रामायण में भोग नही, त्याग है।

Ramayan me bhog nahi hai, tyag hai/रामायण में भोग नहीं, त्याग है।प्रिय स्नेही मित्रोंजय श्रीकृष्णा *रामायण में भोग नहीं, त्याग है* *भरत जी नंदिग्राम में रहते हैं, शत्रुघ्न जी उनके आदेश से राज्य संचालन करते हैं।* *एक रात की बात हैं,माता कौशिल्या जी को सोते में अपने महल की छत पर



गाँव का महत्त्व ::-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*हमारा देश भारत गांवों का देश हमारे देश के प्राण हमारे गांव हैं , आवश्यकतानुसार देश का शहरीकरण होने लगा लोग गाँवों से शहरों की ओर पलायन करने लगे परंतु इतने पलायन एवं इतना शहरीकरण होने के बाद आज भी लगभग साठ - सत्तर प्रतिशत आबादी गांव में ही निवास करती है | गांव का जीवन शहरों से बिल्कुल भिन्न होता है



खास

आज बैठी थी मैं, अपने परिवार अपने बच्चों के पास, आज सुन रही थी मैं पहले से खास, बच्चे कहने लगे, इस तरह घर में कैद रहने से कहीं अच्छी थी, वो स्कूल की चारदीवारी, जहां पर 5 घंटे के लिए ही जातें, घर से बाहर जाते थे हम। टीचर की सख्ती, फिर भी दोस्तों संग मस्ती, पानी, टायलेट



मज़हब

मज़हबगाह बदन मेरा, ख़ुदा ज़मीर है, ज़रूरत नहीं मुझे किसी मज़हबगाह की. कुछ लोग इस जहां में जिनमे ख़ुदा नहीं,तोड़ते और बनाते है मज़हबगाह बस यूँही.(आलिम)



सुबह जल्द ही मुस्कुराहट भरी होगी !

इस रात की सुबह जल्द ही मुस्कुराहटभरी होगी ! आज फिर ,उम्मीद को ओढ़े, सुबह बालकनी में बैठ गई ,पिछले कुछ दिनों की तरह, आज भी तो थी ... हर तरफ़ वही ख़ामोशी !बचपन भी तो सहम गया था ...इक्का- दुक्का लोग ही बाहर थे, टहलते हुए,रुक- रुक कर आती पक्षियों कीचहचहाहट प्रदूषण रहित, साफ़ हवा मगर मीठी- सी हलचल के बिना ..



आपत्तिकाल में धैर्य को परखिये :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*अपने संपूर्ण जीवन काल में मनुष्य में अनेक गुणों का प्रादुर्भाव होता है | अपने गुणों के माध्यम से ही मनुष्य समाज में सम्मान या अपमान अर्जित करता है | यदि मनुष्य के गुणों की बात की जाए तो धैर्य मानव जीवन में एक ऐसा गुण है जिसके गर्भ से शेष सभी गुण प्रस्फुटित होते है



सोशल मीडिया के खतरे

सोशलमीडिया के खतरेसंचार के प्राचीन साधनों में सर्वाधिकप्रचलित,पत्रों से जोमाहौल आज से बीस साल पहले बनता था,आज उसकी कल्पना भी नहीं की जा सकतीहै.उत्साह, भय और रोमांच सेभरकर जब पत्र को पढ़ा जाता था,तो सारा परिवार एक साथ उसे सुनता था.रिश्तेदारोंमें से किसी के परीक्षा के परिणाम,नये शिशु के जन्म या विवाह क



एक और महाभारत

एक गाना था " आज की रात बचेंगे तो सहर देखेंगे." वैसे ही इस महामारी से बचेंगे तो अच्छे दिन देंखेंगे. इसलिए अब इस धर्म और मजहब की बात छोड़ कर इस महामारी से बचने की सोचो. महाभारत में कोई नहीं जीता था, जो पांडवो की जीत बताते है, तो क्या व



मन का निग्रह :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*इस धराधाम पर मनुष्य सभी प्राणियों पर आधिपत्य करने वाला महाराजा है , और मनुष्य पर आधिपत्य करता है उसका मन क्योंकि मन हमारी इंद्रियों का राजा है | उसी के आदेश को इंद्रियां मानती हैं , आंखें रूप-अरूप को देखती हैं | वे मन को बताती हैं और मनुष्य उसी के अनुसार आचरण करने लगता है | कहने का आशय यह है कि समस



कोरोना को पत्र

कोरोना फैला है सारे संसार मा। गले मिलने की बात छोड़ो हाथ का धप्पा भी न दे किसी भी बात मा। न बस चले न रेल चले, न चले कलकारखाने लोग निकल पड़े है अपने गांव को। सब खो गई उम्मीदे मानव के अंदर की।गली चौक चौबारे खत्म हो गए पब बियर-बार लकड़ी ताश के घेरे। पड़े हुए कोरोना के डर से परदेशी प्रदेश मा। कोरोना फैला



५ आहार जो वजन कम करेंगे और मेटाबॉलिज्म बढ़ाएंगे

वजन कम करने के लिए लोग बहुत कोशिश करते हैं लेकिन असफल रहते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आप मेटाबॉलिज्म को बढ़ाकर अपना वजन कम कर सकते हैं। आपका मेटाबॉलिज्म जितना अधिक होगा, आप उतने ही फैट को बर्न करेंगे और मोटापा कम करने में उतनी ही आसानी होगी।आज इस लेख में हम आपको



पैदल ही ......! क्यों ...?

पैदल ही ......!क्यों ...?देश के विकास में जिसने अहम योगदान दिया ,आज संकट के समय क्यों उसको इस तरह छोड़ दिया....?क्या उसको हक नहीं कि उसको भी दो वक़्त की रोटी के साथ सुरक्षित आश्रय मिल जाता ?वह भी देश की इस संकट की घड़ी में अपना कर्तव्य निभाता।अगर उस संक्रमण का एक कण भी उसके साथ चला गया ,तो सोचो , उस



सनातन में समाजिक दूरी की मान्यता :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*सनातन धर्म पूर्ण वैज्ञानिकता पर आधारित है , हमारे पूर्वज इतने दूरदर्शी एवं ज्ञानी थे कि उन्हेंने आदिकाल से ही मानव कल्याण के लिए कई सामाजिक नियम निर्धारित किये थे | मानव जीवन में वैसे तो समय समय पर कई धटनायें घटित होती रहती हैं परंतु मानव जीवन की दो महत्त्वपूर्ण घटनायें होती हैं जिसे जन्म एवं मृत्य



मोबाइल सुरक्षा एप्स अपने डिजिटल गोपनीयता का समर्थन करने के लिए

अपने स्मार्टफोन का उपयोग करते समय, आप स्पष्ट रूप से डेटा गोपनीयता के स्तर की अपेक्षा करते हैं। एक ईमानदार बातचीत करना या एक पाठ संदेश साझा करना काफी मुश्किल हो सकता है, जबकि यह जानते हुए कि आपके सभी अंतरंग संचार अजनबियों द्वारा घुसपैठ किए जा रहे हैं। जब हम इलेक्ट्रॉनिक सुरक्षा और गोपनीयता की बात करत



अज्ञात शत्रु से बचाव :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*मानव जीवन में अनेकों प्रकार की एवं मित्र बना करते हैं कुछ शत्रु तो ऐसे भी होते हैं जिनके विषय में हम कुछ भी नहीं जानते हैं परंतु वे हमारे लिए प्राणघातक सिद्ध होते हैं | शत्रु से बचने का उपाय मनुष्य आदिकाल से करता चला आया है | अपने एवं अपने समाज की सुरक्षा करना मनुष्य का प्रथम कर्तव्य है , अपने इस क



जनता कर्फ़्यू

अब अपने को अपने ही घर मे कैद कर,अपने और अपने देश की कर लो हिफ़ाजत आज।अब जो आयीं ये संकट की घड़ी तो मिलकर काट लो आजबस ये मानों , आज ख़ुद से खुद के लिये एक जंग हैं,,पर ये देश हमारा ही एक अभिन्न अंग हैं।हा माना,, हमनें कभी इतनी बंदिशों में जीना नहीं सीखा,, पर यह तो समझो ये बंदिशे ही,, हमारा आने वाला कल है



भय बिनु होइ न प्रीति :--- आचार्य अर्जुन तिवारी

*मानव जीवन में जिस प्रकार निडरता का होना आवश्यक है उसी प्रकार समय समय पर भय का होना परम आवश्यक है | जब मनुष्य को कोई भय नहीं जाता तब वह स्वछन्द एवं निर्द्वन्द होकर मनमाने कार्य करता हुआ अन्जाने में ही समाज के विपरीत क्रियाकलाप करने लगता है | भयभीत होना कोई अच्छी बात नहीं है परंतु कभी कभी परिस्थितिया



हिन्दू नववर्ष सम्वतसर :-- आचार्य अर्जुन तिवारी

*हमारे देश भारत में समय-समय पर अनेकों त्योहार मनाए जाते हैं | भारतीय सनातन परंपरा में प्रत्येक त्योहारों का एक वैज्ञानिक महत्व होता है इन्हीं त्योहारों में से एक है "नववर्ष संवत्सर" जो कि आज चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को माना जाता है | आदिकाल से यदि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को नववर्ष माना जा रहा है तो इसका का



समय की पुकार

🙏🙏 समय की पुकार🙏🙏निरीह पशु-पँछियों को अपनीक्षुधा का समान मत बनाओइनमें जीवन है, इनको अपनोंसे वंचित कर रे नहीं तड़पाओखाद्यान्न प्रचूर है, और उगाओ"अहिंसा" का सुमार्ग अपनाओ🌳🌲🌼🌺🌷🌺🌼🌲🌳सौन्दर्य वर्धन हो धरा काशुन्य पर मत सब जाओपशु-पादप-वृक्ष-ताल-तलैया के



क्या कहता है, ये विराम ........?

क्या कहता है, ये विराम ........?<!--[if gte vml 1]><v:shapetype id="_x0000_t75" coordsize="21600,21600" o:spt="75" o:preferrelative="t" path="m@4@5l@4@11@9@11@9@5xe" filled="f" stroked="f"> <v:stroke joinstyle="miter"/> <v:formulas> <v:f eqn="if lineDrawn pixelLineWidth 0"/> <v:f eqn="sum @0 1 0"/



आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x