Sketches from Life: इतिहास के पन्ने - प्राचीन काल

इतिहास अगर क्लास में सब्जेक्ट के तौर पर पढ़ना हो तो भारी लगता है सन और तारीखें भूल जाती हैं. पर फुर्सत में पढ़ें तो किस्से कहानी जैसा मज़ा आता है. रिटायर होने के बाद आजकल फुर्सत है और भारतीय इतिहास के पन्ने पलटने में आनंद आ रहा है. भारतीय उपमहाद्वीप का इतिहास बहुत बड़ा है, फ



Sketches from Life: इतिहास के पन्ने - मध्य काल

भारतीय इतिहास का मध्य काल 700 ईस्वी से 1857 ईस्वी तक माना जाता है. इस युग को भी प्रारंभिक और उत्तर मध्य काल में बांटा जा सकता है. ये विभाजन आम तौर पर सभी इतिहासकारों को मान्य है पर कुछ 900 ईस्वी से मध्य युग का आरम्भ मानते हैं. फिलहाल हमारे सामान्य ज्ञान के लिए विभाजन सही



Sketches from Life: इतिहास के पन्ने - सिन्धु घाटी सभ्यता

आदि मानव पत्थरों के हथियार इस्तेमाल करते थे. शिकार करते और जड़ी बूटियाँ और फल खाते थे और एक जगह ना टिक कर ये घूमते रहते थे. धीरे धीरे खेती और पशु पालन की जानकारी बढ़ने के साथ बस्तियां बसनी शुरू हो गईं जो ज्यादातर घाटियों में नदी किनारे थीं. छोटे छोटे ग्रुप या समूह या कबीले



संस्कृति का सच और अश्लीलता पर हल्ला

(जो देश चांदतारों, मंगल पर पहुंच कर इठला रहे हैं,विज्ञान के नए-नए आविष्कार कर देश के लिए खुशियां समेट रहे हैं,उन की तुलना में हम कहां हैं ? पढ़ कर आप कीआंखें खुली की खुली रह जाएंगी ।)अधिकतरभारतीय जानते ही नहीं कि, संस्कृति है क्या ? जिसे वे अपनी संस्कृति बता रहेहैं, क



माँ शक्तिदादी मन्दिर कोटासर बीकानेर

माँ माना शक्ति दादी :- भारतवर्ष के राजस्थान राज्य में हर प्रान्त में दैविक शक्ति से सम्पन महापुरुष वीर,एवं भक्त हुए हैं जो धर्म रक्षक एवं जीव रक्षक रहें हैं जिनको राजस्थान के लोकदेवता के रूप में पूजा जाता हैं । जैसे रामदेवजी,जाम्भोज



लौह पुरुष सरदार पटेल ,सच्ची श्रद्धांजली धारा 370 ,35A की समाप्ति है

स्वर्गीय सरदार पटेल को सच्ची श्रद्धांजली धारा 370, 35 a की समाप्ति है डॉ शोभा भारद्वाज 15 अगस्त 1947 देश आजाद हुआ अधिकाँश प्रांतीय कांग्रेस समितियों के सरदार पटेल के पक्ष में होने के बाद भी गांधी जी कीइच्छा का सम्मान करते हुए नेहरू जी देश के प्रधान मंत्री बनाया गया ,पटेल उपप्रधान मंत्री एवं गृह मं



इतिहास



'भारत रत्न' लाल बहादुर शास्त्री की मौत का रहस्य आज भी है क्यों कायम? जानिए इनका जीवन-परिचय

भारत देश यूही महान नहीं माना जाता, यहां पर कई वीर ऐसे हुए हैं जिन्होंने अपनी जिंदगी की हर सांस देश के नाम कर दी थी। आजादी से पहले, आजादी के बाद या फिर आजादी के समय बहुत से ऐसे स्वंतत्रता सेनानी रहे हैं जिन्होंने देश के लिए अपना सबकुछ कुर्बान कर दिया और आज उनका इतिहास में नाम है। उन्हीं स्वतंत्रता से



90 के दशक में पैदा होने वाले बच्चे इन दिलचस्प तस्वीरों को देखकर हुए हैं बड़े, आपकी भी कोई याद तो नही जुड़ी ?

Old is Gold...इस बारे में तो आपने सुना ही होगा ? पुरानी चीजों की कद्र एक समय के बाद होती है। 90 के दशक में बड़े होने वाले सभी बच्चों में एक खास तरह का उत्साह रहता था। उस दौर में बच्चों के पास क्रिएटिविटी करने के बहुत मौके हुआ करते थे। 90 के दशक के बच्चों को खाली समय में बहुत कुछ करने को होता था, जिस



सत्यनारायण की कथा तो होती है पर चापेकर बंधुओं को क्यों भूल गए ? हरि कुमार को भी याद रखिए स्कन्द पुराण का हिंदी अनुवाद !

आज अगर कोई कहे कि घर में पूजा है, तो ये माना जा सकता है कि “सत्यनारायण कथा” होने वाली है। ऐसा हमेशा से नहीं था। दो सौ साल पहले के दौर में घरों में होने वाली पूजा में सत्यनारायण कथा सुनाया जाना उतना आम नहीं था। हरि विनायक ने कभी 1890 के आस-पास स्कन्द पुराण में मौजूद इस संस्कृत कहानी का जिस रूप में अन



" खुदीराम बोस - 18 वर्ष ८ महिने 8 दिन और फ़ासी " क्या देश भूल गया इस वलिदान को ?

वह केवल 18 वर्ष का था, जब उसे 1908 में बिहार के मुजफ्फरपुर में एक हमले और तीन अंग्रेजों की हत्या के लिए मौत की सजा सुनाई गई थी। एक सदी बीत चुकी है, फिर भी खुदीराम बोस का नाम परछाइयों में है।भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के सबसे युवा क्रांत



हिरोशिमा पर परमाणु हमले को बयां करती हैं ये 13 तस्वीरें

दुनिया के इतिहास में ऐसी-ऐसी घटनाएं हुई हैं कि बहुत से लोग प्रभावित हुए हैं और इसके बारे में हमें हमारे पूर्वजों से पता चला है। जिस तरह से भारत अंग्रेजों का गुलाम बन गया था वैसे ही दूसरे देशों के साथ भी बहुत कुछ हुआ है जिसके प्रमाण इतिहास में मिलते हैं। कुछ ऐसा ही 6 अ



उधम सिंह - इतिहास के शब्दों तक ही क्यों जीवित ?

प्रस्तावना - भारतीय क्रांतिकारी इतिहास प्रायः अनैतिक रूप से दो भागों में बाँट दिया गया जो कि उन सभी बलिदानियों के ऊपर आज़ाद भारतियों का कलंक है, जिसका हमें स्वयं ही अभाश नहीं हैं | तथाकथित स्वतंत्रता का राजनीतिकरण कर विद्यार्थियों व् देशवासिओं को त्याग,



वीर छत्रपति Sambhaji Maharaj ने लिया था मुगलों से लोहा, जानिए इनका इतिहास

संभाजी महाराज | ShambhaJi Maharaj in Hindi- भारत को वीरों की भूमि कहा जाता है क्योंकि यहां पर एक से बढ़कर एक वीर योद्धा जन्म लिए और बिना सिर छुकाए प्राणों की आहूति दे दी। उन्हीं वीर योद्धाओं में एक हैं छत्रपति Sambhaji Maharaj जिनका जीव



मेरे घुमक्कड़पन की कहानी

https://aakasharcaeoblogger.blogspot.com/?m=0 कृप्या मेरे ब्लॉग में पढ़े।



भूत और प्रेत : आचार्य श्री अर्जुन तिवारी जी

*सनातन धर्म में चौरासी लाख योनियों का वर्णन मिलता है | देव , दानव , मानव , प्रेत , पितर , गन्धर्व , यक्ष , किन्नर , नाग आदि के अतिरिक्त भी जलचर , थलचर , नभचर आदि का वर्णन मिलता है | हमारे इतिहास - पुराणों में स्थान - स्थान पर इनका विस्तृत वर्णन भी है | आदिकाल से ही सनातन के अनुयायिओं के साथ ही सनातन



सिर्फ इस वजह से महारानी पद्मावती जैसी पत्नी चाहता था खिलजी! - Padmavati history in Hindi

भारत के इतिहास में एक से बढ़कर एक वीर पुरुष हुए हैं लेकिन इन वीर पुरुषों मे कुछ ऐसी महिलाएं भी थीं जिन्होंने अपना बलिदान देश, पति और अपनी आबरू बचाने के लिए दे दी। ऐसी एक नहीं बल्कि कई रानियां हैं लेकिन यहां हम बात 13वीं शताब्दी में आई रानी पद्मावती की कहानी के रूप में



जगन्नाथ जी की रथयात्रा : आचार्य अर्जुन तिवारी

जगन्नाथ जी की रथ यात्रा *सनातन धर्म की व्यापकता का दर्शन हमारी मान्यताओं / पर्वों एवं त्यौहारों में किया जा सकता है | सनातन धर्म ने सदैव मानव मात्र को एक सूत्र में बाँधकर रखने के उद्देश्य से समय समय पर पर्व एवं त्यौहारों का विधान बनाया है | हमारे देश में होली , दीवाली, रक्षाबन्धन , जन्माष्टमी , श्र



इतिहास ज्वलंत हो जाए

इतिहास ज्वलंत हो जाएदेश का इतिहास ज्वलंत हो जाए,आतंकवाद का जब अंत हो जाए।मनाएं हम सब मिल कर खुशियां,फिर तो हर ऋतु बसंत हो जाए।



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