हर्दी के गुण दोष

प्रिय स्नेही मित्रों जय श्रीकृष्णा*हल्दी के गुण व दोष* आज आपको खेत में उगाई गई हल्दी जिसमे भरपूर करक्युमिन व टरमरोन नामक तत्व पाये जाते है के लाभ व दोष बहुत ही सरल शब्दों में बताने का प्रयास कर रहें है। मित्रों हमारी सनातन संस्कृति के ऋषि-मुनि न केवल ज्ञान-धर्म का प्रचार-प्रसा



है,जहाँ जीना कठिन, मरना जहाँ आसान है! क्या .... यही हिंदोस्तान है ?

है,जहाँ जीना कठिन, मरना जहाँ आसान है! क्या .... यही हिंदोस्तान है ? पकड़ो, पकड़ो , .... मारो ,मारो , की आवाज़ों से वहकांप रहा था । एकाएक आवाज़ें नजदीक आने लगी । उसे कुछ समझ नहीं आ रहाथा। वह जड़ खड़ा था, तभीकिसी ने झपट कर उसे खींच लिया और छिपा लिया अपने आँचल में.....थोड़ी दूर का मंजर देखकर वह छटपटाने ल



है, जहाँ जीना कठिन, मरना जहाँ आसान है=, ..... क्या , यही हिंदोस्तान है ?

है, जहाँ जीना कठिन, मरना जहाँ आसान है .....क्या .... यही हिंदोस्तान है ? पकड़ो, पकड़ो , .... मारो ,मारो , की आवाज़ों से वहकांप रहा था । एकाएक आवाज़ें नजदीक आने लगी । उसे कुछ समझ नहीं आ रहाथा। वह जड़ खड़ा था, तभीकिसी ने झपट कर उसे खींच लिया और छिपा लिया अपने आँचल में.....थोड़ी दूर का मंजर देखकर वह छटपट



Hindi poetry on friends of benefits - मतलब की धूल; अर्चना की रचना

मतलबी दोस्ती पर आधारित हिंदी कविता मतलब की धूलवख्त की तेज़ धूप ने सब ज़ाहिर कर दिया है खरे सोने पर ऐसी बिखरी की उसकी चमक को काफ़ूर कर दिया है जब तक दाना डालते रहे चिड़िया उन्हें चुगती रही हुए जब हाथ खाली तो उसकी चोंच ने ज़ख़्मी कर दिया हैजब तक मेज़बान थे घर में रौनक लगी रही शाम



स्वर्गीय सुभाष चन्द्र बोस ,युवा शक्ति के प्रेरणादायक नेता जी

स्वर्गीयसुभाष चन्द्र बोस युवा शक्ति के प्रेरणा दायक नेता जी डॉ शोभाभारद्वाज सिंघापुर में मेरी बेटी का घर टाउन हाल के पास हैमैं टाउन हाल जाने के लिए उत्सुक थी बेटी मुझे दिखाने के लिये नन्हीं बेटी को लपेट कर हम टाउन हाल पहुंचेवहाँ वृद्ध चीनी इंचार्ज ने चश्में से हमें घूरते हुए क्लास ले ली बच्ची कित



आज़ादी के नारे ,अब

आजकल होने वाले कुछ आंदोलनों में ,ख़ास कर कुछ युवा आन्दोलनों में एक नारा बड़ी उलझन में डाल देता है और डराता भी है। वह है "आज़ादी, हमें चाहिये आज़ादी।" इसके साथ एक से अधिक उलझे सवाल पैदा किये जाते है। आंदोलन फासिस्ट और सांप्रदायिक लोगों ,पार्टियों या सरकारों के खिलाफ बताया जाता है और नारे में आगे जोड़ दिया



दोहा

जो बबूल के फलों में, होती तनिक मिठास।शूल नही तब तो सदा , यह बम रखता पास । - भास्कर मलिहाबादी



प्रदोष व्रत 2020

प्रदोषव्रत 2020कर्पूगौरं करुणावतारं संसारसारंभुजगेन्द्रहारम् |सदा वसन्तं हृदयारविन्दे भवं भवानी सहितन्नमामि ||कल हमनेवर्ष 2020 में आने वाली एकादशी की लिस्ट पोस्ट की थी | एकादशी के बाद आता है प्रदोषका व्रत | इस वर्ष सबसे पहला प्रदोष व्रत पौष माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी कोबुधवार यानी आठ जनवरी को होग



ए टू ज़ेड राजनीति

सी ए ए ,एन सी आर , एन पी ए , डिटेन्शन सेंटर की ए बी सी डी ने देश में कोहराम मचा रखा है । साथ ही शायद मच रहे उत्पात के पीछे मुद्दों की ए बी सी डी न समझना भी है । उपरोक्त मुद्दों पर जिसकी जो राय हो उसका सम्मान करते हुए मैं सिर्फ दृष्टिगत



साथी

साथी उसे बनाओं जो सुख दुख में साथ दे.ना कि उसे जो सिर्फ तस्वीरों में आपकी शोभा बढ़ाएं.शिल्पा रोंघे



वक्त वक्त की बात

कहते है जो ये कि वक्त के पंजों से बचालेंगे तुम्हेंवहीं सबसे बड़ेशिकारी होते हैं.शिल्पा रोंघे



दोहा

दोहा =प्रथम नमन है मंच को , दूजा मंच प्रधान lअग्र नमन कवि गण सखे , छन्दस ज्ञान विधान lपावन प्रेम सनेह में,आनन्दित हरि गेह।चंदन वन सुरभित हुआ,पाया साधु सनेह।भूषण सरिता भुवन तिथि ,कला पुराण बखान lकबिरा तुलसी जायसी , भक्ति प्रबल रसखान llनभ शशि नयना काल युग , कन्या ऋतु स्वर ताल lसिद्धि भक्ति दिगपाल शिव



रोला छंद

रोला- रोला छंद दोहा का उलटा होता है l विषम चरण में ग्यारह मात्रा एवं सम चरण में तेरह मात्रा के संयोग सेनिर्मित [११+१३=२४ मात्रिक ] लोकप्रिय रोला छंद है l रोला छंद में ११,१३ यति २४ मात्रिक छंद है दो क्रमागत चरण तुकांत होते हैं काव्य रम



सच - दो लफ़्जों की कहानी

सच को कड़वा ही रहने दो दोस्तो.गर वो मीठा होता तो तिजारत ही बन जाता.शिल्पा रोंघे



पेट पराया नहीं।

पेट पराया नहीं।पढ़ना,लिखना,हसना,रोना खेल बना गया हैं।पढ़-लिखकर हर इंसान बेरोजगारबन गया हैं।जनता-जनार्दन नेताओं की फेरेवाली माला हैं।जहाँ देखो वही इंसान के साथगड़बड़ झाला हैं।पेट पराया हो नहीं सकता इसीवजह से अपनाए हैं।वर्ना न जाने कब पेट को भीगहने रख आते।बन सहनशाह सड़कों के,ब्यर्थ मे जीवन को बिताते।बैठ दो



लोकतंत्र में

लोकतन्त्र में जायज कुछ चीजें ऐसी हैं कि कब उनका रूप नाजायज़ हो जाये कुछ कह नहीं सकते । एक है किसी मांग को लेकर आंदोलन और जुलूस। नहीं कह सकते कि कब ये हिंसक और विध्वंसकारी हो जाये । कुछ नारे कनफ्यूज करते हैं ,और डराते भी हैं । उनमें एक है "हमें चाहिये आज़ादी"। बड़े संघर्ष और बलिदानों के बाद तो देश को आज़



दोहा

महोदय आपको सादर प्रणाम मैंने कुछ दोहे आपको लिंक में भेंजे है आपको अच्छा लगे तो सूचित करे ...और प्रकाशित कर सके तो बड़ी कृपा होगी बहुत बहुत धन्यबाद रुपेश धनगर मथुरा 9410490520 9760986966



लडके लड़किया दोस्त नहीं by नीतेश शाक्य

लडके लड़कियां प्रेमी प्रेमिका बन सकते दोस्त नहीं प्रेम बासना कर सकते स्नेह नहीं, लड़कियां कहती एक या उससे अधिक दोस्त है, मेरे अनुभव के अनुसार यह बात अपने परिवार वालों से झूठ बोलती है| जबकि यह सच है कि हमने लडके लड़कियों पर मनोविज्ञानिकी अध्ययन किया उससे यह बात बिल्कुल हकीकत सिद्ध होती | हमारे लेख पड़ने



प्याज

ख्याल होगा। प्याज के दाम दोबारा बढ़े थे। पांच रुपए में एक यसे आंसू झरे थे। तभी निम्न लिखित रचना कल्पना में आयी थी। पढ़ें।एक कवि नेसम्पादक को अकेला पायाइधर-उधर देखाकिसी को ईर्द-गिर्द न पाझट कक्ष मेें घुस आयासम्पादक ने सर उठायाअवांछित तत्व को सामने देखबुरा सा मुंह बनाया



दोहा

"दोहा"चाँद आज का मनचला, करता बहुत किलोल।लुक्का-छुप्पी खेलकर, हो जाता है गोल।।-1साजन करवा चौथ का, है निर्जल उपवास।जल्दी लाना चाँद घर, चिलमन चलनी खास।।-2मुखड़ा तेरा देखकर, बुझ जाएगी प्यास।साजन तुम दीर्घायु हो, यहीं चाँद से आस।।-3रूप निखारूँगी सजन, कर सोलह शृंगार।तेरे खातिर रात-दिन, रहती पिय बेजार।।-4चा



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