क्या है ?? :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*आदिकाल से ही इस धरती पर अनेकों भक्त हुए हैं जिन्होंने भगवान की भक्ति करके उनको प्राप्त करने का अनुभव किया है | अनेकों भक्तों तो ऐसे भी हुए जिन्होंने साक्षात भगवान का दर्शन भी किया है | भक्ति की महत्ता का विस्तृत वर्णन हमारे शास्त्र एवं पुराणों में देखने को मिलता है | भक्ति क्या होती है ? इसको बता



स्वंयवर

सीता स्वंयवर पर .....कैसे मैं पहचानू उन्हें.कैसे मैं जानूं के वो बनें हैै वो मेरे लिए.होगी सैकड़ों की भीड़ वहां.तेजस्वी और वैभवशाली तो होंगेवहां कई और भी.लेकिन सुना है मैंनें शिव का धनुषउठा सकेंगे कुछ ऐसे प्र



भविष्य की आवाज।

भविष्य की आवाज।जुबा चुप ही सही सत्य बोलताहैं, गरीब ही अमीरी को जानता हैं।लम्हे कितने भी दुख भरे होजीवन की राह मे, चलते रहो मंजिल की तरफ। जिसे मजदूर अपनी जरूरत समझताहैं, अमीर उसे अपना सौक समझता हैं।मोटा दाना खाने वाले को दिमागसे मोटा कहते हैं,चना खाकर घोड़ा दौड़ता हैं।मक



जोगी बनना कहां आसान है ?

आसान नहीं है ज़िंदगीजीने का तरीका सीखलाना.आसान नहीं किसी कोसही राह दिखाना.आसान नहीं है खुद को भी बदलना, कुछ ख़्वाहिशोंको छोड़ना, कुछ सुविधाओं को त्यागना.त्याग की अग्नी में तपना औरउम्मीद के दीपक जलाना.धूप, बारिश, और ठंडको सहना.होंठो पर शिकायत कम और समाधाननिकालना.हां सचम



सत्यनारायण व्रत कथा :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*सृष्टि के आदिकाल से ही इस धरा धाम पर मनुष्य विचरण कर रहा है | मनुष्य ने अपने जीवन को सुचारू ढंग से चलाने के लिए जहां अनेकों प्रकार के संसाधन बनाएं वही समय-समय पर वह ईश्वर का भी आश्रय लेता रहा है इसके लिए मनुष्य ने वैदिक कर्मकांड एवम पूजा पाठ का सहारा लिया | सतयुग से लेकर के त्रेता , द्वापर तक ईश्वर



मीरा के वचन मोहन के लिए

भेजा था विष का प्याला अमृत बन गया। भेजा था विषैला सांपफूलों का हार बन गया। तेरी ही करामात है ये मोहनकि कलियुग में भी जी रही हूं। बिना डरे तेरी भक्ति के गीतगा रही हूं। शिल्पा रोंघे



भारतीय संस्कृति में जन मानस में धार्मिक आस्था

भारतीय संस्कृति में जन मानस में धार्मिक आस्थाभारत में उत्तर से दक्षिण तक और पूरबसे पश्चिम तक अनगिनत जातियाँ हैं | उन सबके अपने अपने कार्य व्यवहार हैं, रीतिरिवाज़ हैं, जीवन यापन की अनेकों शैलियाँ हैं, अनेकों पूजा विधियाँ हैं, उपासना केपंथ हैं और अनेकों प्रकार के कर्म विस्तार हैं, तथापि उनका धर्म एक ही



संविधान दिवस (26 नवम्बर)

: संविधान की प्रस्तावना : हम भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी , धर्मनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने के लिए तथा उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचा



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