कुटुंब

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''वेदना'' ( समाज को दर्पण दिखाती एक 'कथा' )

वह आज भी उन्हीं सन्नाटों में देखता है, कुछ सोचता है ,पैरों में कीचड़ सी मिट्टी मानों उसके जेवर हों कंधे पर रखा मैला अंगोछा जिससे बार-बार अपने पसीनों को पोछता है,घुटने तक पहनी धोती संभवतः जिसका रंग उजला रह



मैं राधा

मैं राधा माता कीर्ति पिता वृषभानु की बेटी ! कृष्ण की आदिशक्ति नंदगाँव और बरसाने की प्रेमरेखा ! मैं कृष्ण की आराधिका थी या उनकी बाँसुरी यमुना का किनारा या कदम्ब की डाली गोकुल की पूरी धरती या माखन उनके मुख में चमकता ब्रह्माण्ड या उनको बाँधी गई रस्सी





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