ही



वह पुरानी किताब

धूल से पटी पड़ी एक किताब को झटक,उसके पुराने पन्नों को धीरे से पलटते रहा;अतीत को वर्तमान के झरोखे से झांकते रहा।मै पिछले कई वर्षों का हिसाब देखता रहा,अंधेरे में गुजारे कई दिनों को याद करता हुआ;सोचता रहा क्या ये उजियारा दिन हमेशा का हुआ।वक़्त ने मुझे अपने आप को तलाशने का मौका ना दिया,गुलाम भारत को स्व



श्री कृष्ण जन्म महोत्सव

श्री कृष्ण जन्म महोत्सवमंगलवार 11 अगस्त को प्रातः नौ बजकर सात मिनट के लगभग बालव करण और वृद्धि योग मेंभाद्रपद कृष्ण अष्टमी तिथि का आरम्भ हो रहा है जो बारह अगस्त को प्रातः ग्यारहबजकर सोलह मिनट तक रहेगी | इस प्रकार ग्यारह अगस्त को स्मार्तों की श्री कृष्णजन्माष्टमी है और बारह अगस्त को वैष्णवों की श्री क



हीरो

हर व्यक्ति अपनी जीवन का हीरो स्वयं होता है जीवन में कठिनाइयां न हो तो इंसान कि परख नहीं हो सकती अगर हम मुश्किलों से डर जाए और घबरा कर भाग्य को दोष देने लगें तो इससे उत्थान कैसे संभव है रावण के बिना राम राम न होते बिना कंस के आतंक के कृष्ण कृष्ण न होते



हीरा था, हीरा है, देश हमारा।

हीरा था, हीरा है देश हमारा।जौहरी पहचान न सका, उस हीरे को जो उसके नजरो के सामने था। हीरा की भी गलती थी, वह भी जौहरी से कह न सका, मैं हीरा हूँ। एक दिन काँच समझ कर जौहरी ने फेंक दिया कूड़े के ढेर में। देर सबेर हीरा एक बच्चे के हाथ मे वह भी उसे उठा लाया कूड़े के ढेर से कंचा समझ कर। लोग आज भी कन्फ्यूज है क



भारत में बढ़ती आबादी चिंता का विषय है

भारत में बढ़ती आबादी चिंता का विषय है डॉ शोभा भारद्वाजकोरोना महामारी ने विश्व के देशों की अर्थव्यवस्था की ग्रहण लग गया महामारी से बचाने के लिए लाक डाउन मजबूरी थी लेकिन बेरोजगारी बढ़ती जा रही था | भारत सरकार कोरोना से पीड़ित भारतीयों की स्वदेश वापसी करवाई क्या वह वापिस जा सकेंगे यदि नहीं उनके रोजगा



गुस्से में झुंझलाकर या बस यूँ ही कुछ ऐसा कह जाते हैं जो हमें नहीं कहना चाहिए|हिंदी और इंग्लिश में

आज का प्रेरक प्रसंगहमारे दिन प्रतिदिन के जीवन में कई बार ऐसा होता है कि हम या तो बहुत गुस्से में झुंझलाकर या बस यूँ ही कुछ ऐसा कह जाते हैं जो हमें नहीं कहना चाहिए|एक बार एक किसान ने अपने पडोसी को भला बुरा कह दिया, पर जब बाद में उसे अपनी गलती का एहसास हुआ तो वह एक संत के पास गया| उसने संत से अपने शब्



नंदा मैं आ रही हूं.......!

कहानीनंदा मैं आ रही हूं.......! रामकिशोर पंवार रोंढवाला उस रात अचानक नींद से जाग कर वह बिस्तर पर बैठ गया। उसने लगता है कि कोई बुरा सपना देख लिया हो, उसका पूरा बदन पसीने से लथपथ और मँुह से आवाज तक नहीं निकल रही थी। कुछ देर बाद पत्नि ने जैसे ही कमरे में झांका तो वह दंग रह गई! उसे लगा आज फिर इनको नींद



‘‘चीन’’ का नाम ‘‘क्यों’’ नहीं लिया ? भारतीय? राष्ट्रीय? कांग्रेस!

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘अचानक’ ‘‘लेह’’ (लद्दाख) की 11000 फुट की उंचाई पर स्थित अग्रिम चौकी ‘‘नीमू’’ पंहुचकर सैनिकों के बीच ‘‘दम’’ भर कर सेना की हौसला अफजाई की। यह कहकर कि ‘‘बहादुरी और साहस शांति की जरूरी शर्ते है, दुश्मन ने हमारे जवान की ताकत व गुस्से को देखा है‘‘। उक्त दौरे के बाद कांग्रेस क



भेदियों से देश को कितना नुकसान!

भेदियों से देश को कितना नुकसान!अक्सर होता यह है कि किसी आपराधिक वारदात को रोकने पहले कोई एहतियाती कदम नहीं उठाये जाते किन्तु जब हो जाता है तो यह बवंडर बन जाता है तथा उसके पीछे जनता का पैसा इतना खर्च हो जाता है कि उसकी कोई सीमा नहीं रहती. उत्तर प्रदेश में भले ही छोटे मोटे अपराध को ज्यादा तबज्जो नहीं



chahat ke kisse

तू नज़्म सा दिल की धड़कन में सुनाइये देता है.... तेरा हर लब्ज़ बयां चाहत ही देता है..अगर साथ तेरे बैठे हैं बाज़मो में हम न कोई शिकवा न कोई ग़म... तू दिल की आशिकी का आशना है.... तू साँस साँस के दरिया में रखा फैसला है....



गुरूपूर्णिमा विशेष

*श्रीमते रामानुजाय नमः**श्री यतिराजाय नमः*💐💐💐💐💐💐💐💐 *गुरुपूर्णिमा विशेष*--- *द्वितीय भाग*🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕🛕 गुरुदेव की असीम कृपा उनकी दया प्रेम वात्सल्य उसी के फलस्वरूप हमें परम आराध्य श्री लक्ष्मीनारायण जी के चरणों का आश्रय मिलता है और परमात्मा से मिलाने का पावन कार्य सिर्फ और सिर्फ श्



रहिमन धागा प्रेम का

रहिमन धागा प्रेम का मत तोड़ो चटकाय टूटे से फिर ना जुड़े जुड़े तो गांठ पड़ जाए



साइकिल

साइकिलबचपन अछूता नही साइकिल से, किसानों के फसल को ढोती साइकिल, डाकिया की साइकिल गुजरती घण्टी की टिंग-टाँग से। लेखपाल के झोले को ढोती साइकिल, न्यूज़ पेपर लेकर घर-घर जाती साइकिल, बच्चों के स्कूली बैग को संभालती साइकिल। आजादी के बाद से देश मे चली साइकिल, लॉकडाउन में बीमार



क्या ‘‘कोरोना’’ ने ‘‘नौकरशाही’’ को कुंठित तो नहीं कर दिया है?

लॉकडाउन-4 समाप्त! लॉकडाउन-5 प्रारंभ नहीं। बल्कि इसकी जगह देश अनलॉक-1 (नॉकडाउन-1) के नये दौर में देश प्रवेश कर रहा हैं। यह नया दौर कैसा होगा, यह तो भविष्य ही बतलायेगा। आइये, तब तक नौकरशाही द्वारा जारी अपरिपक्व आधे-अधूरे आदेशों निर्देशों के संबंध में गुजरे लॉकडाउन का थोड़ा अवलोकन कर लें। ‘देश’ व ‘जीवन



सत्य की पीड़ा (कोरोना)

हर तपका सत्यता से मुँह चुराए है।सत्यता पीड़ा जो देती है कहने में।सत्य की पीड़ा कभी बयां नही होती।आखिरकार सत्य तो सत्य है फिर मुखौटा क्यो?कोरोना का संसार मे सारांश है जो सत्य है।को- कोई रो- रोज़गारना- नही।<!--/data/user/0/com.samsung.android.app.notes/files/clipdata/clipdata_200514_121216_102.sdoc-->



कोरोना का कहर

मनुष्य पर छाई है छिपी अंधेरा, रूप धारण कर वाईरस कोरोना ।इसका अर्थ है मनुष्य पर भारी , क्योंकि है ये महामारी ।अब मानव की दशा क्या होगी ?क्या कोरोना की विदाई होगी ?देख दृश्य मन विचलित हो उठता, क्या यही है सभ्य की कृपा ।क्या यह , मानव जीवन सिहर उठेगा ?या संसार पुनः हिलस उठेगा ?



गर्भावस्था में बेबी की मूवमेंट कब और कैसे होती है?

अपने बच्चे की लात मारना, मरोड़ते और हिचकी महसूस करना गर्भावस्था के सबसे खूबसूरत क्षणों में से एक है।



मंथन

हम सब पृथ्वी के साथ गोल गोल घूम रहे हैं, इसलिए सब कुछ बेमायने है। अगर सब कुछ बेमायने है तो हम किस दौड़ में लगे रहते हैं? भीड़ में अकेले, हम किसे ढूँढते हैं? वो नज़रें मुझ तक क्यूँ नहीं रुकती, बस मुझ तक।बिगुल बजाती रेलगाड़ी कहाँ जा रही है?अंतिम यात्री की बारात क्यूँ आँख भिगोय जा रही?धर्म कर्म की लड़ा



बेस्ट एस्ट्रोलॉजर्स

Can't seem to have complete control over your life? Get help from the Best Astrologers Online available at Indian Astrology. With the added advantage of Astrology Consultation over phone, you can get assisted guidance on how to achieve your goals through Janam Kundli Analysis by renowned astrologers



ब्रह्म ज्ञान

लिखा ओंकार ने कभीबैठकर इक दिन सच में मानव तूँ इक दिन हैरान होगारुकेंगी बसें विमान ट्राम और रेलें बंद पलों मेंसारा सामान होगालिखा ओंकार ने कभी बैठकर इक दिन सच में मानव तूँइक दिन हैरान होगापक्षी चहकेंगे सुखी साँस होगा प्रदूषण रहित तबसारा संसार होगापाताल धरती पानी आकाश पर काबज कैद घर में इक दिनइंसान हो



आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x