मन का प्रेत

मन का प्रेतरामा को इस समय पैर बड़े भारी लग रहे थे। हर कदम मन भर का लगता था। बाबा सुबह से खेतों में काम कर रहे थे, दोपहर का खाना तो माँ दे आई थी लेकिन रात का खाना रामा को लेकर जाना था। माँ ने खाना रामा के हाथ में देकर सात बजे ही रवाना कर दिया ताकि वो जल्दी ही बाबा को खाना पहुंचा कर वापस आ जाए। मगर राम



राजनीतिक पत्रकारिता

राजनैतिक पत्रकारिता पहले में यह बताना चाहता हूँ कि मैंमीडिया का सम्मान करता हूँ और इसकी अनिवार्यता, उपयोगिता और सार्थकता मेंकोई संदेह नहीं है। पत्रकारों का काम कभी बहुत कठिन लगता है और कभीबडा आसान।आजकल पत्रकारों के नाम से सिर्फ राजनीतिके क्षेत्र में काम करने वाले पत्रकार ही ध्यान में आते। कह सकते है



अभिब्यक्ति हेराई हैं।

अभिब्यक्ति हेराई हैं।हमरे लेखक हेराने हैं ... कही लिखते मिले तो भईया हमे बता दइयों। राजनीति मे अपने वजूद को भुलाने हैं।खोकर मीडिया के हो-हल्ला मे, सामाज को रचने वाले शब्द हेराने हैं... कवि, ब्यंग, शायर, गजल सभी बौराने हैं,खोज-खाज राजनीति के चुटकले उन्हे फैलाने हैं।सच कहने व लिखने से लेखक अभी डेरा



सुखी होने के उपाय

सुखी होने के उपायविजय कुमार तिवारीसंसार में सभी सुख चाहते हैं,दुख कोई नहीं चाहता,जबकि कोई सुखी नहीं है, सभी दुखी हैं।कबीर दास जी ने कहा है कि सारा संसार दुख से भरा है।मेरा मानना है कि हमें सत्य दिखता नहीं।हम असत्य देखने के आदी हो गये हैं।हम झूठ देखते हैं और अपनी सुविधा से



उधार

पूरे दिन बरसकर मेघराज सांस लेने के लिए थम गए थे। अब कीड़े-मकोड़ो के लिए उत्सव का समय था। ढलता हुआ सूरज किसी खुशहाल किसान की तरह सीना फुलाए अपने घर की तरफ एक खूबसूरत गीत गुनगुनाता हुआ बढ़ रहा था। बादल रहने से अंधेरा ज्यादा जल्दी होता हुआ प्रतीत होता था। श्याम के 6 बजे थे। मगर मुझे घर जाने की कोई जल्दी न



महत् चिंतन

<!--[if gte mso 9]><xml> <w:WordDocument> <w:View>Normal</w:View> <w:Zoom>0</w:Zoom> <w:TrackMoves></w:TrackMoves> <w:TrackFormatting></w:TrackFormatting> <w:PunctuationKerning></w:PunctuationKerning> <w:ValidateAgainstSchemas></w:Val



चुनाव , मेनिफेस्टो ,और कुछ भी

चुनाव, मेनिफेस्टो और कुछ भी भारत में चुनाव उत्सव, तमाशा, जंग, उद्योग सब कुछ है। कभी ये समुद्र मंथन सा लगता है जिसके परिणामस्वरूप रत्न और विष दोनों निकलते हैं। इसमें कौन देवता हैं और कौन दानव ज्ञानी ही समझसकते हैं। हर एक पक्ष खुद को देवता और सामने वाले को दानव कहता है ।इसमें मोहनी अवतार नहीं होता। प



चुनाव, मेनिफ़ेस्टो और कुछ भी ।

चुनाव, मेनिफेस्टो और कुछ भी भारत में चुनाव उत्सव, तमाशा, जंग, उद्योग सब कुछ है। कभी ये समुद्र मंथन सा लगता है जिसके परिणामस्वरूप रत्न और विष दोनों निकलते हैं। इसमें कौन देवता हैं और कौन दानव ज्ञानी ही समझसकते हैं। हर एक पक्ष खुद को देवता और सामने वाले को दानव कहता है



भारत का हाल इस चुनावी राजनीति के माहौल में – शुभम महेश

देश में इस समय चुनाव का माहौल चल रहा है। राजनीतिक पार्टीओ के समर्थक चुनाव प्रचार में लगे है और हम मतलब जनता अपने-अपने कामो में व्यस्त है। इस व्यस्त जनता को अपने देश में क्या चल रहा है इस से कोई मतलब नहीं है और जिन्हे लगता है की देश को वाकई में बदलाव की जरुरत है उनकी कोई सुनता नहीं है। तो इस पूरी बात



फूल ! तुम खिलते रहना !

--- जीवन में बसंत चारों ओर बसंत का शोर है | हो भी क्यों ना !जीवन में बसंत का आना असीम खुशियों का परिचायक है | प्रश्न उठता है बसंत क्या है ? क्या है इसकी परिभाषा ?यूँ तो बसंत को हर किसी ने अपनी परिभाषा दी है पर सरल शब्दों में कहें तो फूलों की खिलना ही सृष्टि में बसंत का परिचायक है



गली गली में शोर है ...

बचपनमें हमने भी नगर पालिका वार्ड्स इत्यादि चुनाव में बिना किसी भेद भाव या राजनीति केआयाराम के जुलूस में शामिल होकर नारे लगाए थे “गली गली में शोर है गयाराम चोर है” औरगयाराम के जुलूस में शामिल होकर नारे लगाए थे “ गली गली में शोर है आयाराम



क्या आप जानते है उपभोक्ता के अधिकार?बहुत महत्वपू्र्ण हैं पांचो अधिकार

आज पूरे देश में विश्व उपभोक्ता अधिकार दिवस मनाया जा रहा है। यह उपभोक्ता अधिकारों के संरक्षण के लिए 15 मार्च को प्रतिवर्ष मनाया जाता है। इस दिन की शुरुआत करने वाले अमेरिका के तत्कालीन राष्ट्रपति जॉन एफ केनेडी थे। उन्होने उपभोक्ता अधिकारों के मुद्दे पर अमेरिकी कांग्र



वर्ल्ड वाइड वेब का 30वां सालगिरह गूगल ने बनाया डूडल | 30th anniversary of the World Wide Web is Google's doodle

इंटरनेट के प्रयोग से सभी का जीवन आसान हो गया है। आज वर्ल्ड वाइड वेब के शुरुआत के 30 साल पूरे हो गए है। गूगल ने वर्ल्ड वाइड वेब के 30वें सालगिरह (30th Anniversary Of The World Wide Web) के मौके पर अपने डूडल के जरिए समर्पित कर रहा है। इसे गूगल ने बहुत बड़े स्तर पर सूचनाओं को प्राप्त करने के तकनीकी के



चुनावी वादों से आगे

जैसे-जैसे चुनाव का मौसम नजदीक आता है, राजनीतिक वर्ग के पास करने के लिए बहुत से काम होते हैं। लेकिन आम नागरिकों को अपने काम में कटौती करनी पड़ती है, क्योंकि उनके ऊपर नारों की बमबारी की जाती है। साधारण नागरिकों को अलग-अलग राजनीतिक दलों से आने वाली सूचनाओं और आख्यानों को चुपचाप नहीं सुनना चाहिए। उन्हें



गूगल ने रूसी गणितज्ञ Olga Ladyzhenskaya के 97 वें जन्मदिन पर डूडल बनाकर सम्मान दिया, जानें कौन थीं Olga Ladyzhenskaya?

रूसी गणितज्ञ ओल्गा लेडीज़ेन्काया के 97 वीं जयंती के अवसर पर आज Google ने डूडल बनाकर सम्मान दिया। लेडीज़ेन्स्काया को partial differential equations और fluid dynamics पर किये गए काम के लिए जाना जाता है। फोटो के नीचे अवकल समीकरण (Differential equation) को दिखाया गया है, जो उ



प्रश्न कीजिये

प्रश्न कीजिएविजय कुमार तिवारीबच्चा जैसे ही अपने आसपास को देखना शुरु करता है उसके मन में प्रश्न कुलबुलाने लगते हैं।वह जानना चाहता है,समझना चाहता है और पूछना चाहता है।जब तक बोलने नहीं सीख जाता,व्यक्त करने नहीं सीख जाता,उसके प्रश्न संकेतों में उभरते हैं।उसे यह धरती,यह आकाश,य



लोकतन्त्र

लोकतन्त्रलोकतन्त्र,आज़ादी, अभिव्यक्ति की स्वतन्त्रता,संप्रदायवाद,सेकुलर ये बड़े बड़े शब्द राजनेता और राजनीतिक पार्टियों द्वारा हर दिन अनेकों बारप्रयोग किये जाते हैं। संसद में आये दिन होने वाला हँगामा और पूरे पूरे सत्र संसदन चलने देना भी लोकतन्त्र है। इसमेंबदलाव आना चाहिये। यूं तो सड़क पर भी आप को सभ्य



'दादी' के आते ही घर-आंगन से रूठा वसंत लौट आया ...

हम चार मंजिला बिल्डिंग के सबसे निचले वाले माले में रहते हैं। यूँ तो सरकारी मकानों में सबसे निचले वाले घर की स्थिति ऊपरी मंजिलों में रहने वाले लागों के जब-तब घर-भर का कूड़ा-करकट फेंकते रहने की आदत के चलते कूड़ेदान सी बनी रहती है, फिर भी यहाँ एक सुकून वाली बात जरूर है कि बागवानी के लिए पर्याप्त जगह न



अटल बिहारी वाजपेयी बनने की राह पर मुलायम

- संजय अमान भारत का ईतिहास गवाह है सत्ता के लिए किसी भी हद तक चले जाना राजनीतिक संस्कृति का हिस्सा ही नहीं ज़रूरत भी होता है परन्तु इनसब से ऊपर राष्ट्र हीत की चिंता बहुत ही कम राजनीतिज्ञों को करते हुए देखा गया है वर्त्तमान में यही दृश्य देखने को मिलता है। अब वह दिन नहीं रहे या सिर्फ क़िताबों में या पु



Valentine Day 2019: कपड़ों के रंग से जानें इंगेज्ड, सिंगल आदि रिलेशनशिप स्टेटस

वेलेन्टाइन डे के दिन यदि आप कॉलेज़, ऑफिस या बाहर जाने के लिए सोच रहे हैं तो जरा अपने आउटफिट्स के रंग पर गौर कर लें क्योंकि इस दिन पहने जाने वाले कलर्स आपका रिलेशनशिप स्टेटस बताते हैं कि आप इंगेज़्ड हैं या सिंगल ? साथ ही इस वेलेन्टाइन डे पर आपको एक ऐसी ट्रिक बतायेंगे जिससे



आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
अंग्रेजी  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x