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31 जुलाई 2019

स्व-देखभाल के सबसे उपेक्षित और शक्तिशाली अधिनियम।

हम में से बहुत से (सही-सही) अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने, पूरे खाद्य पदार्थों को खाने और सक्रिय रहने की कोशिश करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं … हम ध्यान और वियोग के कुछ पल ले रहे हैं, उपकरणों से दूर।ये आत्म-देखभाल के अद्भुत कार्य हैं, और



गुस्सा -- Balance Sheet दर्पण

" गुस्सा -- Balance Sheet दर्पण "हम गुस्सा, करते रहते हैं;और गुस्सा करने को, उचित भी ठहराते रहते हैं;और साथ साथ, यह भी, मानते रहते हैं;कि गुस्सा देता, सिर्फ घाटा;. . . सिर्फ हानी;और होते, कितने नुकसान हैं। .. . इस उलझन को, हम देखते हैं।।1।।.. .जब जब हमारा काम हो जाता है, गुस्सा करने से;सफलता मिल जात



गुस्सा -- Balance Sheet दर्पण

" गुस्सा -- Balance Sheet दर्पण " हम गुस्सा, करते रहते हैं;और गुस्सा करने को, उचित भी ठहराते रहते हैं;और साथ साथ, यह भी, मानते रहते हैं;कि गुस्सा देता, सिर्फ घाटा; . . . सिर्फ हानी;और होते, कितने नुकसान हैं। . . . इस उलझन को, हम देखते हैं।।1।।. . . जब जब हमारा काम हो जाता है, गुस्सा करने से;स



कहाँ गए ममता भरे दिन - क्रोध

कहान गेये ममता भरे दीन गीत अशोक होंडा की फिल्म क्रोध में सुनील शेट्टी, रामभा, अपूर्व अग्निहोत्री और केदार खान अभिनीत हैं। कहान गाय ममता भरे दीन गीत दीपक चौधरी द्वारा लिखे गए हैं, जबकि यह ट्रैक साधना सरगम ​​और रूप कुमार राठोड द्वारा गाया जाता है।क्रोध (Krodh )कहाँ गए ममता भरे दिन की लिरिक्स (Lyrics



क्रोध (Krodh )

'क्रोध' एक 2000 हिंदी फिल्म है जिसमें सुनील शेट्टी, रामभा, अपूर्व अग्निहोत्री, केदार खान, जॉनी लीवर, मोहन जोशी, रामी रेड्डी, हरीश पटेल, हिमाणी शिवपुरी, डिंपल घोष, अंजना मुमताज और साक्षी शिवानंद की प्रमुख भूमिकाएं हैं। हमारे पास क्रोध का एक गीत गीत है। आनंद और मिलिंद ने अपना संगीत बना लिया है। साधना



क्रोध

पड़ोस के अंकल बहोत ही ग़ुस्सा करते है. हमेशा ग़ुस्सेमेंही रहते है . आज सुबह घूमने निकली तो सामने अंकल बेवजह ग़ुस्सा कर रहे थे . मैंने यही पूछा ... क्या हुआ अंकल आज फिर से ग़ुस्सा क्यों .अंकल. ..... अरे वो कब जायेंगे क्या पता,



"शून्य" 'आत्म विचारों का दैनिक संग्रह' "क्रोध"

"क्रोध" "हमारे शरीर में उत्पन्न क्षणिक विकृति मात्र है, जो आवेग के रूप में प्रस्फुटित होती है, दिशाविहीन होना इसका विशिष्ट लक्षण है जो हमारे मस्तिष्क को क्षणभर के लिए शक्तिहीन बना देती है" "एकलव्य"



जानिए... गौतम बुद्ध के 10 अनमोल विचार...

जीवन में हजारों लड़ाइयां जीतने से अच्छा है कि, तुम स्वयं पर विजय प्राप्त कर लो । फिर जीत हमेशा तुम्हारी ही होगी, इसे तुमसे कोई नहीं छीन सकता है ।किसी भी हालात में तीन चीजें कभी भी छुपी नहीं रह सकती, वो है- सूर्य, चन्द्रमा और सत्य ।जीवन में किसी उद्देश्य या लक्ष्य तक



05 फरवरी 2015
03 फरवरी 2015

क्रोध का पूरा खांनदान है......

क्या आपको पता है? क्रोध का पूरा खांनदान है...... :-क्रोध की एक लाडली बहन है ।। जिद ॥ :-क्रोध की पत्नी है..... ॥ हिंसा ॥ :-क्रोध का बडा भाई है ॥ अंहकार ॥ :-क्रोध का बाप जिससे वह डरता है..... ॥ भय ॥ :-क्रोध की बेटिया हैं ॥ निंदा और चुगली ॥ :-क्रोध का बेटा है...... ॥ बैर ॥ :-इस खानदान की नकचडी बहू है..... ॥ ईर्ष्या॥ :-क्रोध की पोती है...... ॥ घृणा ॥ :-क्रोध की मां है ...... ॥ उपेक्षा ॥ और क्रोध का दादा है ।। द्वेष ।। तो इस खानदान से हमेशा दूर रहें और हमेशा खुश रहो।





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