जयन्ती

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हनुमान जयन्ती

हनुमान जयन्तीआज चैत्र पूर्णिमा है... और कोविडमहामारी के बीच आज विघ्नहर्ता मंगल कर्ता हनुमान जी – जो लक्ष्मण की मूर्च्छा दूरकरने के लिए संजीवनी बूटी का पूरा पर्वत ही उठाकर ले आए थे... जिनकी महिमा का कोईपार नहीं... की जयन्ती है… जिसे पूरा हिन्दू समाज भक्ति भाव से मनाता है... कल दिनमें बारह बजकर पैंताल



कोरोना और महावीर जयन्ती

कोरोना औरमहावीर जयन्तीजय श्रीवर्द्ध्मानाय स्वामिने विश्ववेदिनेनित्यानन्दस्वभावाय भक्तसारूप्यदायिने |धर्मोSधर्मो ततो हेतु सूचितौ सुखदुःखयो:पितु: कारणसत्त्वेन पुत्रवानानुमीयते ||आज चैत्र शुक्ल त्रयोदशी है – भगवान् महावीर स्वामी कीजयन्ती का पावन पर्व | तो सबसे पहले तो सभी कोमहावीर जयन्ती की हार्दिक शुभ



भाई दूज, यम द्वितीया, चित्रगुप्त जयन्ती

भाईदूज, यम द्वितीया, चित्रगुप्तजयन्तीपाँच पर्वों की श्रृंखला दीपावली कीपञ्चम और अन्तिम कड़ी है 16 नवम्बर कार्तिक शुक्ल द्वितीया को मनाया जानेवाला भाई बहन के मधुर सम्बन्धों तथा भाईचारे का प्रतीक पर्व भाईदूज – जिसे यम द्वितीया केनाम से भी जाना जाता है | यम द्वितीया नाम के पीछे भी एक कथाहै कि समस्त चराच



शरद पूर्णिमा

शरद पूर्णिमारविवार तेरह अक्तूबरको आश्विन मास की पूर्णिमा, जिसे शरद पूर्णिमा के नाम से जाना जाता है का मोहकपर्व है | और इसके साथ ही पन्द्रह दिनों बाद आने वाले दीपोत्सव की चहल पहल आरम्भहो जाएगी | आज अर्द्धरात्र्योत्तर 12:36 परपूर्णिमा तिथि आरम्भ होगी और कल अर्द्धरात्र्योत्तर 2:38 तकरहेगी | देश के अलग



हनुमाना जयन्ती की हार्दिक शुभकामनाएँ

हनुमान जयन्तीकल चैत्र पूर्णिमा... विघ्नहर्तामंगलकर्ता हनुमान जी की जयन्ती… जिसे पूरा हिन्दू समाज भक्ति भाव से मनाता है... आजरात्री सात बजकर सत्ताईस मिनट से लेकर कल सायं चार बजकर बयालीस मिनट तक चैत्रशुक्ल पूर्णिमा है… मान्यता है कि सूर्योदय काल में हनुमान जी का जन्म हुआ था | कलसूर्योदय पाँच बजकर पावन



महावीर जयन्ती की हार्दिक शुभकामनाएँ

महावीर जयन्तीआज चैत्र शुक्ल त्रयोदशी है - भगवान् महावीर स्वामी कीजयन्ती का पावन पर्व | सभी को महावीर जयन्ती की हार्दिक शुभकामनाएँ…सभी जानते हैं कि महावीर स्वामी जैन धर्म के चौबीसवें औरअन्तिम तीर्थंकर थे | तीर्थं करोति स तीर्थंकर: – अर्थात जो अपनी साधना केमाध्यम से स्वयं संसार सागर से पार लगाने वाले



भाई दूज, यम द्वितीया, चित्रगुप्त जयन्ती

भाई दूज, यम द्वितीया, चित्रगुप्त जयन्तीकल यानीकार्तिक शुक्ल द्वितीया – भाई दूज – जिसे यमद्वितीया के नाम से भी जाना जाता है कापावन पर्व है | नेपाल में इसे भाई टीका कहते हैं | यम द्वितीया नाम के पीछे भी एक कथा है कि समस्त चराचर को सत्य नियमों मेंआबद्ध करने वाले धर्मराज यम बहुत समय पश्चात अपनी बहन यमी



हरतालिका तीज और वाराह जयन्ती

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श्री विश्वकर्मा जयन्ती

हमारे देश में विश्वकर्मा जयंती का पर्व 17 सितम्बर को अत्यंत धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन देश के औद्योगिक क्षेत्रों, फैक्ट्रियों, लोहे की दुकानों, वाहन शोरूम, सर्विस सेंटर आदि में पूजा होती है। इस अवसर पर मशीनों, औजारों की सफाई एवं रंगरोगन किया जाता है। इस दिन अधिकतर कल-कारखाने बंद रहते हैं और लोग





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