सूर्य का कन्या में गोचर

सूर्य का कन्या में गोचरकल यानी 17 सितम्बर, आश्विन कृष्ण तृतीया को दोपहर एक बजकर तीनमिनट के लगभग विष्टि करण और ध्रुव योग में सूर्यदेव अपनीस्वयं की राशि सिंह से निकल कर कन्या राशि में प्रस्थान कर जाएँगे | अपने इस गोचरके समय सूर्य उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र पर होंगे,जहाँ से 27 सितम्बर को हस्त नक्षत्र और ग्



शुक्र का कन्या में गोचर

शुक्र का कन्या में गोचर मंगलवार नौ सितम्बर भाद्रपद शुक्लद्वादशी को 25:41 (अर्द्धरात्र्योत्तर एक बजकर इकतालीस मिनट के लगभग) बव करण और शोभनयोग में समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प, सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीतितथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि का कारकशुक्र शत्रु ग्रह स



बुध का सिंह में गोचर

बुध का सिंह में गोचर सर्वप्रथमसभी को श्री कृष्ण जन्माष्टमी की हार्दिक शुभकामनाएँ… सोमवार 26 अगस्त यानीभाद्रपद कृष्ण एकादशी को बव करण और सिद्धि योग में दिन में दो बजकर सात मिनट केलगभग बुध अपने शत्रु ग्रह चन्द्रमा की कर्क राशि से निकल कर अपने मित्र ग्रह सूर्यकी सिंह राशि और मघा नक्षत्र पर गोचर कर जाएग



सूर्य का सिंह में गोचर

सूर्य का सिंह में गोचरकल भाद्रपद कृष्ण द्वितीया यानी 17 अगस्तको दिन में एक बजकर तीन मिनट के लगभग गर करण और अतिगण्ड योग में सूर्यदेव अपनेमित्र ग्रह चन्द्र की कर्क राशि से निकल कर अपनी स्वयं की राशि सिंह और मघा नक्षत्रमें प्रस्थान कर जाएँगे | यहाँ भ्रमण करते हुए 31 अगस्त को पूर्वा फाल्गुनीनक्षत्र और च



शुक्र का सिंह में गोचर

शुक्र का सिंह में गोचर शुक्रवार सोलह अगस्त यानी भाद्रपदकृष्ण द्वितीया को तैतिल करण और अतिगण्ड योग में रात्रि आठ बजकर चालीस मिनट केलगभग समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प, सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीतितथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि के कारकशुक्र का अपने शत्रु ग्रह सूर



मंगल का सिंह में गोचर

मंगल का सिंह में गोचरकल शुक्रवार नौ अगस्तयानी श्रावण शुक्ल नवमी को सूर्योदय से लगभग एक घंटा पूर्व चार बजकर सैंतालीस मिनटके लगभग मंगल अपने एक मित्र चन्द्र की कर्क राशि से निकल कर दूसरे मित्र ग्रहसूर्य की राशि सिंह में और मघा नक्षत्र पर प्रस्थान कर जाएगा तथा अस्त होगा और 22अक्टूबर तक अस्त ही रहेगा | इ



सूर्य का कर्क में गोचर

सूर्य का कर्क में गोचर - कर्क संक्रान्ति आज गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व है, सर्वप्रथम गुरुजनों को श्रद्धापूर्वक नमन करते हुए सभी को गुरु पूर्णिमाकी हार्दिक शुभकामनाएँ…आज खण्डग्रासचन्द्रग्रहण भी है | जैसा कि हम अपने पूर्व के लेखों में भी लिखते आए हैं कि सूर्यग्रहण और चन्द्रग्रहण बहुत ही आकर्षक खगोलीय



शुक्र का मिथुन में गोचर : राशिफल

शुक्र का मिथुन में गोचरआज यानी 28 जून को 25:34(अर्द्धरात्र्योत्तर एक बजकर चौंतीस मिनट) के लगभग समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प,सौन्दर्य, बौद्धिकता,राजनीति तथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि काकारक शुक्र अपनी स्वयं की राशि से निकल कर अपने मित्र ग्रह बुध की मिथुन राश



मंगल का कर्क में गोचर

मंगल का कर्क में गोचरआज आषाढ़ कृष्ण षष्ठीको रात्रि ग्यारह बजकर बाईस मिनट के लगभग मंगल अपने शत्रु गृह बुध की मिथुन राशिसे निकल कर राशि कर्क में प्रस्थान कर जाएगा – जहाँ कल ही बुध का भी गोचर हुआ है | इसप्रस्थान के समय गर करण और प्रीति योग होगा तथा मंगल इस समय पुनर्वसु नक्षत्र परहोगा | बुध वहाँ पहले ही



बुध का कर्क में गोचर

बुध का कर्क में गोचर कल यानी शुक्रवार, 21जून, आषाढ़ कृष्ण चतुर्थी को बव करण और वैधृति योग में 26:27(अर्द्धरात्र्योत्तर दो बजकर सत्ताईस मिनट) के लगभग बुध अपनी स्वयं की राशि मिथुनको छोड़कर चन्द्रमा की कर्क राशि में प्रस्थान कर जाएँगे | इस प्रस्थान के समय बुध पुनर्वसुनक्षत्र पर होगा तथा गुरु की दृष्टि भी



सूर्य का मिथुन में गोचर

सूर्य का मिथुन में गोचर आज सायं पाँच बजकर उन्तालीस मिनट केलगभग भगवान भास्कर अपने शत्रु गृह शुक्र की वृषभ राशि से निकल कर बुध की मिथुनराशि में प्रविष्ट हो जाएँगे, जहाँ उनके लिए विचित्र परिस्थिति बनी हुई है | एक ओरउनका मित्र ग्रह मंगल वहाँ गोचर कर रहा है तो वहीं दूसरी ओर एक शत्रु ग्रह राहु कागोचर भी व



शुक्र का वृषभ में गोचर

शुक्र का वृषभ में गोचरआज वट सावित्री सोमवती अमावस्याहै | कल यानी दो जून को सायं चार बजकरउनतालीस मिनट पर अमावस्या तिथि का आगमन हुआ है जो आज दोपहर तीन बजकर इकत्तीस मिनटतक अमावस्या रहेगी | अतः सामान्य रूप से व्रत के पारायण का समय भी इसी समय तक है |जो भी महिलाएँ इस व्रत का पालन करती हैं सर्वप्रथमउन सभी



बुध का मिथुन में गोचर

बुध का मिथुन में गोचरकल शनिवार रविवारयानी ज्येष्ठ कृष्ण चतुर्दशी अर्थात 1 जून को 24:17 (मध्यरात्रि में 12:17) केलगभग विष्टि करण और अतिगण्ड योग में बुध अपने मित्र शुक्र की वृषभ राशि से निकल करअपनी स्वयं की राशि मिथुन में प्रविष्ट होगा | मिथुन राशि में प्रवेश के समय बुध मृगशिरानक्षत्र में होगा तथा कुछ



बुध का वृषभ में गोचर और बुद्ध पूर्णिमा

बुध कावृषभ में गोचरशनिवार 18 मई यानी वैशाख शुक्लपूर्णिमा को रात्रि 11:35 के लगभग बव करण और परिघ योग में बुध मेष राशि से वृषभराशि में प्रस्थान कर जाएगा | कल ही भगवान बुद्ध का जन्म दिवस बुद्ध पूर्णिमा भीहै | साथ ही कल यानी वैशाख शुक्ल पूर्णिमा को ही महात्माबुद्ध को ज्ञान की प्राप्ति हुई और इसी तिथि को



सूर्य का वृषभ में गोचर

सूर्यका वृषभ में गोचर 2019कल, यानी बुधवार 15 मई 2019 को प्रातःग्यारह बजकर एक मिनट के लगभग आत्मा के कारक भगवान भास्कर ने अपने मित्र मंगल कीराशि मेष से निकल कर अपने शत्रु ग्रह शुक्र की राशि वृषभ में प्रस्थान करेंगे | यद्यपि कल सूर्योदय के समय वैशाख शुक्ल एकादशी है,किन्तु सूर्य के वृषभ राशि में प्रस्था



शुक्र का मेष राशि में गोचर

शुक्र का मेष राशि में गोचर कल शुक्रवार, वैशाख शुक्ल षष्ठी कोरात्रि सात बजकर छह मिनट के लगभग तैतिल करण और गण्ड योग में समस्त सांसारिक सुख,समृद्धि, विवाह, परिवारसुख, कला, शिल्प, सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीतितथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि का कारक शुक्र मेष राशि और अश्विनीनक्षत्र पर प्रस्थान क



मंगल का मिथुन में गोचर

मंगल का मिथुन राशि में गोचरमंगलवार सात मई यानीवैशाख शुक्ल तृतीया है – यानी अक्षय तृतीया | जिसे भगवान् विष्णु के छठेअवतार परशुराम के जन्मदिवस के रूप में भी मनाया जाता है | सर्वप्रथम सभी को अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएँ...कल प्रातः 6:53 केलगभग तैतिल करण और अतिगण्ड योग में मंगल वृषभ राशि से निकल क



बुध का मेष में गोचर

बुध का मेषराशि में संक्रमण 2019शुक्रवार तीन मई वैशाख कृष्ण चतुर्दशी को सायं पाँच बजकर तीन मिनट के लगभगशकुनि करण और प्रीति योग में बुध मेष राशि और अश्विनी नक्षत्र पर प्रस्थान करजाएगा | मेष राशि पर भ्रमण करते हुए बुध 11 मई को भरणी नक्षत्र तथा 17 मई कोकृत्तिका नक्षत्र पर भ्रमण करेगा, और अन्त मेंकृत्तिक



शुक्र का मीन में गोचर

शुक्र का मीन राशि में गोचर आज चैत्र शुक्लएकादशी को अर्द्धरात्र्योत्तर एक बजकर चार मिनट के लगभग विष्टि करण और गण्ड योगमें समस्त सांसारिक सुख, समृद्धि, विवाह, परिवार सुख, कला, शिल्प,सौन्दर्य, बौद्धिकता, राजनीतितथा समाज में मान प्रतिष्ठा में वृद्धि आदि का कारक शुक्र अपने परम मित्र शनि कीराशि कुम्भ से न



सूर्य का मेष में गोचर

सूर्य कामेष राशि में गोचर 2019सूर्य के मेष राशि में संचार अर्थात मेष संक्रान्ति केविषय में चर्चा आरम्भ करने से पूर्व - कल बैसाखी काउल्लासमय पर्व है, जिसके लिए सभी को हार्दिकशुभकामनाएँ...कल, रविवार 14 अप्रेल को अपराह्न दो बजकरनौ मिनट पर भगवान् भास्कर अपने एक मित्र गुरु की राशि मीन से निकल कर दूसरे मि



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