यादों का मानसून

शाम को ऑफिस से घर जा रहा था कि तभी चिलचिलाती गर्मी के दरवाजे पर मानसून ने दस्तक दी। बारिश होने लगी और सड़क पर चलते लोग बचने के लिए आड़ ढूंढने लगे। मगर मुझे कुछ अलग महसूस हुआ ऐसा लगा कि जैसे इस पल को मैं पहले जी चुका हूं। फिर कुछ पल याद आए जो आज फिर से जीवंत होते लगने लगे। दोस्तों के साथ बिताए पल



मैदान-ए-जंग

ज्येष्ठ मास की दोपहर थी। चिलचिलाती धूप में जमीन तवे कीतरह तप रही थी। गर्म लू के थपेड़े शरीर में एक चुभन पैदा कर रहेथे। सूरज की तपिश से पसीना भी बाहर आने से डरता था। आसमानमें परिंदों का नाम ना था। उस आग बरसाते हुए आसमान के नीचेरियासतों की पलटनों में कोहराम मचा था। हर तरफ लाशें कटे हुएपेड़ों की तरह गि



भूतों से बात करने वाले इस शख्स की रहस्यमयी तरीके से हुई थी मौत, आज जक नहीं सुलझी ये गुत्थी, क्यों ?......

ज़िंदगी से ज्यादा वो मौत का सच जानना चाहता था. मौत के बाद की सच्चाई पता लगाना चाहता था. मुर्दों को ढूंढना उसका शौक़ था. मुर्दों से बात करना उसका शग़ल. अनजान और अदृश्य लोगों की पहेली बुझाना उसका पेशा. लेकिन अब खुद उसी की मौत एक पहेली बन गई थी.ये कहानी है गौरव तिवारी की। अपनी महारत, खास मशीन और कैमरे



"गीत"शीतल झरना बहता पानी फूलों सजी बहार सखीकितना दृश्य मनोरम लगता बगिया है गुलजार सखी

"गीत"शीतल झरना बहता पानी फूलों सजी बहार सखीकितना दृश्य मनोरम लगता बगिया है गुलजार सखीमौसम झूम रहा मतवाला मनमयूर नर्तकी बनानीले पीले लाल बसंती प्रिय रंगो का बाग घनानाचे मोर मयूरी देखे लेकर नैनो में प्यार सखीशीतल झरना बहता पानी फूलों सजी बहार सखी।।ओढ़े चूनर गाती कजरी देख



कार्बन कॉपी - दृश्यम

दिर्श्याम से कार्बन कॉपी गीत: यह विशाल भारद्वाज द्वारा अच्छी तरह से तैयार संगीत के साथ एश किंग द्वारा एक बहुत अच्छा गाया गया गीत है। कार्बन कॉपी के गीत खूबसूरती से गुलजार द्वारा लिखे गए हैं।दृश्यम (Drishyam )कार्बन कॉपी की लिरिक्स (Lyrics Of Carbon Copy )क्या रे ज़िन्दगी क्या है तूअरे क्या रे ज़िन



दम घुटता है - दृश्यम

Dum Ghutta Hai Lyrics from the movie Drishyam is sung by Rekha Bhardwaj and Rahat Fateh Ali Khan, its music is composed by Vishal Bhardwaj and lyrics are written by Gulzar.दृश्यम (Drishyam )दम घुटता है की लिरिक्स (Lyrics Of Dum Ghutta Hai )पल पल का मरना पल पल का जीनाजीना है काम कमकहे दम दम दम दम



दृश्यम (Drishyam )

'द्रश्याम' एक 2015 हिंदी फिल्म है जिसमें अजय देवगन, तबू, श्रीया सरन, रजत कपूर, इशिता दत्ता और मृणाल जाधव प्रमुख भूमिका निभाते हैं। हमारे पास 2 गीत गीत और Drishyam के 2 वीडियो गाने हैं। विशाल भारद्वाज ने अपना संगीत बना लिया है। एश किंग, रेखा भारद्वाज और राहत फतेह अली खान ने इन गीतों को गाया है, जबकि



दृश्य नहीं.... दृष्टि बदलो

भागदौड़ भरे जीवन मे अनेक बार ऐसे अवसर अवश्य आते है, जब व्यक्ति स्वयं के व्यक्तित्त्व को न बदलकर, विश्व को बदलने की नाकाम कोशिश करता है । इस विचारधारा वाला छोटा-बड़ा, अमीर-गरीब या अच्छा-बुरा कोई भी व्यक्ति हो सकता है । यहाँ तक कि, अनेक बार दृढ़-निश्चयी और अच्छा व्यक्ति भी अपने व्यक्तित्त्व को नहीं बदल प



सूबा, सरकार और दरकार.....

आसनसोल (जहाँगीर नेमतपुरी) :- कहा जाता है, जो दिखता है वहीआकडा होता है. हुक्मरान तो कुछ भी कह देते है और उसे आज़ादी भी है. मगर सच्चाई कीलकीर सिर्फ कह देना ही नहीं होता है. क्योकि आकडे, स्थिति,तस्वीर और वर्तमान भी बोलती रहती है. जी हाँ कुछ ऐसी ही स्थितितस्वीर और आकड़ो से हमारा देश गुजर रहा है. मगर अफ़सोस



अध्यापक ....

बचपन से ही आदर्श अध्यापक के बारे यही सुनते आ रहे हैं कि उसके जीवन का उद्देश्य अपने विद्यार्थी को हर सम्भव सहायता और प्रेरणा देना होता है जिससे वह जीवन में सफलता प्राप्त करते है। लेकिन समय के साथ साथ या यूँ कहे की हमारी उम्र बढ़ने के साथ साथ यह बात मन में द्वन्द पैदा करती है की क्या वास्तव में ऐसा ही





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