जयंती विशेष - स्वतंत्र भारत के प्रथम राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के जीवन के 11 अनकहे तथ्य

३ दिसंबर यानि आज भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद की 131 वीं जयंती है। राजेंद्र प्रसाद एक प्रमुख व्यक्तित्व जिसने हमारे राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम में बहुत योगदान दिया, राजेंद्र प्रसाद पहले राष्ट्रपति थे जिन्होंने स्वतंत्र भारत के राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली और 12 वर्षों तक राज्य का सबस



क्या आपको पता है नेहरू जी का राजनैतिक सफर किस प्रदेश से शुरू हुआ था?

देश भर में पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू की आज 129वीं जयंती मनायी जा रही है। 14 नवंबर 1889 को जन्मे पंडित नेहरू की जयंती को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है क्योंकि नेहरू को बच्चों से बहुत प्यार था और वो नेहरू को चाचा कहकर बुलाते



धन्वन्तरि जयन्ती

“स्वास्थ्य सबसे बड़ा उपहारहै |” – गौतम बुद्ध सत्य है – स्वास्थ्य से बड़ाऔर कोई धन हो ही नहीं सकता | स्वास्थ्य उत्तम होगा तो हमारे विचार भी उत्तम बनेंगे, क्योंकि उत्तम स्वास्थ्य ही उत्तम मस्तिष्कका घर होता है ऐसा महापुरुषों ने कहा है और हम सभी ने अपने अनुभवों से इसे जाना भीहै | हमारा शरीर स्वस्थ रहेगा



मदर टेरेसा जयंती

यह मदर टेरेसाकी 108 वीं जयंतीहै, मदर टेरेसा को कलकत्ता की सेंट टेरेसाभी कहा जाताहै। ये 26 अगस्त1910 को पैदा हुई थी और इनका असलीनाम एग्नेस गोंक्सबोजाक्षी था | मदर टेरेसा अल्बानियाई-भारतीय रोमन कैथोलिकनन और मिशनरीथीं। मदर टेरेसा का जन्मस



तुलसीदास जयंती

सम्पूर्ण भारतवर्ष में गोस्वामी तुलसीदास के स्मरण में तुलसी जयंती मनाई जाती है| श्रावण मास की सप्तमी के दिन तुलसीदास की जयंती मनाई जाती है| इस वर्ष यह 17 अगस्त 2018 के दिन गोस



गूगल ने मनाई जोर्गेस लेमैत्रे की १२४ वीं जयंती

मंगलवार को, गूगल ने बेल्जियम खगोलविद जॉर्जेस लेमेत्रे की एक डूडल के साथ १२४ वीं जयंती मनाई| लेमेत्रे को बिग बैंग थ्योरी का श्रेय जाता है, जो कहता है कि ब्रह्मांड एक परमाणु से उत्पन्न हुआ, जिसे उन्होंने लौकिक अंडे के रूप में रेफेर किया था। इन्होने सिद्धांतिक तौर पर दव



राम-लक्ष्मण और परशुराम संवाद

बचपन में हम रामलीला देखने के लिए बड़े उत्सुक रहते थे। जब-जब जहाँ-कहीं भी रामलीला के बारे में सुनते वहाँ पहुंचते देर नहीं लगती। रामलीला में सीता स्वयंवर के दिन बहुत ज्यादा भीड़ रहती, इसलिए रात को जल्दी से खाना खाकर बहुत पहले ही हम बच्चे पांडाल में चुपचाप सीता स्वयंवर के दृश्य का इंतजार करने ब



सवा लाख से एक लड़ावाँ ताँ गोविंद सिंह नाम धरावाँ

सवा लाख से एक लड़ावाँ ताँ गोविंद सिंह नाम धरावाँ "चिड़ियाँ नाल मैं बाज लड़ावाँ गिदरां नुं मैं शेर बनावाँ सवा लाख से एक लड़ावाँ ताँ गोविंद सिंह नाम धरावाँ" सिखों के दसवें गुरु श्री गोविंद सिंह द्वारा 17 वीं शताब्दी में कहे गए ये शब्द आज भी सुनने या पढ़ने वाले की आत्मा को



“अंतर्राष्ट्रीय अहिंसा दिवस”

अहिंसावो मुख्य तत्व है जिसने सम्पूर्ण मानवता को प्रेम और आत्मशुद्धी की सहायता से कठिन से कठिनसंकटों में सफलता पाने का संदेश दिया है।अहिंसाको हिंदू, बौद्ध,व कुछ अन्य धर्मों में मानवीय क्रियाओं का आधार माना गया है ।अहिंसा की शिक्षा तो भारतीय संस्कृति की पहचान है ।उपनिषद



हिन्दू मुस्लिम समन्वय के प्रतीक कबीर बाबा

आज धर्म के नाम पर एक दुसरे पर छींटाकसी करने वाले तथाकथित हिन्दू और मुसलमान जो शायद ही धर्म के वास्तविक स्वरूप की परिभाषा जानते हो ऐसे समय में उन्हें कबीर जैसे महान व्यक्तित्व के विचारों को पुन: पढना चाहिए | कबीर किसी विशेष पंथ सम्प्रदाय के नही अपितु पूरी मानव जाति के लिए



भारत का महान सम्राट अकबर नही महाराणा प्रताप थे

राजस्थान की भूमि वीर प्रसूता रही है इस भूमि पर ऐसे-ऐसे वीरों ने जन्म लिया है जिन्होंने अपने देश की रक्षा में न केवल अपने प्राणों को न्यौछावर कर दिया बल्कि शत्रुदल को भी अपनी वीरता का लोहा मानने पर विवश कर दिया | लेकिन दुर्भाग्य ये रहा की हमारे देश का इतिहास ऐसे मुर्ख पक्ष



दलित वर्ग के प्रतिनिधि और पुरोधा थे डाॅ. भीमराव रामजी अंबेडकर

डाॅ. भीमराव आम्बेडकर का जन्म 14 अप्रैल, 1891 को महाराष्ट्र के रत्नागिरि जिले के अम्बावड़े गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम श्रीरामजी सकवाल तथा माता का नाम भीमाबाई था। उनके "आम्बेडकर" नाम के म



नेताजी सुभाष चंद्र बोस

नेताजी से जुड़ी कुछ अन्य दिलचस्प बातें :नेताजी से जु़ड़े ऐसे तमाम दिलचस्प किस्से हैं. उन्हीं में से एक है नेताजी का कारों के प्रति खास लगाव. कुछ ही लोग जानते हैं कि नेताजी कारों के बेहद शौकीन थे, हालांकि दिलचस्प बात यह भी है कि उन्होंने अपने जीवनकाल में कभी कोई कार नहीं खरीदी.नेताजी पर शोध करने वालो



कई सच छुपाए गए तो कई अधूरे बताए गए

कई सच छुपाए गए तो कई अधूरे बताए गए अपनी आजादी की कीमत तो हमने भी चुकाई है तुम जैसे अनेक वीरों को खो के जो यह पाई है। कहने को तो हमारे देश को 15 अगस्त 1947 में आजादी मिली थी लेकिन क्या यह पूर्ण स्वतंत्रता थी? स्वराज तो हमने हासिल कर लिया था लेकिन उसे ' सुराज ' नहीं बना



गांधी - ईश्वरीय चेतना का एक अवतार

गांधी - ईश्वरीय चेतना का एक अवतार लेखक :- पंकज " प्रखर " शास्त्र कहते है की जब भी धरती पर अनाचार,अत्याचार,व्यभिचार,शोषण बढ़ता है तथा लोग आसुरी शक्तियों द्वारा सताये व परेशान किये जाते है, जब कभी मनुष्य अपने देवीय गुणों को छोड़ कर आसुरी प्रवृत्ति की और आकर्षित होने लगता है उस समय ईश्वर महानायक के रू



भारत रत्न डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के जन्मदिवस पर विशेष-2015

सामाजिक एकता, सामाजिक समानता और भ्रातृत्व के पक्षधर, ज्ञान के प्रतीक, भारतीय लोकतन्त्र के प्रणेता, दलितों के मसीहा, भारत में बुद्ध धर्म के पुनरुद्धार करने वाले प्रबुद्ध विचारक, शिक्षाशास्त्री और समकालीन दार्शनिक भारत रत्न डॉ भीमराव अम्बेडकर जी के जन्मदिवस पर आप सभी को हार्दिक बधाई। बाबा साहेब का जीव



03 फरवरी 2015

"मन चंगा तो कठौती में गंगा"

संत रविदास



क्या राहुल सोनिया के कहने पर कुँए में कूदेंगी जयंती ?

नईम अहमद ' नईम ' ने कहा है - '' हथेली जल रही है फिर भी हिम्मत कर रहा हूँ मैं , हवाओं से चिरागों की हिफाज़त कर रहा हूँ मैं .'' बिलकुल यही अंदाज़ दिखाते हुए पूर्व पर्यावरण मंत्री जयंती नटराजन ने शुक्रवार ३० जनवरी २०१५ को कांग्रेस पार्टी छोड़ दी .राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि के अवस





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