स्कूल

Top 10 Schools in delhi - ये हैं दिल्ली के 10 सबसे बेहतरीन स्कूल जहाँ मिलेगा आपके बच्चे को उज्व्वल भविष्य

हर माता-पिता अपने बच्चों के लिए एक अच्छा स्कूल सर्च करता हैं वो चाहता है कि उनका बच्चा एक अच्छे स्कूल में पढ़े। यदि आपका बच्चा अपने पढ़ाई शुरू करने जा रहा है और आप दिल्ली निवासी हैं तो हम आपके लिए इस लेख में लाये हैं दिल्ली के Top 10 school की list जहां मिलती है सबसे बेहतरीन शिक्षा। Top 10 Schools in



तन्हाई मित्र हैं.

तन्हाई मित्र हैं. झरने की झर्झर,नदियों की ऊफान, पहाड़ की चोटी पर झाड़ मे खिले नन्हेंकोमल-कोमल फूल जो हवाओं से बाते करते। वादियो, घाटियों, समतल मैदानों मे भटकता एक चरवाहा तरह-तरह की आवाज को निकाल अपने आप कोरमाए रखता। कभी ऐसे गाता जैसे उसे कुछ याद आया हो। उस याद मे एक कशिश की आवाज। वहइन समतल वादियों म



IPS अफसर की गरीबी की कहानी: भूख शांत करने के लिए खाने में माँ मिलाती थी .......

कुछ बनने के लिए लगन और मेहनत जितनी जरूरी है, उससे भी अधिक जरूरी है एक बड़ी सोच। फिर चुनौती पेट भरने की हो तो संघर्ष और भी बड़ा हो जाता है। लेकिन सोच बड़ी हो तो तमाम संघर्ष अंत में छोटे पड़ जाते हैं। रायगढ़, छत्तीसगढ़ के तारापुर गांव में ऐसी ही बड़ी सोच लेकर बड़ी-बड़ी चुनौतियों को



बचपन एक प्ले स्कूल

हमारेबचपन में आज की तरह प्ले-स्कूल नहीं होता था। बस एक ही प्ले-स्कूल थाजो किताबी ज्ञान पर आधारित न हो, व्यवहारिकज्ञान व् प्रकृति करीब से जुड़ा था । प्लेस्कूल के लिए पांच-छह बरस तक हम अपने फार्म हाउस ( खेत खलियान) में घूमना, गन्ने



इंडिया ही नहीं पूरी दुनिया के स्कूलों की बसें होती हैं पीली, लेकिन क्यो, कभी सोचा?

इंसान अपनी जिंदगी के सबसे अच्छे और खुशनुमा पलों की लिस्ट बनाए तो पहले नंबर पर उसके स्कूल डेज होंगे। जब कंधे पर सिर्फ किताबों का बस्ता होता था, न इश्क का रिस्क और न ही जिम्मेदारियों की चिंता। खुश होते थे तो जी भर के हंस लिया करते थे और दिल रूठ जाता था तो आंखों से उसे बाहर



हरियाणा बोर्ड एचबीएसई कक्षा 10वीं और 12वीं के कंपार्टमेंट परीक्षा के नतीजे घोषित

हरियाणा बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन (बीएसईएच) ने सोमवार को 10वीं और 12वीं कक्षा की कंपार्टमेंट परीक्षा के नतीजों की घोषणा कर दी। परिणाम हरियाणआ बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट बीएसई.ओआरजी.आईएन पर उपलब्ध है। बोर्ड ने परी



बांग्लादेश एच्एससी 2018 परिणाम जल्दी घोषित होंगे

जो उम्मीदवार बीडी एचएससी परिणाम 2018 के परिणाम की जांच करने के लिए इंतज़ार कर रहे है उनके लिए अच्छी खबर है | सूचना के मुताबिक, बांग्लादेश शिक्षा बोर्ड आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन उच्चतर माध्यमिक प्रमाणपत्र (एचएससी) और इसकी समकक्ष परीक्षाओं के परिणाम घोषित करेगा डब्लू डब्लू डब्लू .एडुकेशनबोर्ड.जीओवी.बड़



कर्नाटक एसएसएलसी सप्लीमेंट्री परिणाम 2018

कर्नाटक एसएसएलसी सप्लीमेंटी की परीक्षा का रिजल्ट घोषित हो गया है। सभी अभ्यर्थी कर्नाटक एसएसएलसी सुप्प्लिमेंट्री के अधिकारिक वेबसाइट पे रिजल्ट देख सकता है एचटीटीपी://एसएसएलसी.केएआर.एनआईसी.आईएन और एचटीटीपी://केऐआररिजल्ट्स.एनआईसी.इन एसएमएस के द्वारा भी छात्रों को परिणाम भेजे जायेंगे |परिणाम 2



स्कूलों से शारीरिक दंड को खत्म करने के लिए महाराष्ट्र सरकार शिक्षकों को प्रशिक्षित करेगी

सोमवार को आई खबर के मुताबिक महारष्ट्र सरकार शारीरिक दंड को खत्म करने पर काम कर रही है| इस दिशा में काम करते हुए,राज्य शिक्षा विभाग ने प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विभागों से शिक्षकों,सभी बोर्डों के प्रिंसिपल और स्कूल प्रबंधन के लिए कार्यशालाएं आयोजित करने के लिए कहा है| कार्यशालाओं के लिए, विभाग न



कन्नड़ लेखकों ने सरकारी स्कूलों को बचाने के विरोध के बारे में चेतावनी दी

उल्लेखनीय कन्नड़ लेखकों और बुद्धिजीवियों ने शनिवार को गोकक की तरह आंदोलन शुरू करने की धमकी दी, यदि मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी सरकारी स्कूलों में विलय करने और अंग्रेजी-मध्यम वर्गों को शुरू करने के लिए अपने बजटीय प्रस्तावों को वापस नहीं लेते हैं।ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता चंद्रशेखर कंबारा, लेखक चंद्रश



कन्नड़ लेखकों ने सरकारी स्कूलों को बचाने के विरोध के बारे में चेतावनी दी

उल्लेखनीय कन्नड़ लेखकों और बुद्धिजीवियों ने शनिवार को गोकक की तरह आंदोलन शुरू करने की धमकी दी, यदि मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी सरकारी स्कूलों में विलय करने और अंग्रेजी-मध्यम वर्गों को शुरू करने के लिए अपने बजटीय प्रस्तावों को वापस नहीं लेते हैं।ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता चंद्रशेखर कंबारा, लेखक चंद्रश



कन्नड़ लेखकों ने सरकारी स्कूलों को बचाने के विरोध के बारे में चेतावनी दी

उल्लेखनीय कन्नड़ लेखकों और बुद्धिजीवियों ने शनिवार को गोकक की तरह आंदोलन शुरू करने की धमकी दी, यदि मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी सरकारी स्कूलों में विलय करने और अंग्रेजी-मध्यम वर्गों को शुरू करने के लिए अपने बजटीय प्रस्तावों को वापस नहीं लेते हैं।ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता चंद्रशेखर कंबारा, लेखक चंद्रश



कन्नड़ लेखकों ने सरकारी स्कूलों को बचाने के विरोध के बारे में चेतावनी दी

उल्लेखनीय कन्नड़ लेखकों और बुद्धिजीवियों ने शनिवार को गोकक की तरह आंदोलन शुरू करने की धमकी दी, यदि मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी सरकारी स्कूलों में विलय करने और अंग्रेजी-मध्यम वर्गों को शुरू करने के लिए अपने बजटीय प्रस्तावों को वापस नहीं लेते हैं।ज्ञानपीठ पुरस्कार विजेता चंद्रशेखर कंबारा, लेखक चंद्रश



Bharat ko gulam रखने ke लिए मैकॉले में करवाई थी कॉन्वेंट (लावारिस child)school की शुरुआत - YouTube

Bharat ko gulam रखने ke लिए मैकॉले में करवाई थी कॉन्वेंट (लावारिस child)school की शुरुआतPlease don't forget to link, Share , comment & most important SUBSCRIBE https://www.youtube.com/channel/UCx0G...Source : Dainik Bharat Music address:By



मेरी पहली प्रेम कहानी (मेरी पहली रचना )

चेतावनी इस कहानी के सभी पात्र काल्पनिक है इसका किसी भी जीवित से कोई सम्बन्ध नहीं मैंने सिर्फ अपने मन में इन किरदारों को गढ़ा है तो कृपया कहानी पढने के बाद मुझसे इनके बारे में मत पूछिए नमस्ते दोस्तों मेरा नामे है अमर कुमार और मैं आप सब का स्वागत करता हूँ अपने इस लेख पर.



स्टूडेंट्स के लिए क्यों जरूरी है ब्लॉगिंग: महत्त्व एवं रास्ता

21वीं सदी में लगभग हर वह चीज बदल चुकी है या बदल रही है जो हमारे जीवन को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करती रही है. इनमें कृषि, मीडिया-क्षेत्र, नौकरियों का प्रारूप इत्यादि शामिल किया जा सकता है, किन्तु दुर्भाग्य से यही बात 'एजुकेशन सिस्टम' के लिए समग्रता से नहीं कही जा सकती है. इसी क्रम में



मुझे कौन भेजेगा स्कूल ......... मै लड़की हूँ ना !

तीन दिन से छुट्टी पर चल रही है, काम नहीं करना तो मना कर दे, कोई जोर जबरदस्ती थोड़ी है. रोज कोई ना कोई बहाना लेकर भेज देती है अपनी बेटी को, उससे न सफाई ठीक से होती है और ना ही बर्तन साफ़ होते है. कपड़ों पर भी दाग यूँ के यूँ लगे रहते है .......... और उसमे इस बेचारी का दोष भी क्या है? इसकी उम्र भी तो नही



कुछ यादें स्कूल के झरोखों से...

कमीज के बटन ऊपर नीचे लगाना वो अपने बाल खुद न काढ पाना पी टी शूज को चाक से चमकाना वो काले जूतों को पैंट से पोछते जाना 😔 ऐ मेरे स्कूल मुझे जरा फिर से तो बुलाना ...वो बड़े नाखुनो को दांतों से चबाना और लेट आने पे मैदान का चक्कर लगाना वो prayer के समय class में ही रुक जाना



शिक्षकों का ‘अकाल’ फिर भी शिक्षा का अधिकार

गिरिजा नंद झासबके लिए जरूरी होनी चाहिए शिक्षा। समझने में लगे साठ साल से ज़्यादा का वक़्त। मगर, मुसीबत अब भी अपनी जगह बरकरार। वज़ह, इन साठ सालों में हमने लोगों को पढ़ाया ही कितना कि पढ़ाने वाले को तैयार कर पाते। एक तो सबको शिक्षा मिली नहीं। जिन्हें मिली, उसमें से ज़्यादातर नाम पता लिखने के काबिल मात्



अब सरकारी स्कूलों के दिन बहुरेंगे

सरकारी स्कूलों के दिन फिर से बहुरेंगे इसकी हक़ीक़त से हम आगामी शैक्षणिक सत्र से रूबरू होंगे जब माननीयों और उनके मातहत नौकरशाहों के बच्चे सरकारी स्कूलों में बिना भेद-भाव के शिक्षा प्राप्त करेंगे I यदि सरकारी स्कूलों में माननीयों व नौकरशाहों के बच्चे नहीं पढ़ते हैं तो माननीयों के मानदेय और नौकरशाहों के व



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