संजीवनी 2 अगस्त 12 को स्टार प्लस पर लॉन्च होगा | आई डब्लयू एम बज

संजीवनी 2, सुरभि चांदना, मोहनीश बहल, नमित खन्ना, गुरदीप कोहली और सयंतनी घोष के साथ आगामी बड़ी मेडिकल शो अगस्त के महीने में लॉन्च होगी। सिद्धार्थ मल्होत्रा ​​के बैनर अल्केमी फिल्म्स द्वारा निर्मित इस शो को इसकी लॉन्चिंग की तारीख 12 अगस्त मिली है। हां, आपने सही सुना!! एक वि



बच्चों को कैसे सिखाएं रिश्तों की अहमियत

दादा-दादी, चाचा-चाची, भुआ, ताऊजी और मामा-मामी, मौसी ऐसे कई रिश्ते हैं जिनसे एक बड़ा परिवार बनता है. ये रिश्ते ही हमें अच्छे संस्कार सिखाते हैं. हमें परिवार के साथ जीना सिखाते हैं. पहले एक ज़माने में एक ही घर में कम से कम 12 से 15 लोग रहते थे मगर आज 2 से 4 ही लोग रह पाते



कृष्ण के प्रेम में सबकुछ भूल गई थीं मीराबाई जानिए-Meerabai ka jeevan parichay

भक्तिकाल की एक ऐसी संत जो अपने प्रभु को ही सबकुछ मानकर उसमें ही लीन हो गईं। meerabai ka jeevan parichay किसी से छिपा नहीं है, ये बात हर कोई जानता है कि वे श्रीकृष्ण की कितनी बड़ी भक्त थीं जिन्हें मन ही मन वे अपना पति भी मान चुकी थीं। मगर कोई ये नहीं जानता कि इस प्रेम



जीवन के अध्याय पढ़कर देखें अच्छा लगेगा

जीवन के अध्याय जिन्दगी में हर पल एक नई चुनौतियों को लेकर आता हैं,जो असमान संघर्षो से भरा होता हैं.इस पल को सामने पाकर कोई सोचने लगता हैं कि शायद मेरे जीवन में नया चमत्कार होने वाला हैं.अर्थात् सभी के मन में चमत्कार की आशा पैदा होने लगती हैं.चुनौतियां जो इंसानी जीवन क



एक लड़की का अनजान शहर में सुरक्षित रहने के टिप्स

भारत में यदि आप एक लड़की हो और आपको कभी अकेले किसी नए अनजान शहर में जाना पड़े और वहां रहना पड़े तो बेशक बहुत चिंताजनक बात हो सकती है. खासकर जब हम किसी को भी न जानते हों. आपके लिए बहुत ही चिंताजनक बल्कि डरावना साबित हो सकता है यदि आप सिंगल हो औ



जीवन के अध्याय

जिन्दगी में हर पल एक नई चुनौतियों को लेकर आता हैं,जो असमान संघर्षो से भरा होता हैं.इस पल को सामने पाकर कोई सोचना लगता हैं कि शायद मेरे जीवन में नया चमत्कार होने वाला हैं.अर्थात् सभी के मन में चमत्कार की आशा पैदा होने लगती हैं.चुनौतियां जो इंसानी जीवन का अंग है,जो इन चुनौतियों का सामना दृढता के साथ क



बूँद-बूँद करके सागर भरता है

एक सज्जन है किराये के मकान में रहते है, छोला भठूरे का ठेला लगते हैं, उसकी कमाई से गुजरा होता है, मकान का किराया 1500 रूपए है, वो बिना नागा किये हर महीने किराया भर देते हैं, ऐसा करने का गुप्त रहस्य ये है की वे रोज 50 रूपये निश्चित तारीख को एक डिब्बे में डालते जाते हैं, जो माह पूरा होते होते है 1500 र



'अपरिभाषित ज़िन्दगी'

क्या कहूँ, कि ज़िन्दगी क्या होती है कैसे यह कभी हँसती और कभी कैसे रो लेती है हर पल बहती यह अनिल प्रवाह सी होती है या कभी फूलों की गोद में लिपटीखुशियों के महक का गुलदस्ता देती हैऔर कभी यह दुख के काँटो का संसार भी हैहै बसन्त सा



ज्ञान :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*चौरासी लाख योनियों में भटकने के बाद जीव को देव दुर्लभ मानव शरीर प्राप्त होता है | इस शरीर को पाकर के मनुष्य की प्रथम प्राथमिकता होती है स्वयं को एवं अपने समाज को जानने की , उसके लिए मनुष्य को आवश्यकता होती है ज्ञान की | बिना ज्ञान प्राप्त किये मनुष्य का जीवन व्यर्थ है | ज्ञान प्राप्त कर लेना महत्व



मनोवृत्ति :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*इस संसार में दुर्लभ मनुष्य शरीर पाकर के मनुष्य संसार में सब कुछ प्राप्त करने का प्रयास करता है | मनुष्य भूल जाता है कि देव दुर्लभ शरीर ही सब कुछ प्राप्त करने का साधन है इसी शरीर के भीतर अमृत भरा हुआ है , इसी में विष है तो इसी को पारस एवं कल्पवृक्ष भी कहा गया है | मनुष्य जो चाहे इसी शरीर से प्राप्त



कर्म प्रधान :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*ईश्वर द्वारा बनाई हुई सृष्टि कर्म पर ही आधारित है | जो जैसा कर्म करता है उसको वैसा ही फल प्राप्त होता है | यह समझने की आवश्यकता है कि मनुष्य के द्वारा किया गया कर्म ही प्रारब्ध बनता है | जिस प्रकार किसान जो बीज खेत में बोता है उसे फसल के रूप में वहीं बाद में काटना पड़ता है | कोई भी मनुष्य अपने किए



महत् चिंतन

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कविता खुशबू का झोंका

कविता खुशबू का झोंका---------------------------- कविता खुशबू का झोंका, कविता है रिमझिम सावन कविता है प्रेम की खुशबू, कविता है रण में गर्जन कविता श्वासों की गति है, कविता है दिल की धड़कन हॅंसना रोना मुस्काना, कवितामय सबका जीवन कविता प्रेयसी से मिलन है, कविता अधरों पर चुंबन कविता महकाती सबको, कविता



पुस्तक का महत्व :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है जो एक समाज में रहता है | किसी भी समाज में रहने के लिए मनुष्य को समाज से संबंधित बहुत से विषय का ज्ञान होना चाहिए , और मानव जीवन से संबंधित सभी प्रकार के ज्ञान हमारे महापुरुषों ने पुस्तकों में संकलित किया है | पुस्तकें हमें ज्ञान देती हैं | किसी भी विषय के बारे में जानने



दंपत्ति

मेरे पुराने मित्र शर्मा जी किसी पुराने पंडित की तरह धर्म क्रियाओं के पीछे भागने वालों में नहीं हैं, वो तो अपनी ही कपोल-कल्पनाओं में गुम रहने वाले स्वतंत्र विचारों के प्राणी हैं। उनकी अर्धांगिनी जी भी उन्हीं के प्रकार की हैं मगर भिन्नता



लेखक परिचय

हेमन्त शेषसुविख्यात हिंदी कवि , सम्पादक, कला-आलोचक,छायाकार, स्तम्भकार एवं आधुनिक चित्रकार जन्म : 28 दिसम्बर, 1952 को जयपुर (भारत) में



स्वास्थ जीवन की सबसे बड़ी संपत्ति है, जाने कैसे रहे स्वस्थ

Third party image referenceआज कल की जीवन शैली की तेज गति एवं भागदौड़ वाली जिंदगी में सेहत का ध्यान रखना बहुत कठिन हो गया है । जिस कारण से आज हम युवावस्था में ही ब्लड प्रेशर, शुगर, दिल के रोग कोलेस्ट्रोल, गठिया मोटापा जैसे रोगों से ग्रसित होने लगे हैं जो कि पहले व्रद्धावस्था में होते थे, और इसकी सबसे



माँगें भगवान को :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*आदिकाल से इस धराधाम पर भगवान की तपस्या करके भगवान से वरदान मांगने की परंपरा रही है | लोग कठिन से कठिन तपस्या करके अपने शरीर को तपा करके ईश्वर को प्रकट करके उनसे मनचाहा वरदान मांगते थे | वरदान पाकर के जहां आसुरी प्रवृति के लोग विध्वंसक हो जाते हैं वहीं दिव्य आत्मायें लोक कल्याणक कार्य करती हैं | भग



दाम्पत्य जीवन में व्यवहारिक सोच

आप चाहे गांव या कस्बे के मध्यवर्गीय परिवार के पढ़े-लिखे व्यक्ति हों अथवा महानगर के किसी संपन्न कुलीन परिवार के सदस्य हों या फिर सामान्य आर्थिक स्तर के कोई अधिकारी अथवा व्यापारी, इस सत्य को मन-ही-मन स्वीकार कर लें कि दाम्पत्य जीवन की सफलत



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