घिर

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"गीतिका" छा रही कितनी बलाएँ क्या बताएँ साथियों द्वंद के बाजार में क्या क्या सुनाएँ साथियों

छन्द- सीता (मापनीयुक्त वर्णिक) वर्णिक मापनी - 2122 2122 2122 212 अथवा लगावली- गालगागा गालगागा गालगागा गालगा पारंपरिक सूत्र - राजभा ताराज मातारा यमाता राजभा (अर्थात र त म य र)"गीतिका" छा रही कैसी बलाएँ क्या बताएँ साथियोंद्वंद के बाजार मे



“नवगीत” घटा घिरि आई सजनी

“नवगीत” सावन की पुरुवाई, घटा घिरि आई सजनी बादल की तरुनाई, अदा चित छाई सजनी साजन घर तरु ओरी, नदी उतिराई छलकी पाहुन की पहुनाई, निशा लहराई सजनी......सावन की पुरुवाई, घटा घिरि आई सजनी आपन मनन मिताई, नैन भिगाई सजनी चातक चहक चिराई, सुबा निराई सजनी सोहर सगुन सुनाई, ख





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