को

22 जनवरी 2019

यह एक समस्या नहीं है, यह एक अनुभव है।

"पूरी तरह से जीवित, पूरी तरह से मानव और पूरी तरह से जागृत होने के लिए लगातार घोंसले से बाहर फेंक दिया जाता है।" ~Pema Chodronजीवन की अपनी डाउन अवधि होती है: आपका बॉस आपसे नाखुश है, आपका व्यवसाय संघर्ष कर रहा है, आप अपने जीवन के प्यार के साथ संघर्ष कर रहे हैं, आपके वित्त तंग हैं, आप अच्छी नींद नहीं ल



"चौपाई मुक्तक" वन-वन घूमे थे रघुराई, जब रावण ने सिया चुराई। रावण वधकर कोशल राई, जहँ मंदिर तहँ मस्जिद पाई।

"चौपाई मुक्तक"वन-वन घूमे थे रघुराई, जब रावण ने सिया चुराई।रावण वधकर कोशल राई, जहँ मंदिर तहँ मस्जिद पाई।आज न्याय माँगत रघुवीरा, सुनो लखन वन वृक्ष अधिरा-कैकेई ममता विसराई, अवध नगर हति कागा जाई।।-1अग्नि परीक्षा सिया हजारों, मड़ई वन श्रीराम सहारो।सुनो सपूतों राम सहारो, जस



16 जनवरी 2019

एक भिक्षु के रूप में शांत: कैसे उपेक्षा आपके विवेक को बचा सकती है। 

जो लोग नहीं जानते हैं, उनके लिए उपेक्षा या "समरूपता" मूल रूप से बौद्ध धर्म में चार "उदात्त दृष्टिकोण" में से एक हैं - जिन्हें "फोर इमैसुलेबल्स", या "चार उदात्त दृष्टिकोण" कहा जाता है। करुणा, प्यार, दयालुता, और सहानुभूति से खुशी।इसमें मैं हमेशा सफल नहीं होता (मुझे गुस्सा आता है या हर किसी की तरह चिढ़



सामाजिक एकता

2018 समाप्त हुवा । बदलाव , परिवर्तन निसर्ग का एक नियम है । आज विश्व काफी तीव्रगति से चल रहा है । और परिवर्तन की दौड़ मैं कई पीछे छुट रहे है तो कई काफी तेजीसे आगे भी बढ़ रहे है । समाज की एकता और प्रेम तभी आपसे में एक रूप हो सकते है जब हम इस बढ़ती तेज रफ़्तार में एक दूजे के सहायक बन एक दूजे को भी साथ लेकर



"गीतिका" अभी है आँधियों की ऋतु रुको बाहार हो जाना घुमाओ मत हवाओं को अजी किरदार हो जाना

मापनी-1222 1222 1222 1222, समान्त- आर का स्वर, पदांत- हो जाना"गीतिका"अभी है आँधियों की ऋतु रुको बाहार हो जानाघुमाओ मत हवाओं को अजी किरदार हो जानावहाँ देखों गिरे हैं ढ़ेर पर ले पर कई पंछीउठाओ तो तनिक उनको सनम खुद्दार हो जाना।।कवायत से बने है जो महल अब जा उन्हें देखोभिगाकर कौन रह पाया नजर इकरार हो जाना



बच्चे को हेल्दी खाना है खिलाना, अपनाएं यह अचूक उपाय

वर्तमान समय में, बच्चे जिस तरह का लाइफस्टाइल जी रहे हैं, उसका सबसे बुरा प्रभाव उन्हीं की हेल्थ पर देखने को मिल रहा है। माॅडर्न युग के बच्चे घर के बने हेल्दी फूड के स्थान पर नूडल्स, बर्गर, पिज्जा आदि खाना ज्यादा पसंद करते हैं। ऐसे में उनका शारीरिक व मानसिक विकास बाधित होने लगा है। अगर आपके घर में भी



"भोजपुरी गीत" साँझे कोइलरिया बिहाने बोले चिरई जाओ जनि छोड़ी के बखरिया झूले तिरई....... साँझे कोइलरिया बिहाने बोले चिरई

भोजपुरी गीत, मात्रा भार-24, मुखड़ा समान्त- ए चिरई, अंतरा समान्त- क्रमशः खटिया,जनाना, जवानी,"भोजपुरी गीत"साँझे कोइलरिया बिहाने बोले चिरईजाओ जनि छोड़ी के बखरिया झूले तिरई....... साँझे कोइलरिया बिहाने बोले चिरईदेख जुम्मन चाचा के अझुराइल खटियाहोत भिनसारे ऊ उठाई लिहले लठियागैया तुराइल जान हेराइ गईल बछवाखो



वरिष्ठ नागरिकों के लिए शीर्ष 4 निवेश विकल्प

जब वरिष्ठ नागरिकों के लिए निवेश विकल्पों की बात आती है, तो पूंजी की सुरक्षा और नियमित आय दो मुख्य मानदंड है जो कि सामने आते हैं। साथ ही, किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए पर्याप्त धन जमा करने पर भी ध्यान केंद्रित किया जाता है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए सबसे



"पद" कोयल कुहके पिय आजाओ, साजन तुम बिन कारी रैना,डाल पात बन छाओ।।

"पद"कोयल कुहके पिय आजाओ,साजन तुम बिन कारी रैना, डाल-पात बन छाओ।।बोल विरह सुर गाती मैना, नाहक मत तरसाओ ।भूल हुई क्यों कहते नाहीं, आकर के समझाओ।।जतन करूँ कस कोरी गगरी, जल पावन भर लाओ।सखी सहेली मारें ताना, राग इतर मत गाओ।।बोली ननद जिठानी गोली, आ देवर धमकाओ।बनो सुरक्षा कव



मधुमाला चट्टोपाध्याय : सेंटिनल जनजाति ने जब पहली बार तीर- धनुष छोड़ ख़ुशी से किया एक बाहरी का स्वागत - Madhumala Chattopadhyay

मधुमाला चट्टोपाध्याय (Madhumala Chattopadhyay), सेंटिनल जनजाति की ज़मीन पर कदम रखना मतलब मौत को सीधा न्यौता , ऐसी जनजाति से दोस्ती का रिश्ता कायम करने वाली पहली महिला Madhum



हाइजेेनिक आदतें

हाईजेनिक आदतें आजकल कई तरह की बीमारियों ने लोगों को घेरा हुआ है जो गंभीर समस्या की तरह है । पुराने जमाने में लोग बहुत सी हाईजेनिक आदतें अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में अपनाते थे जिससे उन्हे बीमारियां कम लगती थी, लोग स्वस्थ रहते थे। आज कल के लोगों की तरह बहुत सी बीमारी उन्हे नहीं घेरे रहती थी। हमारे गांव



जीवन जीना आता ही नहीं

जीवन जीना आता ही नहीं हम को जीना आता ही नहीं; हम को जीना आता ही नहीं ; हम को जीना आता ही नहीं। कहीं पहुंच जाने के चक्कर में रहते हैं;जीवन यात्रा का आनंद जाना ही नहीं। और, और, और अधिक चाहते रहते हैं;नया पकड़ने केलिए, मुट्ठी ढ़ीली करना आता ही नहीं। दूसरों को जिम्मेदार ठहरता रहता है;बदलना तो स्वयं को है,



होरोस्कोप २०१९ –



"गज़ल" हाथ कोई हाथ में आ जाएगा मान लो जी साथियाँ भा जाएगा

बह्र 2122, 2122 212, काफ़िया, आ स्वर, रदीफ़- जाएगा"गज़ल" हाथ कोई हाथ में आ जाएगा मान लो जी साथियाँ भा जाएगालो लगा लो प्यार की है मेंहदी करतली में साहिबा छा जाएगा।।मत कहो की आईना देखा नहींनूर तिल का रंग बरपा जाएगा।।होठ पर कंपन उठे यदि जोर कीखिलखिला दो लालिमा भा जाएगा।।अधखुले है लब अभी तक आप केखोल दो मु



क्या आपको पता है संघ ने केंद्र सरकार पर किसलिए दबाव बनाया है?

राम मंदिर-बाबरी मस्जिद विवाद में सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद मचे सियासी बवाल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ भी कूद पड़ा है। चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ ने इस मामले की सुनवाई 3 महीने के लिए टाल दी है। पीठ के इस फैसले के बाद संघ का भी बयान आया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का कहना है



रावलपिंडी एक्सप्रेस ने कोहली को कौन सा विराट लक्ष्य दिया है???

रावलपिंडी एक्सप्रेस के नाम से मशहूर और अपने समय में गेंद की तेज़ी से अच्छे से अच्छे बल्लेबाजों के छक्के छुडा देने वाले बेहतरीन तेज़ गेंदबाज शोएब अख्तर ने भारतीय क्रिकेट कप्तान विराट कोहली के करिश्माई प्रदर्शन लगातार 3 एक दिवसीय शतक लगाने के बाद उन्हें एक नया लक्ष्य दिया है और इसीलिए इसे एक विराट लक्ष्



कोहली का विराट करिश्मा

भारतीय क्रिकेट के कप्तान विराट कोहली एक बहुत बड़ी उपलब्धि अपने करियर में दर्ज की है आज वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे एकदिवसीय में खेलते हुए उन्होंने लगातार तीसरा शतक जड़ दिया और अपने पुरे एकदिवसीय करियर की 38 वां शतक लगाया इस हिसाब से देखा जाए तो रिकॉर्ड की किताब ख़त्म हो जाएगी पर कोहली के रिकॉर्ड रुकते नह



"गज़ल" थोड़ा थोड़ा प्यार दे मुझको कर्ज सही पर यार दे मुझको

मात्रा भार-17, काफ़िया- आर, रदीफ़ - दे मुझकोग़ज़ल, बह्र-22 22 22 22, काफ़िया-आर, रदीफ़ - दे मुझको....... ॐ जय माँ शारदा.......!"गज़ल"थोड़ा थोड़ा प्यार दे मुझकोकर्ज सही पर यार दे मुझकोपल आता इंतजार बिना कब कल की रात सवार दे मुझको।।बैठी नाव निरखती तुझकोदरिया पार उतार दे मुझको।



ग़ज़ल, किनारों को भिगा पाता कहाँ से नजारों को सजा जाता कहाँ से

जय नव दुर्गा ^^ जय - जय माँ आदि शक्ति -, वज़्न-- 1222 1222 122, अर्कान-- मुफ़ाईलुन मुफ़ाईलुन फ़ऊलुन, क़ाफ़िया— आया (आ स्वर की बंदिश) रदीफ़ --- कहाँ से....... ॐ जय माँ शारदा.....! 1 मुहब्बत अब तिजारत बन गई है 2. मै तन्हा था मगर इतना नहीं था "गज़ल"किनारों को भिगा पाता कहाँ सेनजारों को सजा जाता कहाँ सेबंद थ



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