लेखनी! उत्सर्ग कर अब

लेखनी! उत्सर्ग कर अब✒️लेखनी! उत्सर्ग कर अब, शांति को कब तक धरेगी?जब अघी भी वंद्य होगा, हाथ को मलती फिरेगी।साथ है इंसान का गर, हैं समर्पित वंदनायें;और कलुषित के हनन को, स्वागतम, अभ्यर्थनायें।लेखनी! संग्राम कर अब, यूँ भला कब तक गलेगी?हों निरंकुश मूढ़ सारे, जब उनींदी साधन



पन्नों पर भी पहरे हैं

पन्नों पर भी पहरे हैं✒️ बैठ चुका हूँ लिखने को कुछ, शब्द दूर ही ठहरे हैं,ज़हन पड़ा है सूना-सूना, पन्नों पर भी पहरे हैं।प्रेम किया वर्णों सेभावों कलम डुबोयासींची संस्कृति अपनीपूरा परिचय बोया,झंकृत अब मानस हैचमक रही है स्याहीपद्य सृजन में ठहराभटका सा एक राही;उभरें नहीं विचार पृष्ठ पर, सोये वे भी गहरे



माँ बसुन्धरा

 माँ बसुन्धरा कोनमन करेंदो फूल श्रधा केअर्पण करेंन होने दें क्षरणमाँ कासब मिलकर यह प्रणकरें।कितना सुन्दर धरतीमाँ का आँचलपल रहा इसमें जगसारा,अपने मद के लिएक्यों तू मानवफिरता मारा-मारासंवार नहीं सकतेइस आँचल को तोविध्वंस भी तो नाकरें,माँ बसुन्धरा कोनमन करें।हिमगिरी शृंखलाओंसे निरंतरबहती निर्मल जलधारा



कैसे दे UPCATET की परीक्षा ......

UPCATET की तैयारी ज़ोरो शोरो पर | परीक्षा देने जाने से पूर्व इन बातों का रखे ख्याल ....1. इस बार UPCATET का परीक्षा नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज अयोध्या करा रही है | 2. लड़के फुल स्लीव्स की शर्ट बटन वाले कपडे प



हमारी बेटी बुलबुल है मगर पिंजरे में रहती है।

उसे हम पर तो देते हैं मगर उड़ने नहीं देते,हमारी बेटी बुलबुल है, मगर पिंजरे में रहती है।- प्रो. रहमान मुस्सवीरयह कुछ अल्फ़ाज़ है जो इस तस्वीर की सारी कहानी को बयां करते है। वैसे तो इस तस्वीर को समझने के लिए शायद ही शब्दों की कोई जरूरत हैं। यह तस्वीर उजागर करती है हमारे समाज के दोहरे चरित्र को, जहां हमन



नारी नहीं है बेचारी -महिला दिवस विशेष

दुष्कर्म आज ही नहीं सदियों से नारी जीवन के लिए त्रासदी रहा है .कभी इक्का-दुक्का ही सुनाई पड़ने वाली ये घटनाएँ आज सूचना-संचार क्रांति के कारण एक सुनामी की तरह नज़र आ रही हैं और नारी जीवन पर बरपाये कहर का वास्तविक परिदृश्य दिखा रही हैं . भारतीय दंड सहिंता में दुष्कर्म ये है - भारत



वो पगली दीवानी थी

हैं ये उन दिनों की बात हमारी जब कॉलेज में कहानी थी ,वो अमावस की काली रात पर जब रोशनी कीमेहरबानी थी,चिन्ताओ के अधरों में जब खान पान हमभूले थे,खोये थे ख्यालो में जिनके उनसे ज़िंदगीरवानी थी,छुप कर ताका करती थी,वो पगली दीवानी थी|जात पात को समझ नहीं जब धर्मो को पहचानीथी,त



इस डर के आगे जीत नहीं

कांधला के गांव श्यामगढ़ी में छात्रा सोनी को उसी के गांव के अमरपाल ने कथित एकतरफा प्रेम में बलकटी से मारकर मौत के घाट उतार दिया और जिस वक़्त ये घटना हुई छात्रा सोनी के साथ तकरीबन 50 छात्राएं मौजूद थी किन्तु सिवाय सोनी की अध्यापिका के किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं क



3 कदम और....

इस महीने न्यू वर्ल्ड कॉमिक्स पब्लिकेशन द्वारा आयोजित प्रतियोगिता और इंडियन कॉमिक्स फैंडम अवार्ड्स 2016 में वेबकॉमिक और फैन- वर्क केटेगरी में 2 पोल(वोट) आधारित पुरूस्कार जीते. इन माध्यमो के बहाने कुछ नए अनुभव जीकर और नए मित्र बनाकर अच्छा लगा .



इंडी आर्टिस्ट का मतलब क्या है?

Art - Thomas Lepineकिसी रचनात्मक क्षेत्र में किये गए स्वतंत्र काम को इंडी (Indie/Indy) यानी इंडिपेंडेंट रचना कहा जाता है। इंडी काम कई प्रकार और स्तर का हो सकता है, कभी न्यूनतम या बिना किसी निवेश के बनी रचना केवल कला के बल पर अनेक लोगो तक पहुंच सकती है और धन अर्जित कर सकती है, तो कभी कलाकार का काफी प



तेरा क्या होगा रे 'जीएसटी'!

... इस नई व्यवस्था से अर्थव्यवस्था को 60 लाख करोड़ रुपये का महत्वपूर्ण फायदा होगा. गौरतलब है कि लोकसभा में ये बिल पहले ही पास हो चुका है, लेकिन राज्यसभा में इसकी राह में बार-बार रोड़े अड़ा दिए जाते हैं, जिसके लिए कांग्रेस सीधे तौर पर जिम्मेदार मानी जा रही है और इसके लिए उसकी खासी आलोचना भी हो चुकी है.



गीता ज्ञान

ब्रह्म ,ब्रह्मा और ब्राह्मण का अर्थ कितने प्रतिशत लोग जानते है . मेरे अनुमान से शायद करोड़ो में एक इसका सच्चा अर्थ जाननेवाला है . अपने आप को हिन्दू कहने वाले क्या हिन्दू का अर्थ या हिन्दू की परिभाषा जानते है .विश्व में कोई भी हिन्दू धर्म नहीं है . हिन्दू धर्म अपने आप में कुछ भी नहीं है . भारत वर्ष मे



चिट्ठी आयी है, आयी है ... Satire on letter writing, Ravish Kumar, Rohit Sardana, Journalism!

आजकल चिट्ठियों की बड़ी चर्चा है और हो भी क्यों न आखिर कंप्यूटर, स्मार्टफोन के युग में कोई 'चिट्ठी' लिखे तो यह बात 'एंटीक' सा लगता है और बड़े लोगों को तो वैसे भी 'एंटीक' चीजें पसंद होती हैं. चिट्ठियों का इतिहास हम देखते हैं तो इसे 'प्रेम-पत्र' के रूप में कहीं ज्यादा मान्यता प्राप्त रही है. मसलन कुछ साल



आश्चर्य की बात

अहन्यहनि भूतानि गच्छन्तहि यमालयम ।शेषा:स्थावरमिच्छ्न्ति,किमाश्चर्यमत:परम् ।।- हम देख रहे हैं कि प्रतिदिन प्राणी मृत्यु के मुख में समा रहे है जो उत्पन्न हुए हैं वे मर रहे हैं फिर भी जो शेष हैं ।वे सोचते हैं कि हम सदा जीवित रहेंगे,इससे बढ़कर और क्या आश्चर्य की बात हो सकती है।



आज का ज्ञान

मोह सबसे बुरा रोग है। ये हमें कई बार उन चीजों से भी अलग नहीं होने देता जो भविष्य में हमारे लिए ही विनाशकारी हो सकती हैं। - वेद व्यास



खली-पीली बेकार ख्याली बातों से

खाली-पीली बेकार ख्याली बातों से, दिन अपने न बदलो काली रातों से । यारा तेरे ज़ख्म एक दिन भर जाएंगे, अच्छे मरहम भी मिलते  हालातों से।  उठो तुम्हें लड़ना होगा तूफानो से, न घबराना मौसम की बरसातों से।  जब तक सूरत नहीं बदलती देखेंगे ,जंग रहेगी तख्त-ताज गलियारों से। तरकश में हैं तीर अभी उम्मींदों के,  सूरज न



Homeopathy-My talk With you-मेरी बात आपके साथ

My talk With you-मेरी बात आपके साथ -लगभग पिछले पैतालीस वर्षो से मै होम्योपैथी चिकित्सा जगत से जुड़ा हुआ हूँ इस बीच मुझे लाखो रोगियों की सेवा करने का सुअवसर मिला है -यद्यपि होम्योपैथी के सिधान्तों के अनुसार प्रत्येक रोगी अपनी एक अलग छाप रखता है तथा उसकी चिकित्सा सामूहिक आधार पर न होकर व्यक्तिगत आधार प



बच्चा बात नहीं मानता

जब भी कभी अभिभावकों से मिलना होता है तब कई बार वे यही कहते हैं , क्या करें बच्चा हमारी बात ही नहीं मानता । हम  कक्षा में बैठे हुए बच्चे के उठने - बैठने के ढंग , उसके बोलचाल के ढंग से आसानी से  उसके घर के तौर तरीकों के बारे में जान जाते हैं. बच्चा कक्षा में ऊँचे स्वर में बोलता है , अभद्र भाषा का प्रय



गर्व की बात - garv ky baat

हिंदी भाषी राज्यों में, दुकानों आदि के जितने भी बोर्ड दिखाई देते हैं, उनमें लिखे हुए पूरे बोर्ड में एक आधा शब्द तो अंग्रेजी का जरूर रहता है। जैसे:संजय सर्विस स्टेशनअजय मेडिकल स्टोरविजय कॉपी सेंटरजय बुक शॉपसंजना माॅलबबलू हेयर कटिंगशिवा बार एंड होटलगणेश लॉजज्योति हॉस्पिटल आदि।सिर्फ एक ही बोर्ड ऐसा नजर



इन बातो पे अमल करे ---------

1🚩अपने साथ और लोगो को भी जोड़ो।2🚩संगठन बढ़ाते चलो।3🚩गली मुहल्ले मे 10-12 लोगो का समुह बनवाओ।4🚩उन्हे प्रेरित करो कि वो अपने एरिए पर नजर रखे, लोगो को जगाए कट्टर हिन्दूबनाने के लिए5🚩खुदको शारीरिक और मानसिक रुप से मजबुत करने के लिए शाखा या अखाड़ा जरुर जाए।6🚩 चर्चा और मेल मिलाप के लिए छोटे छोटे स्तर प



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