जमी

सच कहाँ हैं?

सच कहाँ हैं?कब्रिस्तानमे राख़ नहीं मिलती, मिट्टी-मिट्टी मे दफन हो जाती हैं लाशे।समशान मे हैंराख़,एक चिंगारी सेआग लगकर शांत हो जाती चिताए। लौट जाते हैंवह लोग, ख्वाबोंके समुंदर मे भ्रमित गोते लगाते हुए।दफन हो जाना, भसम हो जाना,ताबबूतों मे सिमट कर रह जाना अंत हैं।यह सारा दृश्य, आंखो की पालको को भिंगोते ह



उड़ान

चाहतों के परीदें उड़ने को तैयार है। वैल वह मेरे जैसे है, जो रोज उड़ान भरते हैं फिर से अपने घोंसले में लौट आते हैं। आसमां में पैर नहीं टिकते, जमीं पर नजर नहीं ठहरती। खामोशी आंखों से है बोलती, और मन की बातें मुख नहीं खोलती। रंग बसंत का छा रहा है चहुंओर, ले यौवन की अंगड़ाई। बारिश का आना, पायल का छलकना



गृह मंत्रालय ने पुलिस थानों को देने के लिए खरीदी बलात्कार जांच की 5000 किट : डब्ल्यूसीडी

14:39 HRS IST (उजमी अतहर) नयी दिल्ली , 22 जुलाई (भाषा) गृह मंत्रालय ने बलात्कार के मामलों की जांच करने वाली 5000 विशेष किट खरीदी हैं। ये किट देश भर के पुलिस थानों में वितरित की जाएंगी ताकि यौन उत्पीड़न के मामलों की जांच शीघ्र की जा सके। महिला एवं बाल विकास मंत्रालय (डब्ल्यूसीडी) के एक वरिष्ठ अधिका





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