इतिहास ज्वलंत हो जाए

इतिहास ज्वलंत हो जाएदेश का इतिहास ज्वलंत हो जाए,आतंकवाद का जब अंत हो जाए।मनाएं हम सब मिल कर खुशियां,फिर तो हर ऋतु बसंत हो जाए।



“कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली” जानिए कैसे बनी ये कहावत, कौन है गंगू तेली ?

“कहाँ राजा भोज कहाँ गंगू तेली” ये कहावत तो आपने कई बार सुनी होगी, कभी किसी पर तंज कसते हुए, तो कभी गोविंदा के गाने में. साफ़ शब्दों में कहा जाए तो हज़ारों बार आप ये कहावत आम बोलचाल में सुन चुके होंगे. कई बार इसका इस्तेमाल किसी छोटे व्यक्ति की बड़े व्यक्ति से तुलना के लिए किया जाता है. भले ही ये कहावत म



अंग्रेजों के जमाने में भारतीयों की हालत कैसी होती थी देखे इन 100 साल पुरानी तस्वीरों में

हम बहुत सालो से ग़ुलाम रहे है, हम भारतीयों पर अंग्रेज़ों ने राज किया है वो भी पूरे 200 साल तक. और आज जो हमारा देश दुनिया से पीछे छूट गया है उसका जो असली कारण है वो यही है. यदि हमारा देश ग़ुलाम नहीं हुंआ होता तो आज हमारा देश पूरी दुनिया से आगे निकल गया होता. पर वो दिन अब दूर नहीं है हमारा देश एक दिन



जयंती विशेष - स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के जीवन के 11 अनकहे तथ्य

३ दिसंबर यानि आज भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की 131 वीं जयंती है। राजेंद्र प्रसाद एक प्रमुख व्यक्तित्व जिसने हमारे राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम में बहुत योगदान दिया, राजेंद्र प्रसाद पहले राष्ट्रपति थे जिन्होंने स्वतंत्र भारत के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली और 12 वर्षों तक राज्य का सबस



द्वितीय विश्व युद्ध की दर्दनाक दास्ताँ को बयां करतीं हैं ये 15 दुर्लभ तस्वीरें

द्वितीय विश्व युद्ध की घटना पूरे विश्व के लिए एक बहुत ही भयानक घटना थी। छः साल चलने वाले इस युद्ध में लाखों लोग मारे गए। कई ऐसे लोग होते हैं जिन्हें इतिहास जानने में तो दिलचस्पी होती है पर इतिहास पढ़ने में नहीं। मगर इतिहास के इन्हीं पन्नों को तस्वीरों की मदद से उनके स



सिकंदर महान की पूरी सच्चाई -Truth of Alexander | Sikander Mahan in Hindi

शायद सिकंदर इतिहास का पहला राजा था जिसने पूरी दुनिया को जीतने का सपना देखा था। अपने इस सपने को पूरा करने के लिए मिश्र, सीरिया, ईरान, अफगानिस्तान और वर्तमान पाकिस्तान को जीतता हुआ व्यास नदी तक आ पहुंचा।इतिहास में भले ही पढ़ाया जाता हो कि सिकंदर की सेना लगातार युद्ध करते



अर्जुन नहीं बल्कि ये थे द्रोपदी के सबसे प्रिय पति

महाभारत विश्व का सबसे बड़ा धर्मग्रन्थ है | महाभारत में बहुत सी ऐसी घटनाये हैं जिसके बारे में बहुत कम लोगों को मालूम है | आज हम आपको ऐसी ही एक घटना के बारे में बताने जा रहे हैं | जैसा कि हम सभी जानते हैं द्रौपदी का विवाह पाँचों पांडवों से हुआ था और उन्होंने अपने दायित्वों और पतिव्रता धर्म का भली प्रक



आज का इतिहास - 23 नवम्बर | Today History in Hindi - 23 November

Aaj ka itihas वर्ष/साल प्रमुख घटनाएं1165 पोप एलेक्जेंडर तृतीय निर्वासन के बाद रोम वापस लौटे।1744 ब्रिटिश प्रधानमंत्री जान कार्टरे ने इस्तीफा दिया।1848 अमेरिका के वोस्टन में महिला मेडिकल शैक्षणिक सोसाइटी का गठन।1857 कोलिन कैंपबेल ने लखनऊ में सिपाही विद्



आज का इतिहास - 22 नवम्बर -

Aaj ka itihas - Today History in Hindi - 22 November वर्ष/साल प्रमुख घटनाएं 2008 भारती क्रिकेट टीम के कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी ने अपना पद छोड़ने की धमकी दी। हिन्दी के प्रख्यात कवि कुंवर नारायण



प्रेम की अद्भुत दास्ताँ रानी ने राजा को भेंट किया अपना शीश

इतिहास की बात की जाये तो पूरे देश के इतिहास को यदि तराजू के एक तरफ रख दें और केवल मेवाड़ के ही इतिहास को दूसरी ओर रख दें, तो भी मेवाड़ का पलड़ा हमेशा भारी ही रहेगा | कभी गुलामी स्वीकार न करने वाले शूरवीर महाराणा प्रताप ने इतने संघर्षों के बाद अकबर को मेवाड़ से खदेड़ने पर मजबूर कर दिया था |न जाने मेव



23 अक्टूबर का इतिहास | History for October 22

इतिहास के पन्नो में 23 अक्टूबर यानि आज के दिन काफी महत्वपूर्ण घटनाएं दर्ज हुई है… आज के ही दिन तुलसीदास का निधन हुआ था.आइये जानते है 23 अक्टूबर के दिन की प्रमुख घटनाएं : 1623 - रामचरितमानस के रचयता एवं प्रसिद्ध कवि तुलसीदास का निधन।1764 - बक्सर की लड़ाई में आज ही के द



प्रयागराज : कैसे पड़ा इस शहर का नाम प्रयागराज !

मैं तीर्थ नगरी 'प्रयागराज' हूँ ..हिन्दू मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन भूमि पर ब्रह्माजी ने सृष्टि का काम पूरा होने के बाद प्रथम यज्ञ किया था। इसी प्रथम यज्ञ के 'प्र' और 'याग' अर्थात यज्ञ से मिलकर प्रयाग बना और उस स्थान का नाम पड़ा 'प्रयाग'। इस पावन नगरी के अधिष्ठाता भगवान श्री विष्णु स्वयं हैं और वे



जब डर कर भागना पड़ा मुहम्मद गोरी को

मनीषा सिंह लेखिका युवा इतिहासकार अध्ययन -: तिलक महाराष्ट्र विद्यापीठ (प्राचीन भारतीय इतिहास एवं संस्कृति)भारत माता की कोख से एक से बढ़कर एक महान वीर ही नहीं बल्कि कई वीरांगनाओं ने भी जन्म लिया है जिन्होंने भारत माता की रक्षा के लिए अपने सर्वस्व सुखों का त्याग कर अपनी मातृभूमि कि पूरे मनोयोग के साथ र



आस्‍था की आंखें - तानसेन की समाधि

ग्‍वालियर में तानसेन की समाधि पर इमली का एक पेड़ था। उसके बारे में प्रचलित हो गया कि उसकी पत्तियां खाने से गला सुरीला हो जाता है। नतीजा लोग इमली की पत्तियां तो खा ही गये, फिर जड़ें तक चाट गये।



दिल की कलम से - नया इतिहास लिखेंगे (टाइटल सांग)

दिल की कलाम से गीत इटिहास (1 99 7) समीर द्वारा लिखे गए हैं, यह दिलीप सेन-समीर सेन द्वारा रचित है और हरिहरन और अल्का याज्ञिक द्वारा गाया गया है।इतिहास (Itihaas )दिल की कलम से नया लिखेंगे (टाइटल सांग)की लिरिक्स (Lyrics Of Dil Ki Kalam Se )दिल की कलम से चाहत का हमपहला एहसास लिखेंगेदिल की कलम से चाह



इतिहास (Itihaas )

'इतिहास' एक 1997 हिंदी फिल्म है जिसमें अजय देवगन, ट्विंकल खन्ना, सपना बेदी, शक्ति कपूर, अमृष पुरी, राज बब्बर, कंचन, नीलिमा अज़ीम, ब्रह्मचारी, अरुण बक्षी, अरुणा ईरानी, ​​मोहनिश बहल और सुरेंद्र राजन प्रमुख भूमिका निभाते हैं। हमारे पास एक गीत गीत और इतिहास का एक वीडियो गीत है। दिलीप सेन-समीर सेन ने अपन



दुनिया कभी नहीं रही है फ़ैशन में पीछे, 100 साल पहले की ये तस्वीरें यही तो बताती हैं

हम अकसर अपने पहले की जेनरेशन को खुद से पीछे मानते हैं, फिर वो पढ़ाई हो या फिर फ़ैशन. लेकिन हम ये भूल जाते हैं कि हम आज जहां भी हैं, इसमें सबसे बड़ा हाथ हमारे पीछे की जेनरेशन का ही है. हम आपको कुछ देशों के ऐसे ही फ़ैशन की तस्वीरें दिखाते हैं. लेकिन ये तस्वीरें आज की नहीं ह



भारत-चीन युद्ध की कुछ तस्वीरें, जो न सिर्फ़ बोलती हैं बल्कि चीख-चीखकर सवाल खड़े करती हैं

1962... कोई भी भारतीय चाहकर भी ये साल और इससे जुड़ी घटना नहीं भूल सकता.1962 यानी कि युद्ध. भारत-चीन युद्ध, जिसे Sino-Indian War भी कहा जाता है. वो युद्ध जो टल सकता था, अगर रक्षा मंत्री वी.के.मेनन लेफ्टिनेंट जनरल थोराट की युद्ध होने की आशंका वाली बात को नज़रअंदाज़ न करते.



हे ईश्वर मालिक हे दाता, हे जगत् नियंता दिन बन्धु!

हे ईश्वर मालिक हे दाता, हे जगत् नियंता दिन बन्धु!हे परमेश्वर प्रभु हे भगवन्, हे प्रतिपपालक हे दया सिन्धु!!सच्चिदानंद घट घट वासी, हे सुखराशि करुणावतार!हे विघ्न हर्न मंगल मूर्त, हे शक्ति रूप हे गुणागार!!सभ्यता यशश्वी हो जाए, मानवता का फैले प्रकाश!सब दिव्य दृष्टि के पोषक हो, कर दो कुदृष्टि का सर्व् नाश



इतिहास के पन्नो में कैद किये गए 11 दुर्लभ चित्र जिन्हें एक बार देखना तो बनता है !

इतिहास गवाह रहा है कुछ महान घटनाओं का जिनके बारे में हमने सुना है, जिनके बारे में हमने पढ़ा है | वैसे ही इतिहास की कुछ दुर्लभ तस्वीरें जिन्हें कैमरे में कैद कर लिया गया है | 1. जुलाई 1888, जब एफ्फिल टावर का निर्माण हो रहा था | 2. टाइम्स स्क्वायर , न्यू यॉर्क , 19113. हिंडेनबर्ग त्रासदी, 19374. 19



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