गांधी



Mahatma Gandhi:'बापू' की पुण्यतिथि के दिन क्यों मनाया जाता है 'बलिदान दिवस'?

17वीं शताब्दी के अंत में अंग्रेज व्यापार करने के बहाने भारत में घुसे और पूरे देश पर धीरे-धीरे कब्जा कर लिया। ब्रिटिश सरकार की हुकुमत पूरे देश पर चलने लगी और इन्होंने कुछ साल नहीं बल्कि 200 साल से ज्यादा भारत को गुलाम बनाकर रखा। भारत की स्थिति बहुत ज्यादा खराब हो गई थी और इस दौरान कुछ क्रांतिकारी लोग



कौन थी वो लड़की जो गांधी जी की मौत के समय उनके साथ थी?

भारत के राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश की आजादी में जो योगदान दिया है उसे देश कभी भूल नहीं सकता है। हमेशा देश के बारे में सोचने के बाद भी उन्हें एक ऐसी मौत मिली थी जो शायद हम कभी दुश्मनों की भी नहीं चाहेंगे। देश में आज कुछ लोग गांधी जी के आदर्शों को गलत बताते हैं तो कोई उनके बहुत बड़े समर्थक हैं।



ये तो नेहरू से भी बड़े सिरदर्द

महात्मा गांधी एक वह नाम जो एक पार्टी के लिए तारणहार तो एक पार्टी के लिए मारणहार की भूमिका में रहा है और यही कारण रहा कि एक पार्टी उन्हें बचाने में लगी रही तो एक पार्टी ने उन्हें निबटाने में अपनी अहम भूमिका निभाई किन्तु समय बीतते बीतते ऐसा समय आ गया कि मारणहार की लोकप्रियता और जन समुदाय का उनके प्रति



गांधीजी का जादू

एक कहावत थी "मज़बूरी का नाम महात्मा गांधी" , अब कहावत है " मज़बूरी में नाम महात्मा गाँधी ". गाँधी के विचारों की सच्चाई यही है कि उनके कातिलों को भी उनके नाम का जाप करना पड़ रहा है. सावरकर या गोडसे के नाम से नैया पार होती दिखती नही



गांधीजी का शिक्षा दर्शन

शिक्षा ........जन-जन के प्रेरणा स्त्रोत गांधीजी की सूक्तियों,चिंतनशील विचारों में समाहित अनगिनत शिक्षाओं को आत्मसात करने से,जीवन में तम की जगह उजास और प्रेरणा



नेहरू के खिलाफ जाकर शादी करने वाली इंदिरा गांधी कैसे बनी महान प्रधानमंत्री!

आजाद भारत की पहली महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की छवि आम भारतीयों में बहुत खास है। हर किसी के मन में इंदिरा गांधी के लिए काफी इज्जत का भाव है और उनका जीवन परिचय भी काफी रोचक है। इंदिरा गांधी से जुड़े कई महत्वपूर्ण वाक्या है जिसमें साल 1975 के इमरजेंसी और ऑपरेशन ब्ल



जीवनी : देश के बंटवारे के समय महात्मा गांधी का हुआ था कुछ ऐसा हाल

Mahatma Gandhi Biography- भारत के राष्ट्रपिता के रूप में पहचाने जाने वाले महात्मा गांधी का दर्जा आज भी बहुत ऊंचा है। भारतीय मुद्रा हो या फिर कोई सड़क का नाम हर जगह महात्मा गांधी को आज भी सम्मान दिया जाता है। उनकी तस्वीरें सरकारी भवनों में नजर आती हैं और इसके अलावा 15



पारसी परिवार में जन्में थे राहुल गांधी के दादा फिरोज जहांगीर, जानिए कैसे बने थे गांधी ?

भारत के सबसे मजबूत राजनीतिक परिवार में 'गांधी परिवार' का नाम भी आता है। आज भले लोग गांधी परिवार का मजाक बनाने लगे हों लेकिन इनकी शुरुआत जब हुई तो एक खास बात रहती थी। इंदिरा गांधी एक दमदार शख्सियत थीं और उनके बेटे राजीव गांधी ने भी लोगों के दिल में खास जगह बनाई थी लेकिन उनके बेटे राहुल गांधी तो आज की



जन्मदिन विशेष : इन बड़े कामों के जरिए राजीव गांधी ने बदली थी भारत की तस्वीर

आजादी के बाद भारत में कई प्रधानमंत्री बने लेकिन कुछ ऐसे थे जिन्होंने देश की तरक्की के लिए बहुत से अच्छे काम करवाए। उन्हीं में से एक थे राजीव गांधी, जो देश के 7वें और सबसे कम उम्र में बनने वाले पहले प्रधानमंत्री थे। राजीव गांधी का व्यक्तित्व बेहद शानदार रहे और वे आम जन



गांधी की विरासत के उत्तराधिकारी नेहरू

गाँधी जी की विरासत के उत्तराधिकारी नेहरू. गाँधी जी ने क्यों नेहरू जी को अपना उत्तराधिकारी चुना? कुछ लोग नेहरू की बुराई करने इस हद तक चले जाते है कि शक होता है कि क्या वाकय पटेल लौहपुरुष थे? 3000 करोड़ की मूर्ति एक लौहपुरुष की य



गाँधी जी का रामराज्य

गाँधी जी जो लोकतन्त्र और प्रजातन्त्र के लिए लड़ रहे थे , वही गाँधी जी राम राज्य की बात भी कर रहे थे? गांधीजी हिन्दुराष्ट्र के विरोधी थे, लेकिन बात रामराज्य की करते थे एक राजतंत्र की. गीता पढ़ते थे, गीता में विश्वास रखते थे, पर युद्ध



ज़ूम स्टूडियोज़ की सीरीज द हॉलिडे की समीक्षा - आकर्षक, सुंदर और मनोरंजन से भरी बेचलरेट | आई डब्लयू एम बज

बचपन के दोस्तों के साथ एक छुट्टी हमेशा एक मजेदार अनुभव है और जब यह सन किस्ड वाले, घिरा हुआ-से-नीलम-सागर मॉरीशस की छुट्टी हो तो, इसमें एक के जीवन के सबसे यादगार घटनाओं में से एक में बदलना क्षमता है।ज़ूम स्टूडियोज़ की लेटेस्ट वेब सीरीज द हॉलिडे हमे चार की जोड़ी मेहेक जो अदा



राहुल गांधी को अपने नाम की वजह से ना सिम मिला ना लोन !

दुनिया में बहुत सी चीजें अजीबों गरीब हैं और लोगों को ऐसी ही चीजें पसंद होती है। अगर किसी इंसान का नाम किसी सेलिब्रिटीज से मिलता जुलता है तो लोग उनका मजाक बनाने लगते हैं। कुछ ऐसा ही हाल मध्य प्रदेश के इस युवक के साथ हुआ जब अपने नाम के कारण कुछ परेशानियों का सामना करना



गोडसे की विचारधारा में गांधीवाद की खोज ( भाग 1)

कहते है कि महात्मा गांधी की हत्या 30 जनवरी 1949 में नाथू राम गोडसे ने की थी. यह अपने आप में पूरा सत्य नहीं है. यदि हम गांधी और गोडसे को व्यक्ति के रूप में देखे तो यही सत्य है, पर गाँधी और गोडसे को एक विचारधारा के रूप में देखे तो यह अर्ध सत्



इस्लामिक सेकुलरिज्म

हजारों वर्षों से भारत की धरती विदेशी आक्रमणकारिओ व उनके द्वारा किए हुए अमानवीय व अप्रत्याशित,अकल्पनीय वहाबी कृतियों को स्वतंत्रता के उपरांत भी मधु भाषणीय कवियों की पंक्तियों की तरह भारत के शिक्षा क्रम में पारितोषिक किया जा चुका है.जीसस के जन्म से भी पूर्व महान राष्ट्रप्रेमी विद्वान पंडित चाणक्य द्वा



कांग्रेस में 2019 के चुनाव में हार पर मंथन चल रहा है

कांग्रेस में 2019 के चुनावमें हार पर मंथन चल रहा है - डॉ शोभा भारद्वाज महात्मा गांधी ने आजादी केबाद कांग्रेस को भंग करने की अपील की थी लेकिन स्वतन्त्रता आन्दोलन काप्रतिनिधित्व करने वाला दल मजबूत राजनीतिक दल बन गया था| कांग्रेस पर शुरू से प्रधानमंत्री स्वर्गीय जवाहर ला



‘‘पर्रिकर’’ ‘‘वाद’’ को ढूँढता मेरा देश। ‘व’’ ‘‘गांधीवाद’’ से चलकर ‘‘पर्रिकरवाद’’ तक पहुंचने का सुखद अहसास!

देश के प्रथम आई.आईटी शिक्षा प्राप्त (गोवा के) मुख्यमंत्री एवं पूर्व रक्षामंत्री डॉ. मनोहर गोपाल कृष्ण प्रभु पर्रिकर लम्बी बीमारी से अदम्य आत्मबल के साथ लड़ते हुये अब इस दुनिया में नहीं रहे और ‘‘स्वर्गवासी’’ हो गये। याद कीजिये! विधानसभा में बजट प्रस्तुत करते समय उनका वह चेहरा, जो चिकित्सकीय उप



महात्मा गांधी को मारने वाले शख्स की अस्थिया आज तक नहीं हुई विर्सजित

हिंदू धर्म में किसी की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार किया जाता है, शव को मुखाग्नि दी जाती है औऱ फिर उसकी अस्थियों को गंगा जी में प्रवाहित किया जाता हैं। ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से मृतक की आत्मा को शांति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताएंगे जिनक



इस लेख को पढ़ते ही आप नहीं रह जाएंगे सामान्य व्यक्ति

अगर हम किताबें पढ़ना शुरू करें तो पाएंगे कि इस दुनिया में जो कुछ भी नया हो रहा है वो नया नहीं है। तमाम नए विचारों को सदियों पहले से ही सोचा जा रहा है और उस पर काम भी किया जा रहा है।गौरतलब है कि हम अपने सभी विचारों को अपना मानते हैं और नया भी पाते हैं उसके बाद भी हम सा



राफेल डील घोटाले पर हमेशा बोलने वाले राहुल गाँधी की हो गई बोलती बंद,जानिए ऐसा क्या हुआ आज संसद में

राफेल डील मामले पर लोकसभा में हुई चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने कई सवाल खड़े किए और आरोप लगया कि इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने झूठ बोला है। राहुल के सवालों को जवाब देने के लिए सत्ता पक्ष से वित्त मंत्री अरुण जेटली खड़े हुए और उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी



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