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2019 के आम चुनाव के मुद्दे, क्या ‘‘स्थापित चुनावी मुद्दों से’’ हटकर हैं।

स्वतंत्रता प्राप्ति के पश्चात् वर्ष 2019 में देश का यह 17 वाँ आम चुनाव हो रहा है। प्रारंभ में स्वतंत्रता संग्राम में बढ़ चढ़ कर भाग लेने वाली पार्टी (सत्य से परे) एक मात्र कांग्रेस ही मानी जाती रही। वर्ष



पथरी होने के कारण | Pathri Hone Ke Karan In Hindi

आजकल के भाग-दौड़ भरी जिदंगी में खान-पान का ध्यान नहीं रखने पर शरीर में कई प्रकार की बीमारियां घेर लेती है जिनका इलाज अगर समय से नहीं किया जाए तो ये आगे चलकर गंभीर समस्या बन जाती है। इन बीमारी में से एक है गुर्दे में पथरी की समस्या भी इन्हीं रोगों में से एक है। आज हम आ



अभिब्यक्ति हेराई हैं।

अभिब्यक्ति हेराई हैं।हमरे लेखक हेराने हैं ... कही लिखते मिले तो भईया हमे बता दइयों। राजनीति मे अपने वजूद को भुलाने हैं।खोकर मीडिया के हो-हल्ला मे, सामाज को रचने वाले शब्द हेराने हैं... कवि, ब्यंग, शायर, गजल सभी बौराने हैं,खोज-खाज राजनीति के चुटकले उन्हे फैलाने हैं।सच कहने व लिखने से लेखक अभी डेरा



पीरियड्स में दर्द से राहत के लिए होम्योपैथिक दवा |Periods Pain Homeopathic Medicine In Hindi

महिलाओं में पीरियड्स आना प्राकृतिक प्रक्रिया है यह पीरियड्स हर महीने में 3-6 दिनों तक रहती है ऐसे में कई महिलाओं को इस समय गंभीर दर्द और परेशानी से गुजरना पड़ता है। कई बार पीरियड्स देर से आने की समस्या और ब्लीड़िग नहीं रुकने को महिलाएं काफी परेशान रहती है ऐसे में आज हम महिलाओं के पीरियड्स की समस्या



लड़कियों में 16 वर्ष की उम्र में होने वाले अहम बदलाव

जैसा कि हम सभी जानते है कि बदलते समय के साथ ही सभी लोगों में शारीरिक परिवर्तन देखने को मिलते है जब कोई लड़का या लड़की 16 साल के उम्र के पड़ाव को पार कर लेते है तो उनके शरीर और सोच में काफी सारे बदलाव होने लगते है। बात जब लड़कियों की होती है तो उनमें इस सिलसिले की शुरुआत 14 वर्ष की उम्र के साथ ही नजर



वजन बढ़ाने या मोटा होने के अचूक उपाय || Mota Hone Ke Upay

आज के समय कई लोग दुबला-पतला शरीर होने पर शर्म का अनुभव करते है और वे इसको लेकर काफी चितिंत रहते है एक तरफ जहां लोग मोटापा से परेशान रहते है और उसे कम करने का उपाय ढूढ़ते है वहीं कमजोर और पतले शरीर वाले लोग स्वस्थ और फिट रहने के बारें में सोचते है। शरीर के वजन घटाना और बढ़ाना काफी मुश्किल होता है बात



कब तक सहमे रहोगे ललकारों से?

कब तक सहमे रहोगे ललकारों से?यह हरगिज़ न कहो कि मर गया कोईदेश का हक़ था अदा कर गया कोईबिटिया के पीले हाथ कौन करेगाशहनाइयों का काम अब मौन करेगादायित्वों का निर्वहन कौन करेगाजान पर खेलकर गुजर गया कोईयह हरगिज़ न कहो कि मर गया कोईदेश का हक़ था अदा कर गया कोईअंधेरा कितना कर दिया इक फायर नेबुढ़ापे की लाठी



इतिहास ज्वलंत हो जाए

इतिहास ज्वलंत हो जाएदेश का इतिहास ज्वलंत हो जाए,आतंकवाद का जब अंत हो जाए।मनाएं हम सब मिल कर खुशियां,फिर तो हर ऋतु बसंत हो जाए।



होली मुबारक़

मेरे सभी देशवासिओं को होली की हार्दिक शुभकामनाएं. सुख से रहे, आनंद से रहें एवंग स्वस्थ रहें. नमस्कार, जयहिंद !! #ज़हरारंजन https://ghazalsofghalib.com https://sahityasangeet.com Dear Music Lovers,You are most welcome to this encyclopaedia of Indian Classical Music. Here you will



होली की हार्दिक शुभकामनाएँ

फागुनका है रंग चढ़ा लो देखो कैसा खिला खिला सा |मस्तबहारों के आँगन में टेसू का रंग घुला घुला सा ||राधासंग बरजोरी करते कान्हा, मन उल्लास भरासा कौनकिसे समझाए, सब पर ही हैकोई नशा चढ़ा सा ||सभी केजीवन में सुख, सम्पत्ति, ऐश्वर्य, स्वास्थ्य, प्रेम,उल्लास और हर्ष के इन्द्रधनुषी रंग बिखरते रहें, इसी भावना के स



होली में रंगों का रखें खास ख्याल, इस तरह छुड़ाएं गाढ़ा रंग | Holi Health Tips

21 मार्च के दिन पूरा देश होली के रंग में डूबा होगा और ज्यादातर लोग अपनी मस्ती में डूबकर बेफिक्री के साथ होली खेलेंगे. होली खेलने के दौरान लोग उसमें इतना रम जाते हैं कि उन्हें होश ही नहीं होता कि उनके ऊपर पड़ने वाला रंग कच्चा है या फिर पक्का, बस जो आता है उसके साथ रंगो



अथ होली ढूंढ़ा कथा

होली पर्व से सम्बन्धित अनेक कहानियों में से हिरण्यकशिपु के पुत्र प्रहलाद की कहानी बहुत प्रसिद्ध है। इसके अलावा ढूंढा नामक राक्षसी की कहानी का वर्णन भी मिलता है, जो बड़ी रोचक है। कहते हैं कि सतयुग में रघु नामक राजा का सम्पूर्ण पृथ्वी पर अधिकार था। वह विद्वान, मधुरभाषी होने के साथ ही प्रजा की स



साजन बेस परदेश

साजन बेस परदेश सूनी - सूनी लगे नाचे गायें घर चौबारे नगरी नगरी द्वारे द्वारे जहर लागे हंसी ठिठोली सून सून लागे होली !चारो और रंग बरसे है मेरा सूखा मन तरसे है खाली अबीर गुलाल झोली सूनी सूनी लागे होली | आँखे सबकी ,खुशियां वांचे पीली पीली सरसो नाचे रंगीले परिधान में टोली सूनी सूनी लागे होली | होड़ म



रंग की एकादशी

रंग की एकादशी – कुछ भूली बिसरी यादेंकल रविवार 17मार्च को फाल्गुन शुक्ल एकादशी है | यों आज रात्रि ग्यारह बजकर चौंतीस मिनट के लगभग वणिजकरण, शोभन योग और पुनर्वसु नक्षत्र में एकादशी तिथि का आगमनहो जाएगा, किन्तु उदया तिथि होने के कारण कल एकादशी का उपवासरखा जाएगा | इस प्रकार जैसी कि मान्यता है कि द्वादशी



देशप्रेम-राष्ट्रभक्ति-राष्ट्रवाद को ढूढ़ता मेरा प्यारा देश!

इस लेख का ‘‘शीर्षक’’ देख कर बहुत से लोगों को हैरानी अवश्य होगी और आश्चर्य होना भी चाहिये। पर बहुत से लोग इस पर आखें भी तरेर सकते है। यदि वास्तव में ऐसा हो सका तो, मेरे लेख लिखने का उद्देश्य भी सफल हो जायेगा। एक नागरिक, बल्कि यह कहना ज्यादा उचित होगा एक भारतीय पैदाईशी ही स्वभावगतः देशप्रेमी होता है।



फिदायीन आतंकी

फिदायीन, डॉ शोभा भारद्वाज विश्व धीरे – धीरे आतंक वादकी गिरफ्त में घिरता जा रहा है |आतंकवाद एक ऐसी हिंसात्मक गतिविधि है जो शान्ति काल में भीचलती रहती है, परिणाम घातक होता है आतंकवाद के पोषक की नीयत आर्थिक ,धार्मिक राजनीतिक व्यवस्था एवं शन्ति कोभंग कर अधिक से अधिक नुक्सान पहुंचा कर आम नागरिकों में भय



2019 के लोकसभा चुनाव केे बाद ‘‘एनडीए’’ के प्रधानमंत्री क्या नितिन गडकरी होगें?

भारतीय जनता पार्टी के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष, आरएसएस के करीबी, कॉर्पोरेट और व्यापार जगत के चहेते और केन्द्र की मोदी सरकार के नियत अवधि में अपेक्षित परिणाम देने वाले सड़क परिवहन, जहाज रानी व गंगा सफाई विभाग के मंत्री नितिन गडकरी केे पिछले कुछ समय से जो बयान आ रहे है वे निश्चित रूप से सामान्य



बात और थोड़े दिन की।

बात और थोड़े दिन की।चुरा लो और क्या चुराओगे?पूछेगीं नज़रे,तो क्या बताओगे?जुबान चुप होगी, होठ सिल जाएंगे।मयते कब्र मे दफ़न हो जाएंगी।अब वक्त शुरू हुआ हैं, विलय का।बैंक ही नहीं सबकुछ विलय हो जाएगा।चलता रहा यू ही कारवां, आने वाली पीढ़ियाँ भी विलय हो जाएंगी।खोजते रहना जाति, धर्म, जब इंसानियत ही विलय हो जाएग



अब अपने मन से जीव।

अब अपने मनसे जीव।आटा-लाटा ख़ाके, ताजा माठा पीव।देख पराई कमाई, मत ललचाव जीव।हो घर मे जो, उसको खा-पी के जीव।चाईना ने तिब्बतके बॉर्डर मे मिसाईल तान दी।1965 मे सहस्रसिपाहियो ने अपनी बलिदानी दी ।जो घर मे होघीव, देख उसे शकुनसी जीव।देख राजा-नेताओके झगड़े मे, मत जलाओअपना जीव।छोड़-छाड़ जातीधर्म आरक्षण का वहम खुद



अभिनेता नसीरूद्दीन शाह अपने देश में डरे हुये हैं

अभिनेता नसीरुद्दीन शाह अपने देश में डरे हुए हैं ?डॉ शोभा भारद्वाज वह आज के भारत में अपने बच्चों को लेकर बहुत डरे हुए हैं. ''मुझे इस बात का डर लगता है कि कहीं मेरेबच्चों को भीड़ ने घेर लिया और उनसे पूछा कि तुम हिंदू हो या मुसलमान? मेरे बच्चों के पास इसका कोई जवाब नहीं होगा. क्योंकि मैंने मेरेअनुसार अ



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