ही

खाने ही नहीं, लगाने के काम भी आती है दही

गर्मी का मौसम आते ही लोग दही का उपयोग अधिक मात्रा में करने लगते हैं। चूंकि इसकी तासीर ठंडी होती है और यह शरीर के तापमान को बनाए रखती है, इसलिए कभी लोग इसे रायता तो कभी लस्सी तो कभी शेक के रूप में इस्तेमाल करते हैं। वैसे तो आपने भी दही का स्वाद कई रूपों में चखा होगा, लेकिन यह सिर्फ भीतरी तौर पर ही आप



शरीर में खून बढ़ाने के रहस्य - Blood kaise Badhaye

Blood kaise Badhaye- मानव शरीर में हर पार्ट की अलग वेल्यू होती है लेकिन अगर खून या रक्त (Blood) नहीं हो तो शरीर के उन जरूरी पार्ट्स का कोई काम नहीं.इसलिए कुछ भी हो जाए लेकिन खून की कमी शरीर में बिल्कुल भी नहीं होनी चाहिए वरना इसके साइड इफैक्ट बहुत हो सकते हैं. कभी-कभी



प्रेग्नेंसी का 9वें महीने में बच्चे का विकास - 9 Month Pregnancy In Hindi

9 Month Pregnancy In Hindi - प्रेग्नेंसी की शुरुआत से ही मां को 9वें महीने का इंतजार होता है और जब नवां महीना आ जाता है तब से वो अपने बच्चे को गोद में खिलाने के लिए उत्सुक रहती हैं.गर्भावस्था नौवां महीना यानी 33वें हफ्ते से लेकर 36 महीने तक मां में बेचैनी और दर्द दोनों का भाव रहता है. इसके साथ ही प्



8 महीने की प्रेग्नेंसी में बच्चे का विकास - 8 Month Pregnancy Baby Movement In Hindi

8 Month Pregnancy Baby Movement In Hindi- 9 महीने की प्रेग्नेंसी के बाद जब मां के हाथ में उसका बच्चा सही सलामत आता है तब उसका सारा दर्द और तकलीफ दूर हो जाती है. एक बच्चा मां की जान होता है क्योंकि वो गर्भ में उसे खून और पानी से सींचती है और फिर बहुत ज्यादा दर्द-तकलीफ के साथ उसे जन्म देती है. प्रेग्न



अतहर सिद्दीकी ने कलर्स के शो खूब लडी मर्दानी – झांसी की रानी में प्रवेश किया

कलर्स के ऐतिहासिक शो खूब लडी मर्दानी – झांसी की रानी में बुंदेला चीफ की भूमिका में अतहर सिद्दीकी की एंट्री होगी। अधिक जानकारी के लिए https://hindi.iwmbuzz.com/television/news/athar-siddiqui-to-enter-colors-khoob-ladi-mardaani-jhansi-ki-rani/2019/04/03



कसौटी ज़िन्दगी के के पार्थ समथान ने एक नया घर खरीदा

सटार प्लस के शो कसौटी ज़िन्दगी के में अनुराग के रूप में अपने अभिनय का जादू बिखेरते हुए दर्शकों के दिलों पर छा जाने वाले पार्थ समथान फिलहाल एक खुशहाल ज़ोन में हैं क्योंकि उन्होंने मुंबई में अपने लिए एक नया घर खरीदा है।अधिक जानकारी के लिए https://hindi.iwmbuzz.com/television/news/kasautii-zindagii-



बिगड़े नेताओं के ‘‘बिगडे़ बोल’’-‘‘विवादित बोल’’! फायदा-नुकसान कितना!

भारतीय राजनीति में हमेशा से ही ‘‘बयानवीर’’ मीडिया में सुर्खिया पाते रहे है। विभिन्न राजनैतिक पार्टियों के कुछ नेतागण अपने बेवाक बयानों के माध्यम से सुर्खियाँ बटोरनें के उदे्श्य से ऐसे बयान देते रहते है, जिसके परिणाम स्वरूप उनकी छाप एक चर्चित चेहरे की होकर वे माने जाने



आँसुओं की माप क्या है?

आँसुओं की माप क्या है?✒️रोक लेता चीखकरतुमको, मगर अहसास ऐसा,ज़िंदगी की वादियों मेंशोक का अधिवास कैसा?नासमझ, अहसास मेरेक्रंदनों के गीत गाते,लालची इन चक्षुओं कोचाँद से मनमीत भाते।ढूँढ़ता हूँ जाग करगहरी निशा की



योग करने के आसान और सही तरीके || Yoga Karne Ke Tarike

योग स्‍वस्‍थ जीवन जीने का एक तरीका है, जिसका उद्भव भारत में हुआ लेकिन अब इसे विश्‍वभर में विज्ञान की एक शैली के रूप में स्वीकार कर लिया गया है। इसी लिए दुनिया भर के लोग प्रत्येक वर्ष के 21 जून को विश्व योग दिवस को मनाते है। योग शरीर को स्वस्थ और निरोग रखने का सबसे बेह



बेपरवाही

जान गई किसी की गर मेरी बेपरवाही से, हूँ गुनहगार उसका, अपनी लापरवाही से. (आलिम)



देशप्रेम-राष्ट्रभक्ति-राष्ट्रवाद को ढूढ़ता मेरा प्यारा देश!

इस लेख का ‘‘शीर्षक’’ देख कर बहुत से लोगों को हैरानी अवश्य होगी और आश्चर्य होना भी चाहिये। पर बहुत से लोग इस पर आखें भी तरेर सकते है। यदि वास्तव में ऐसा हो सका तो, मेरे लेख लिखने का उद्देश्य भी सफल हो जायेगा। एक नागरिक, बल्कि यह कहना ज्यादा उचित होगा एक भारतीय पैदाईशी ही स्वभावगतः देशप्रेमी होता है।



भीख मांग कर 6.6 लाख जोड़ने वाली ये बुज़ुर्ग, मरने के बाद पैसे पुलवामा शहीदों के लिए कर गयी दान

कुछ लोगों की दूसरों और ज़रूरतमंदों के प्रति निःस्वार्थ भावना हमें चकित कर देती है. 14 फ़रवरी को कश्मीर के पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद पूरे देश में शोक की लहर दौड़ गयी. लोग शहीदों के परिवारों की मदद के लिए आगे आने लगे. इसी कड़ी में राजस्थान के अजमेर से एक मिसाल पेश क



"दोहावली" नमन शहीदों को नमन, नमन हिंद के वीर। हर हालत से निपटते, आप कुशल रणधीर।।

"दोहावली"नमन शहीदों को नमन, नमन हिंद के वीर।हर हालत से निपटते, आप कुशल रणधीर।।-1नतमस्तक यह देश है, आप दिए बलिदान।गर्व युगों से आप पर, करता भारत मान।।-2रुदन करे मेरी कलम, नयन हो रहे लाल।शब्द नहीं निःशब्द हूँ, कौन वीर का काल।।-3राजनयिक जी सभा में, करते हो संग्राम।जाओ सीमा पर लड़ो, खुश होगी आवाम।।-4वोट



चालीस शहीद

जदों चाली जवानां दी अर्थी उठा के चलनगेमोदी राहुल केजरीवाल सब हुमहुमा के चलनगेचलनगे नाल नाल दोस्त दुशमन सारे वखरी ऐ गल कि अंदरो अंदरी गुर्राकेचलनगेरहीयां होन भावें परिवार दे तन तेंलीरां जख्मी बैडां ते ही मुआवजा चैक थमाके चलनगेकुछ फसली बटेरे इमरान हाफिज दे पोस्टर जलाके चलनगेविशेषज्ञ चैनल



ॐ –शांति - पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि

ॐ –शांति - पुलवामा के शहीदों कोश्रद्धांजलिपुलवामा के वीरशहीदों को शत-शत श्रद्धांजलि है,कसम हमें एक बूँद भी, बन जाए अब अंजलि है,इतना साहस सेना की आँखों में धूल झोंकी है,शहीदों के लहूसे फिर लटपथ हुई ये चौकी है।सीज़ वार ,सर्जिकल स्ट्राइक, हल नहीं कायरता का ,छ्ल से घातकिया जो, निर्मम वीरों से



मैं तेरे साथ जी न सका ,अकेला मर तो सकता हूँ

मैं तेरे साथ जी नहीं सका, अकेलामर तो सकता हूँ डॉ शोभा भारद्वाज रिसेटेलमेंट कालोनी के छोटेप्लाट में बने चार मंजिला घर में हा –हाकार मचा था उस घर के जवान बेटे ने फांसीलगा ली थी घर का कमाऊ बेटा तीन भाई पाँच बहनों का भाई अंधे पिता ,बीमार माँ कासहारा जिसने भी सुना हैरान रह गया फांसी के बाद लम्बी गर्दन



2019 के लोकसभा चुनाव केे बाद ‘‘एनडीए’’ के प्रधानमंत्री क्या नितिन गडकरी होगें?

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, आरएसएस के करीबी, कॉर्पोरेट और व्यापार जगत के चहेते और केन्द्र की मोदी सरकार के नियत अवधि में अपेक्षित परिणाम देने वाले सड़क परिवहन, जहाज रानी व गंगा सफाई विभाग के मंत्री नितिन गडकरी केे पिछले कुछ समय से जो बयान आ रहे है वे निश्चित रूप से सामान्य



‘‘कुंभ’’ ‘‘महाकुंभ’’ और ‘‘अर्धकुंभ’’ में क्या कोई अंतर हैं?

प्रयागराज (इलाहबाद) में मकर संक्र्राति से ‘‘अर्धकुंभ’’ प्रारंभहुआ है। लेकिन इस अर्धकुंभ को केन्द्रीय सरकार से लेकर उत्तर प्रदेश सरकार व समस्तमीडिया चाहे वह प्रिंट हो या इलेक्ट्रानिक इसे कुंभया महा!कुंभ कहकर महिमा-मंडित कर रहे हैं। इस ‘‘कुंभ’’ के जबरदस्तप्रचार-प्रसार के कारण ही मुझे भी यह शक हु



अर्द्ध कुम्भ के अवसर पर प्रयाग राज में किन्नर अखाड़े का शाही स्नान

अर्द्ध कुम्भ के अवसर पर प्रयाग राज में किन्नर अखाड़े का शाही स्नान डॉ शोभा भारद्वाज प्रसिद्ध समाज सेवी आध्यात्मिक गुरु अजय दास ने किन्नरों को अपने आश्रम में स्थान देकरकिन्नर अखाड़ा बनाया ऋषिवर कई वर्षों से किन्नरों के कल्याण एवं उनकी दशा सुधारनेके लिए प्रयत्न शील थे | क



सविता

सविता अपने बचपन की सारी खुशीयों को अपने माँबाप के साथ नही बाँट पाई। गाँव को समझ नही पाई, चाँद तारों की छाव में उनकीठंडक को भाँप नही पाई, चन्द सवाल ही पूछ पाती कि चंदा मामा कितनीदूर है? गोरी कलाइयों में बंधे दूधिया तागे कमजोर पड़ गए थे| पैरो में पड़ी पाज़ेब की खनक छनक से अपने नानी नाना के दिल को मोहने ल



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