दिल



आँखों में लाली

देखो ना आँखों में लाली छाई हैं।रातों में जगा हूँ फिर से तुम्हारी याद आइ हैं।



ज़िन्दगी के पल

ज़िन्दगी का सफर ,बहुत रोमांच भरा है;इसमें सुख और दुख दोनों का सामना है;मजा इसी में है यारों कि दुख के बाद सुख का आमना है।ज़िन्दगी के हर लम्हे को हसीन पलों में कैद कर लो;दुख के समय इन्हे याद कर , पारी उसकी समेट लो।ज़िन्दगी जिंदादिली से जियो यारों,अपने साथ बीते हसीन पलों को क्यों खो दो।



बिन डाल का पत्ता

बिन डाल का पत्ता बिन डाल का पत्ता, उसके लिए जग सारा होता है। पहुंच जाता है बिन रोक टोक, गली, छत, बालकनी, मकान, दुकान, राह अनेक.. बिन डाल का पत्ता, आवारा बंजारा होता है। जहां ले चले, हवा के झोंके उनकेे संग उसका जहां में आना जाना दूर, दराज तक होता है। बिन डाल का पत्ता, बेचारा होता है। आ जाता है, कितनो



शादी के बाद

ना दिल को सुकून,ना मन को चैन,ना बाहर मिले आराम,ना घर में रहे बिना काम,दोस्तों ये ना तो है प्यार,और ना जॉब या कारोबार,ये तो बस है ,शादी के बाद का हाल ।



एक था बचपन भाग 4(संस्मरण)

मेरी कार धीरे धीरे सुनसगांव में प्रवेश करती है और मंदिर के सामने पत्थर वाले रोड से गुजरती है।सामने बाबू सोन जी मामा का मकान दिखता है हमेशा मुस्कराने वाला मामा और पतली आवाज



दिल कमजोर

पढ़ें लिखे समझदार लोग, सांख्य, सवालों में गुम हो गए हैं। हर बात की नुक्ता चीनी में, रिश्ते दिमाग में कैद हो गये‌ है। पहले से ज्यादा भावों के अभाव हो गये है। लोगों के दिल तंग हो गये है, दिलों में अब खूबसूरत अहसास कम हो गये है। लोग बैठ अकेले, तन्हाई के मेले में खोकर , दुनिया से ही गुम हो गए हैं। प्या



chahat ke kisse

तू नज़्म सा दिल की धड़कन में सुनाइये देता है.... तेरा हर लब्ज़ बयां चाहत ही देता है..अगर साथ तेरे बैठे हैं बाज़मो में हम न कोई शिकवा न कोई ग़म... तू दिल की आशिकी का आशना है.... तू साँस साँस के दरिया में रखा फैसला है....



ज़िन्दगी

जिन्दगी सफल होती है ज़िंदादिली से, हरदिल अज़ीज़ होती है अपनेपन से।अपने ही तो बुनते है तानाबाना ज़िन्दगी का,अपनों से ही बनता है आशियाना जिंदगी का।कब से मै तलाशता फिर रहा अपनों को,कोशिश कर रहा रंगों से भरने की, इस वीरान जिंदगी को।आज मै बहुत खु



गोशानशीं

गोशानशीं* तो उस रोज़ ही हो गए थे हम, जिस रोज़ उसने मेरे दिल को तोड़ा था, सपुर्दे ख़ाक कर आतश ए ज़िगर* अपना,अब तो गोशानशिनी* एक फ़ाक़ामस्ती है. (आलिम) * एकांतवासी, प्रेम की आग, एकांतवास



दिल का दर्द

दिल का ये दर्द हमने सबको सुना दियाइस मरे से मन को जीवन बना लियारस्ते के काँटें अब तो राहों को बंद करेंकदमों के होंसलों ने गुलिस्ताँ खिला दियातानों की आँच पाकर जीवन झुलस रहामरहम वो फैसले का खुद पर लगा लियाआँखों में जन्म लेते सपने बहार केबह जाए न ये सपने आँसू सुखा लियापत्थर को पूजने से देवता वो बन गया



दुनिया के सबसे खूबसूरत राष्ट्रीय उद्यानों में : दिनेश डाक्टर

क्रोएशिया में लैंड होने के बाद बहुत जगह एक बात बहुत सारे क्रोएशयन ने कई बार जो बड़े गर्व से दोहराई वो है यहां के पानी के बारे में उनका विश्वास । ' आप बोतल के पानी में पैसा खराब न करे ! हमारे हर नल का पानी किसी भी बोतल के पानी से ज्यादा अच्छा और शुद्ध है । क्योंकि मेरे अपने देश में बहुत सारी बीमारियों



मर्ज़

मर्ज़ कोई ले गया चुराकर ऐसा मैं बीमार हुआ। शुमार नहीं था किस्मत में जोक्यों उसका दीदार हुआ।। 💔



कभी अपने दिल की भी सुनो

<!-- wp:paragraph -->वास्तव में हमे जो करने की इच्छा हे वो हम नहीं कर पाते और जो समय हमसे करवाता हे ,हम फिर थक हार कर वही करने लगते हे ,जहा सभी लोग भागते दिखाई देते हे बस वही भागने लगते हे ...............रुको .................और सोचो इस रेस में हम कहा जाकर रुकेंगे



स्वर्गीय बाला साहब का नारा मराठा मानुष ,से सत्ता की चाह तक उद्धव ठाकरे

स्वर्गीय बाला साहब का नारा ‘मराठा मानुष’ से सत्ता की चाह तक उद्धव ठाकरे डॉ शोभा भारद्वाज एक मई 1960 बाम्बे प्रेसिडेंसी टूटने के बाद दो नये राज्यों का निर्माण हुआमहाराष्ट्र एवं गुजरात बाला साहब ठाकरे कोमहाराष्ट्र के राजनीतिक धरातल का भरपूर ज्ञान था | वह ‘मराठी मानुष के गौरव’ के ना



टूटता दिल

इश्क हुआ हमको क्यूँ ना उनको हुआ, बहुत जाना तो आलिम बस इतना जाना, टूटता जो दिल उनका तो ख़ुदा भी रोता, टुटा हमारा तो ना ये रोया ना वो रोया. (आलिम)



दर्दे-दिल

दर्दे-दिल गर किसी ने समझा होता, ज़नाज़े को कांधा तो दिया होता. ना जलाता मज़ार पर शमा, दिल के किसी कोने में जगह तो दिया होता.रूठ कर जाना ही था तो चले जाते पर इस दिल को तो ना दुखाया होता, मर कर भी मानाने आता जो किसी ने हमको सपुर्



प्याज

ख्याल होगा। प्याज के दाम दोबारा बढ़े थे। पांच रुपए में एक प्याज लेने पर आंखों से आंसू झरे थे। तभी निम्न लिखित रचना कल्पना में आयी थी। पढ़ें।एक कवि नेसम्पादक को अकेला पायाइधर-उधर देखाकिसी को ईर्द-गिर्द न पाझट कक्ष मेें घुस आयासम्पादक ने सर उठायाअवांछित तत्व को सामने देखबुरा सा मुंह बनायाकंधे से लटके



टेंशन

लघुकथा ..................टेंशन अवकाशप्राप्ति बड़ी इज्जत से हुई . सभी ने उनके पूरे कार्यकाल की बड़ी तारीफ़ की . उनकी ईमानदारी और कर्मठता को हरेक ने सराहा . उपहारों का सिलसिला तो अगले दिन तक भी चलता रहा . कुछ ने कहा , " ऐसे समर्पित अधिकारी बहुत कम होते हैं और यदि आपके अनुभव का लाभ , विभ



दिल जिंदा रहा तो...!!

क्यों बढ़ रही दिलों में दूरियां,क्या हो गई ऐसी मजबूरियां ।क्यों दिलों की बात कोई सुनता नहीं,क्यों स्वार्थ बन रहा कमजोरियां।भावनाओं को यूं दिल में दफन न करो,दिल की आवाज यूं अनसुनी न करो।यूं अकेले सफर कट सकता नहीं,अकेले रहने का यूं दिखावा न करो।दिल मुरझा गया तो कैसे जी पाओगे,जिंदगी का बोझ न इसतरह ढो प



करीना कपूर को कुछ नहीं कहा बैकलेस होने पर और जब मैं योगा करते वक्त बैकलेस हुई तो मुझे उसी के लिए ट्रोल किया गया:अबिगेल पांडे | आई डब्लयू एम बज

सुंदर और टैलेंटेड टीवी अभिनेत्री अबिगेल पांडे, जिन्हें आखरी बार कलर्स के शो शक्ति अस्तित्व के एहसास की में कैमियो किरदार में देखा गया था उन्हें योगा में काफी रुचि है।“मैं पिछले चार वर्षों से व्यायाम के इस पारंपरिक भारतीय रूप का अनुसरण कर रही हूं। मैंने पहली बार वजन कम करन



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