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रानी बेटी लाडली बेटी

रानीबेटी लाडली बेटी डॉ शोभाभारद्वाज भारतीय वायुसेना के पास फाईटर प्लेन उड़ाने वालीदस महिला पायलेट हैं फाईटर प्लेन सुपरसोनिक जेट्स उड़ाना आसान नहीं है इन्हें कठिन ट्रेनिग सेगुजरना पड़ता है | बनारस की प्लाईट लेफ्टिनेंट शिवानी सिंह दुनिया के सर्वोत्तमश्रेणी के फाईटर प्लेनों में से एक रफेल की पहली महिला प



सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में हैं

सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है डॉ शोभा भारद्वाज लाहौर सेंट्रल जेल ,23 मार्च 1931 को भोर ,इंकलाब ज़िंदा बाद के नारों से जेल की दीवारे थर्रा उठी थी भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ने अपने हाथ जोड़े और अपना प्रिय आज़ादी गीत गाने लगे-कभी वो दिन भी आएगाकि जब आज़ाद हम होंगेंये अपनी ही ज़मीं होगीये अपन



स्यापा (मातम ) क्या अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता है ?

स्यापा ( मातम ) क्या अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रताहै ? डॉ शोभा भारद्वाज किस्सा पंजाब का है,पहले किसी सम्मानित वृद्ध की मृत्यू होती थी अपना वैभव व दुःख दिखाने के लिएरुदालिया बुलाई जाती इनकी बकायदा मंडलियाँ थीं इनके कई किस्से भी हैं.एक वृद्ध सेठ लालाजी के नाम से मशहूर था की मृत्यू हुई भरापूरा परिवार था ल



कवींन बी मेरी माँ

क्वीन बी मेरी माँ ( आज मेरी माँ का जन्म दिन है वह कितने वर्ष की हो गयी हैं हम जानना नहीं चाहते ) डॉ शोभा भारद्वाज मेरी माँ के पिता अर्थात मेरे जागीरदार नाना कालेज मेंप्रिंसिपल और जाने माने अंकगणित के माहिर थे . मेरी नानी अंग्रेजों के समय में विदेशीवस्तुओं का बहिष्कार ( पिकेटिंग



पाकिस्तान आज के युग में भी कुफ्र काफिर की मानसिकता से ग्रस्त है

पाकिस्तान आज केयुग में कुफ्र काफिर की मानसिकता से ग्रस्त है डॉ शोभा भारद्वाज मजहब के नाम पर पकिस्तान का निर्माण हुआ थायहाँ अल्पसंख्यको को पाकिस्तान में निरंतरनिशाना बनाया जाता रहा है .इस्लाम के सभीअनुयायी मुसलमान कहलाते हैं हैं लेकिन फिरभी वह कई पंथों में बंटे हैं अलग – अलग पन्थ के मुस्लिम भी सुर



वैक्सीन पर सियासत क्यों ?

वैक्सीनपर सियासत क्यों?डॉशोभा भारद्वाज ईरानमें चाय पीने का अलग ढंग है घर में हर वक्त चाय हाजिर रहती है .वहाँ की चाय औरकहवा खाने मशहूर हैं शाम को कहवा खानों में किस्सा गोई चलती है घरों में भी ठंड केदिनों में अलादीन मिट्टी के तेल का स्टॉप जलता रहता है घर भी गर्म करता है उस परउबलने के लिए पानी रख देते



प्रजातंत्र का नया ट्रेंड .धरने , रेल, सड़के रोकना , डेरे डाल कर राजधानी घेरना

प्रजातंत्र का नयाट्रेंड , धरने, सडकें रोकना, डेरे डाल कर, राजधानी घेरना डॉ शोभा भारद्वाज कृषि कानून किसानोंके हित में है या नहीं यह विचारणीय विषय है लेकिन अनेक नेता अपनी राजनीतिक जमीनतलाशने के चक्कर में किसान नेताओं के साथ दिन में बैठे दिखाई देते हैं बेशकउन्होंने अपने घर गमले में धनिया या बैगन उग



अब मैं वह दिल की धड़कन कहाँ से लाऊंगा

जब-जब भी मैं तेरे पास आयातू अक्सर मिली मुझे छत के एक कोने मेंचटाई या फिर कुर्सी में बैठीबडे़ आराम से हुक्का गुड़गुड़ाते हुएतेरे हुक्के की गुड़गुड़ाहट सुन मैं दबे पांव सीढ़ियां चढ़कर तुझे चौंकाने तेरे पास पहुंचना चाहताउससे पहले ही तू उल्टा मुझे छक्का देती मेरे कहने पर



कनाडा के प्रधान मंत्री टूडो की वोट बैंक की नीति

कनाडा केप्रधान मंत्री टूडो की वोट बैंक साधने की राजनीति डॉ शोभा भारद्वाज पंजाब केबाशिंदों में कनाडा जाने की इच्छा प्रबल रहती है .वहाँ की कुल जनसंख्या मेंभारतीयों की संख्या 16 लाख से भी अधिक है .इन प्रवासियों की संख्या में सिखों कीसंख्या सबसे ज्यादा है . कनाडा में सिख समुदाय बेहद मज़बूत हैं वह उ



सत्ता माँ की गोद नहीं है

सत्ता माँ की गोद नहीं है डॉ शोभा भारद्वाज 26 / 11 तीन दिनों तक चला आतंकी हमला इसका मास्टर माईंड हाफिज सईद था ,हमले में देश विदेश के अनेक लोग ,पुलिस कर्मी शहीद हुए उन शहीदों को ‘नमन’ 300 घायल थे . अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने अपनी पुस्तक में 26 /11 के आतंकी हमले का जिक्र करते हुए लिखा ह



भगवान

होड़ लगी है भगवान तेरे दर पर सीष झुकाने की माँ बाप से लड़कर ही सही जल्दी है तेरे दर पर आने की होड़ लगी है भगवन..... भूके को एक रोटी न दे पर जल्दी है तेरा भोग लगाने की होड़ लगी है भगवन ........ प्या



कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के लिए चुनाव हो के पक्ष में उठती आवाज

कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन के लिए चुनाव के पक्ष में उठती आवाज डॉ शोभा भारद्वाज आजादी के बाद पहली सरकार कांग्रेस की बनीं, वर्षों तक राज किया दल में एक से एक विद्वान राजनेता विचारक रहे हैं जिनके ऑटोग्राफ लेना उन्हें संभाल कर रखना छात्रों का शौक था .आज भी कांग्रेस म



क्यों है कांग्रेस की जवानी में आक्रोश! नेतृत्व में क्यों नहीं होता बदलाव?

क्यों है कांग्रेस की जवानी में आक्रोश! नेतृत्व में क्यों नहीं होता बदलाव?कांग्रेस में युवा नेताओं के बीच क्यों है आक्रोश? आजादी के बाद कई सालों तक सत्ता में रहने वाली देश की सबसे बड़ी पार्टी रही कांग्रेस आज अंदरूनी अंतरद्वंद से जूझ रही है. वह लगातार जमीन छोड़ती जा रही है.ऐसे में शीर्ष पर राजनीति करन



भारत में बढ़ती आबादी चिंता का विषय है

भारत में बढ़ती आबादी चिंता का विषय है डॉ शोभा भारद्वाजकोरोना महामारी ने विश्व के देशों की अर्थव्यवस्था की ग्रहण लग गया महामारी से बचाने के लिए लाक डाउन मजबूरी थी लेकिन बेरोजगारी बढ़ती जा रही था | भारत सरकार कोरोना से पीड़ित भारतीयों की स्वदेश वापसी करवाई क्या वह वापिस जा सकेंगे यदि नहीं उनके रोजगा



गुस्से में झुंझलाकर या बस यूँ ही कुछ ऐसा कह जाते हैं जो हमें नहीं कहना चाहिए|हिंदी और इंग्लिश में

आज का प्रेरक प्रसंगहमारे दिन प्रतिदिन के जीवन में कई बार ऐसा होता है कि हम या तो बहुत गुस्से में झुंझलाकर या बस यूँ ही कुछ ऐसा कह जाते हैं जो हमें नहीं कहना चाहिए|एक बार एक किसान ने अपने पडोसी को भला बुरा कह दिया, पर जब बाद में उसे अपनी गलती का एहसास हुआ तो वह एक संत के पास गया| उसने संत से अपने शब्



वृद्धाश्रम

वृद्धाश्रम.....पहले तो होते नहीं थे क्यूंकि पहले के वृद्ध खुद को वृद्ध समझते थे। आज के वृद्ध पहले जैसे नहीं रहे।पहले वृद्ध अपने नाती पोतों में व्यस्त होते थे।आज के बुजुर्ग फोन टीवी और लैपटॉप में।बदलाव आया है सबमें पहले के बुजुरगों को बच्चो की हर एक्टिविटी से मतलब होता था आज के बुज़ुर्ग को सिर्फ फोन



चीन मोदी के संकेतों को समझ जाये तो ठीक!

चीन मोदी के संकेतों को समझ जाये तो ठीक!यह मानना बेमानी होगी कि चीन के रवैये में कोई बदलाव होगा. यह बात उसी समय साबित हो चुकी थी जब चीन के उस समय के राष्ट्राध्यक्ष ने भारत आकर हिन्दी-चीनी भाई भाई का नारा दिया था तथा चीन लौटने के तुरन्त बाद भारत पर हमला कर दिया था. चीन की मक्कारी ही उसकी कूटनीती है जो



विश्व में ‘‘लाॅकडाउन की नीति’’ कहीं ‘गलत’ व ‘‘असफल’’ तो सिध्द नहीं हो रही है?

‘‘कोरोनावायरस’’ ‘‘(कोविड़-19)’’ के संक्रमण को रोकने के लिये कमोवेश पूरे विश्व में लाॅकडाउन की नीति अपनाई, जिसके परिणाम स्वरूप आज विश्व के लगभग 200 देशों की आधी से ज्यादा आबादी घर में कैद है, और आर्थिक रथ का चक्का जाम हो गया हैं। इसके बावजूद कमोवेश कुछ को छोड़कर प्रायः हर देश में संक्रमित मरीजों की संख



क्यों है लॉकडाउन की मजबूरी

समाज की उत्पति से लेकर आजतक विश्व एक हीथ्यूरी पर चल रहा है कि समाज में वर्चस्व किस का होगा। जंगलराज को नकेल डालकर कुछव्यवस्थाएं स्थापित हो गईं लेकिन जिनके साथ अन्याय होता था उन्होंने प्रतिरोध जारीरखा। वर्तमान युग में विश्व की ओर से फेस की जा रही समस्याओं का मुख्य कारण पश्चिमजगत और उनका अंधानुकर



अंतिम विदाई

बरसात का मौसम था | शाम से ही हल्की-हल्की बारिश होते - होते रात में कडकडाती बिजली के साथ किसी तूफानी घटना की ओर इशारा करने लगी । पत्नी तो मेरी बाहों में बंधते ही मेरे प्यार को रो



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