हमारे

"गीतिका" भुला बैठे हमारे प्यार और इजहार के वो दिन नहीं अब याद आते है मुहब्बत प्यार के वो दिन

मापनी- 1222 1222 1222 1222, समांत- आर, पदांत- के वो दिन"गीतिका" भुला बैठे हमारे प्यार और इजहार के वो दिननहीं अब याद आते है मुहब्बत प्यार के वो दिनलिखा था खत तुम्हारे नाम का वो खो गया शायदकहीं पर शब्द बिखरे हैं कहीं मनुहार के वो दिन।।उठाती हूँ उन्हें जब भी फिसल कर दूर हो जातेबहारों को हँसा कर छुप गए



मुक्तक

वो हमारे पास जब भी आते हैं हमारे खास हैं अहसास ये करते हैसौ -सौ दुआएं सामने सलामती की,पीछें बर्बादी की योजना बनाते हैं



हमारे त्यौहार और हमारी मानसिकता

रहम करे अपनी प्रकृति और अपने बच्चो पर , आप से बिनम्र निवेदन है ना मनाया ऐसी दिवाली गैस चैंबर बन चुकी दिल्ली को क्या कोई सरकार ,कानून या धर्म बताएगा कि " हमे पटाखे जलने चाहिए या नहीं?" क्या हमारी बुद्धि और विवेक बिलकुल मर चुकी है ? क्या हममे सोचने- समझने की शक्ति ही नहीं बची जो हम सम



हम और तुम थे साथी अभी है कल की बात - हमारे तुम्हारे

Lyrics of Hum Aur Tum The Saathi Abhi Hai Kal Ki Baat from Hamare Tumhare: This is a very well sung song by Kishore Kumar with nicely composed music by R D Burman. Hum Aur Tum The Saathi Abhi Hai Kal Ki Baat Lyrics are beautifully penned by Yogesh.हमारे तुम्हारे (Hamare Tumhare )हम और तुम थे साथी अभ



हमारे तुम्हारे (Hamare Tumhare )

"Hamare Tumhare" is a 1979 hindi film which has Sanjeev Kumar, Rakhee Gulzar, Amjad Khan, Prem Krishan, Radhika Sarathkumar, Mehmood, Shubha Khote and Asrani in lead roles. We have one song lyrics and one video song of Hamare Tumhare. R. D. Burman has composed its music. Kishore Kumar has sung thes



फिल्मी पर्दा करे बेपर्दा



रघुवर कोशल दीप हमारे "गीतिका"

"गीतिका"जगमग अवली दीप हमारेसुंदर साख प्रदीप हमारेअनुपम पुंज प्रकाश पर्व यहरोशन चित नवदीप हमारे।।चाँद छुपा है रात दिवालीआभा अति प्रियदीप हमारे।।शोर शराबा किलक पटाखेहरषित प्रिय कुलदीप हमारे।।रंगोली घर घर पहुनाईझिलमिल झाँकी दीप हमारे।।आव भगत अरु कुशलम क्षेमासुंदर छवि प्रतिदी



हमारे नेता—डी के निवातिया

विकास की डोर थाम ली है हमारे नेताओ ने ।अब नये शमशान और कब्रिस्तान बनायेंगे।।कही भूल न जाओ तुम लोग मजहब की बाते ! याद रखना इंसानियत को इसी से मिटायेंगे ।।!!!डी के निवातिया



बाबा आएगा

बचपन में हम अपनों की गोद में छुपा के सर खुद सुकून से सो जाते थे .......जब कोई कहता बाबा आएगा और उठाकर ले जाएगा आज अपने ही चमन में जब अपनों के सताने से आती नहीं है नीद हमें तो बाबा के पास जाते है और दिखा कर हाथ कहते है बड़े कष्ट में है हम बाबा ले लो तुम हमको अपनी शरण .......





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