बिगड़े नेताओं के ‘‘बिगडे़ बोल’’-‘‘विवादित बोल’’! फायदा-नुकसान कितना!

भारतीय राजनीति में हमेशा से ही ‘‘बयानवीर’’ मीडिया में सुर्खिया पाते रहे है। विभिन्न राजनैतिक पार्टियों के कुछ नेतागण अपने बेवाक बयानों के माध्यम से सुर्खियाँ बटोरनें के उदे्श्य से ऐसे बयान देते रहते है, जिसके परिणाम स्वरूप उनकी छाप एक चर्चित चेहरे की होकर वे माने जाने



इन चार दिनों में क्रिकेट में कौन सी शीर्ष चीजें नहीं दिख रही हैं?

बदलें, यह कितना दर्दनाक या खुशी हो सकता है, जीवन में एकमात्र स्थिरता है। यह जीवन में हमारी प्रगति का एक प्रतिबिंब है। खेल, और विशेष रूप से क्रिकेट उपरोक्त तथ्य के लिए कोई अपवाद नहीं है।कालातीत टेस्ट और वर्ल्ड सीरीज़ क्रिकेट से दो के राजमतम तक और अब 100 गेंद के प्रारूप के लिए हालिया धक्का, क्रिकेट पि



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पात्रों का चयन हमेशा अदभुत

वह लड़की साँवली सी बला की खूबसूरत शिवानी की कृष्णकली सी … उसकी हँसी से बचपन की कहानियों जैसे फूल झड़ते आँखों से मोती बरसते 'देवा ओ देवा' .... कहकर वह खाली कमरों में दौड़ लगाया करती थी !हाँ, कमरे की अदृश्य प्रतिध्वनियों से उसकी दोस्ती थी जिन्हें कोई आकार देने से डरती थी छवि मिटने का बेहद डर था उसे नाम





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