"अयोध्या - राम"टैम्पल "

"अयोध्या - राम"टैम्पल "--------० ------------------मित्र देश का साथी, था वह बोल रहा ?है हमें बनाने को ,निर्णय मन से लिया | शिव मंदिर यहाँ पर, टैंपल राम अयोध्या || अजब दीवाना जीवन, लौटकर आए न आए, सागर सा यह हृदय, फूल मरुस्थल खिलाए,स्वप्न टीसते रहते,टैंपल राम अयोध्य



आतंकवाद

घबराहट है, डर का साया है आतंकवाद ने घमासान मचाया हैमजहब या कि जिहाद के नाम पर आतंकवाद ने मौत का खेल खिलाया हैआतंकी किस मजहब का ? यह तो मानवता का दुश्मनइसमें बस आतंक समाया है मासूमों की जान से खेलाआतंकी ने सब में डर को है घोलायह ना हिन्दु, ना यह मुस्लिम यह तो ब



वैटिकन सिटी नहीं बल्कि ये है दुनिया का सबसे छोटा देश, जहां की जनसंख्या है सिर्फ 27

दुनिया में एक देश ऐसा भी है, जहां की जनसंख्या मात्र 27 है। जी हाँ, इंग्लैंड के सफोल्क समुद्री तट से करीबन 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित इस देश का नाम सीलैंड है, जो खंडहर हो चुके एक समुद्री किले पर स्थित है।दूसरे विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटेन द्वारा बनाए गए इस देश पर कई लोगों ने अपना हक जाहिर किया है।



दुनिया की सबसे शातिर जासूस, सूरत जितनी दिलकश, कारनामे उतने खतरनाक

जासूसी कहानियों में किसी महिला का ख़ूनी होना हमेशा ही आकर्षित करता है। इसका सबसे बड़ा कारण है कि महिलाओं का इस तरह के किरदार में कम देखा जाना और जो सामान्य नहीं होता वो हमेशा आ



इस जगह पर हर पिता अपनी बेटी के साथ ही शादी कर सुहागरात मानाने को है मजबूर !!

इस दुनिया में बहुत सारे ऐसे जगह है जहां पर अजीबोगरीब परंपराएं चलती आ रही है। इनमें से कुछ परंपरा तो ऐसी होती है जो हमारे रिश्ते को भी शर्मसार कर देती है। ऐसे ही एक जगह के बारे में बताने जा रहे हैं जहां की अजीबोगरीब परंपरा के बारे में जानकर आप हैरान हो जाएंगे।दरअसल बांग्ला



वफ़ाएं देख लीं (Vafaayen Dekh Lin )- सब प्यार की बातें करते हैं

Vafaayen Dekh Lin - Sab Pyaar Ki Baatein Karte Hain Lyrics of Matlabi Duniya : Vafaayen Dekh Lin - Sab Pyaar Ki Baatein Karte Hain is a beautiful hindi song from 1961 bollywood film Matlabi Duniya. This song is composed by Jayanti Joshi. Mukesh has sung this song. Its lyrics are written by Ramesh Gu



मतलबी दुनिया (Matlabi Duniya )

'मटकाबी डूनिया' 1 9 61 की हिंदी फिल्म है जिसमें प्रमुख कुमार, आशा, धूमल और सतीश व्यास प्रमुख भूमिका निभाते हैं। हमारे पास मटकाबी डूनिया के एक गीत गीत हैं। जयंती जोशी ने अपना संगीत बना लिया है। मुकेश ने इन गीतों को गाया है जबकि रमेश गुप्ता ने अपने गीत लिखे हैं।इस फिल्म के गाने वफ़ाएं देख लीं - सब प्या



एक जिद्द कविता]

बहुत देख ली आडंबरी दुनिया के झरोखों से बहुत उकेर लिए मुझे कहानी क़िस्सागोई में लद गए वो दिन, कैद थी परम्पराओं के पिंजरे में भटकती थी अपने आपको तलाशने में उलझती थी, अपने सवालों के जबाव ढूँढने में तमन्ना थी बंद मुट्ठी के सपनों को पूरा करने की उतावली,आतुर हकीकत की दुनिया जीने की दासता की जंजीरों को तो



भाषा-व्यक्तित्व का आईना

भाषा-व्यक्तित्व का आईना डा. वेद प्रकाश भारद्वाज भाषा एक आईने की तरह होती है। हम जैसी भाषा बोलते हैं या लिखते हैं वैसा ही हमारा व्यक्तित्व होता है जो भाषा के आईने से सबके सामने आ जाता है। इस दृष्टि से यदि हम आज के युवाओं और बच्चों की भाष



एटलस के रचनाकार “अब्राहम ऑर्टेलियस”

आज से लगभग 400 वर्ष पहले के वक्त की कल्पना कीजिए, तब किसी ने दुनिया का मुकम्मल नक्शा नहीं बनाया था । उस समय पृथ्वी की भोगोलिक स्थिति को समझा पाना कितना कठिन होता होगा ? ... और यह मुश्किल काम करने वाले थे अब्राहम ऑर्टेलियस । जी हाँ, आज के दिन सर्च इंजन ‘गूगल’ ने अपन



तलबगार है कई पर

तलबगार है कई पर मतलब से मिलते हैं ये वो फूल हैं जो सिर्फ मतलबी मौसम में खिलते हैं रोक लगाती है दुनिया तमाम इन पर पर देखो मान ये इश्कबाज पक्के जो पाबंदियों में भी मिलते हैं मोहब्बत के रोगी को दुनिया बेहद बदनाम ये करती है जनाब क्यों फिर भी आधी दुनिया हाए इसी पे मरती है कहते हैं कई धोखेबाज भी लेन-देन द



अपनी ही दुनियां

शान्त चेहरे की अपनी होती एक कहानी पर दिलके अंदरहोते जज्बातों के तूफान,अंदर ही अंदर बंबद किताब के पन्ने पनीलीऑंखों से अनगिनत सपने झाकते , जीवनका हर लम्हा तितर बितर,जीवन का अर्थ समझ नही आता, भावहीन सी सोचती,खुद को साबित करने को



हिंदी बनाम अंग्रेजी

हिंदी हमारी मात्र् भाषा है, लेकिन अन्ग्रेज़ी ना तो मात्र्भाषा है ना ही राष्ट्रभाषा !हमारा देश दुनिया के सम्रदतम देशों में से एक है जहाँलगभग ३०० से अधिक भाषाएँ बोली जाती हैं किन्तु हमारे संविधान ने इनमें से२२ भाषाओं को संरक्षण प्रदान कि



“गजल” मतलब की दुनिया के खैर तो देखो

“गजल” चहलकदमी के नपे पैर तो देखो सुबहो शाम दस्तकी शैर तो देखो गिनते हैं रिश्ते कई पीढ़ियों तक मतलब की दुनिया के खैर तो देखो॥ भरे आए थे खाली होकर चल दिए अपने सरीखे मिले गैर तो देखो॥ मन में रखते हैं सजाए नूर नजर वक्त आने पर उपजे कैर तो देखो॥ जानकर प



कुछ पाने की तमन्ना में हम खो देते बहुत कुछ है - Open Books Online

कुछ पाने की तमन्ना में हम खो देते बहुत कुछ हैअँधेरे में रहा करता है साया साथ अपने परबिना जोखिम उजाले में है रह पाना बहुत मुश्किलख्वाबों और यादों की गली में उम्र गुजारी हैसमय के साथ दुनिया में है रह पाना बहुत मुश्किलकहने को तो कह लेते है अपन



अपनी दुनिया से दूर (दूसरा अंतिम भाग)

‘‘लेकिन तुम मुझे सम्राट से क्यों मिलाना चाहती हो?’’ शीले ने एक मशीन पर झुकते हुए पूछा। इस समय वह अपनी लैब में मौजूद था और ज़ारा भी उसके साथ थी। ‘‘दरअसल हमने सम्राट को गलत समझा। जब मैंने सम्राट से तुम्हारे बारे में बताया और कहा कि मैं तुमसे प्यार करती हूं तो वह बहुत खुश हुए और कहा कि मैं किसी को ज़बर



अपनी दुनिया से दूर (भाग-एक )

----जीशान हैदर जैदी उसकी खूबसूरती सितारों को मात दे रही थी। उसके चेहरे पर वो कशिश थी कि नज़र एक बार पड़ने के बाद हटना गवारा नहीं करती थी। पूरे पाँच सौ लोगों की भीड़ में हर व्यक्ति उसी को घूर रहा था। लेकिन खुद उसकी निगाहें किसको ढूंढ रही हैं, यह किसी को मालूम नहीं था।‘‘एक्सक्यूज़ मी, क्या आप मेरे साथ



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