चीन के लिए विश्व एक बाजार है भारत चीन का बाजार बन गया है

चीन के लिए विश्व एक बाजार है भारत चीन का बाजार बन गया है डॉ शोभा भारद्वाज एक अक्टूबर 1949 माओत्से तुंग के नेतृत्व में चीन में साम्यवादी गणराज्य की स्थापना हुई अत :जब कम्यूनिस्ट पार्टी अर्थात माओ ने सत्ता सम्भाली देश बेहद गरीब था



वाद को पनपने मत दो।

वाद को पनपने मत दो।गाँव मे जातिवाद, जिले में गैंगेस्टर, प्रदेश में माववादी, प्रदेश बॉर्डर में नक्सलवादी, देश बॉर्डर में आतंकवादी। इन सब से हारे तो वायरस वाद, इन सब का बाप राजनीतिवाद। यह आम जनता को न जीने देते है न मारने देते है। इन सब का झूठ का पुलिंदा बांधने वाला मीडियावाद, आजकल समाजवाद पर हॉबी है।



गुम इंसान की आप बीती...

गुम इंसान की आप बीती...मानव तस्करों के जाल से ऐसे मुक्ति मिली दीपक को.....दीपक गवरे पिता प्रेमलाल गवरे नामक मजदूर अंतत: अपने परिवार में वापस तो आ गया लेकिन अपने गुम होने के करीब बीस -बाईस दिन उसने कैसे बितायें यह एक दिलचस्प कहानी है. गुम इंसान की खोज लाश दिखाकर-इस शीर्ष से इस साल के शुरू में दीपक



जीवनसंगिनी

मेरी जीवन संगिनी,मेरी अर्द्धांगिनी, मेरे सपनों की पथगामिनी,प्रकृति के सानिध्य में रहने कीआकांक्षा लिए एक गृह स्वामिनी,प्रबंधन में व्यवस्थित एक गृह धर्मिनी।सद् विचारों से ओतप्रोत ,एक अंतर्मुखी सहवासिनी।बच्चों क



बहाने जिंदगी

माना हम चिट्ठियों के दौर में नहीं मिलें, डाकिए की राह तकी नहीं हमने। हम मिले मुट्ठियों के दौर में। जिसमें रूमाल कम, फोन ज्यादा रहता था। माना हम किताब लेने देने के बहाने नहीं मिलें, जिसे पढ़ते, पलटते सीने पर रख, बहुत से ख्वाब लिए उसके साथ सो जाया करते। हम मिले मेसेज, मेसेंजर, वाट्स अप, एफ बी, इंस्टा



योवो एप्प पर आप कैसे कमा सकते हैं?

मैने सुना है की योवो पर कामना बोहत ही सरल है ? इस एप्प पर कैसे कमाते हैं?



दस्तक

दस्तकफिर वही शोर .....बाहर भी और अंदर भी ....!अंतः करण में गूँजते शब्द दस्तक देने लगे ।विद्यालय में नए सत्र के कार्यों के लिए सबके नाम घोषित किए जा रहे थे ।अध्यापकों की भीड़ में बैठी …..कान अपने नाम को सुनने को आतुर थे ,मगर..... नाम, कहीं नहीं.....!क्यों...? बहुत से सवाल मन में आ रहे थे । आस -पास बह



लेखनी जिंदगी की

लिखने को है बहुत कुछ,लेकिन चल ना पाती ये लेखनी। कहने को है बहुत कुछ,लेकिन कह ना पाती कोई कहानी।हवा तो बहती है बहुत गर्मी में,लेकिन होती नहीं इतनी सुहानी।चाहने वाले तो बहुत है,लेकिन उनकी चाहत में है बेईमानी।विश



सत अभिशप्त

धर्म धर्म का उफान उठा है, मानव धर्म कोई ना निभाएं। चील, कव्वे, गिध, गधा, कुत्तों का नाम लेकर एक इंसान दूजे को कोसे, पर खुद के अंदर झांकने का इरादा ना पाए। बेटी पिता को बिठा साइकिल पर मीलों सफर कर, अपने गांव घर ले आए। पढ़ें लिखे लोगों के बीच भूख से व्याकुल हथिनी, खानें के नाम पर धोखा खाएं। कदमों के छ



न छेड़ प्रकृति को।

न छेड़ प्रकृति को।गर्मी से झल्लाउ, ठंडी से घबराऊँ।डर वर्षा की बूँदों से छिप जाऊ।गिरते पतझड़ के पत्तो से शरमाऊं। बहे बयार तूफानी गति से आँखे भी अंधी हो जाए। जितना प्यार करु प्रकृति से, उतना ही थर्राऊ।कर प्रकृति का विनाश, महामारी को फैलाया।जब-जब आई महामारी से, हर मानव हरि-हरि चिल्लाया।न छेड़ प्रकृति को व



क़ुरबानी तो लगती है रोज़ अरमानो की,...

क़ुरबानी तो लगती है रोज़ अरमानो की,...क़ुरबानी तो लगती है रोज़ अरमानो की,सफ़र का क़ाफ़िला, कम या ज़्यादा,एहसासों का भी होता है बलिदान,सब काल्पनिक, रहती नहीं कोई मर्यादा,उसी दौर से, गुज़र रहें हैं सब हम,गुनाहों का कारवाँ, होता है मुकर्रम,रंग भी यहाँ, बेरंग भी यहाँ,चुनना है हमें, किसे भरें हम, कब और क



आना ही है।

त्रासदी और मौत बिना रास्ते और पते के ही अपने मुक़ाम तक पहुँच जाती है। पानी, आँग, हवा इनके साथी।मानव मथुरा जाये चाहे काशी।<!--/data/user/0/com.samsung.android.app.notes/files/clipdata/clipdata_200508_053321_893.sdoc-->



भारत है ये इसके चर्चे...

सुविधा की कमी नही, आलस की भरमार हैभारत है ये इसके चर्चे सात समंदर पार हैसरकारी दफ्तर में घूमो पता तुम्हें चल जाएगाआता नही अगर रिश्वत देना तो वो भी आ जायेगाएक करे काम अगर तो, दूजा निकले गद्दार हैभारत है ये, इसके चर्चे सात समंदर पार हैअफवाहों का जोर बहुत है, नही कोई भी



शिव सूत्र

महेश्वर सूत्र माहेश्वर सूत्रों की उत्पत्ति भगवान नटराज (शिव) के द्वारा किये गये ताण्डव नृत्य से मानी गयी है|नृत्तावसाने नटराजराजो ननाद ढक्कां नवपञ्चवारम्|उद्धर्त्तुकामो सनकादिसिद्धादिनेतद्विमर्शे शिवसूत्रजालम्||अर्थात:- नृत्य (ताण्डव) के अवसान (समाप्ति) पर नटराज (शिव) ने सनकादि ऋषियों की सिद्धि और क



विजेथुआ धाम

Vijethuwa dhamजय श्री बजरंग बली, हनुमानजी🙏🙏_बिजेथुआ_धाम_🙏🙏 सुलतानपुर जिले की कादीपुर तहसील में सूरापुर बाजार के दक्षिण लगभग 2 किलोमीटर की दूरी पर बिजेथुआ नामक स्थान पर स्थित हनुमान जी का वह मंदिर, जिसके बारे में कहा जाता है कि यहीं महाबीर बजरंगबली श्री हनुमानजी ने कालनेमि का वध किया था।



पत्रकारिता का चतुर्थ स्तंभ

स्वतंत्रता मिलने के बाद देश में लोकतांत्रिक व्यवस्था स्थापित हुई। प्रकारांतर में अखबारों की भूमिका लोकतंत्र के प्रहरी की हो गई और इसे कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका के बाद लोकतंत्र का ‘चौथा स्तंभ’ कहा जाने लगा। कालांतर में ऐसी स्थितियाँ बनीं कि खोजी खबरें अब होती



प्रेग्नेंसी के समय महिला के डिप्रेशन होने के क्या मुख्य कारण हैं

महिलाओं में गर्भावस्था समय के तनावग्रस्त



मनोरंजन ( लघुकथा )

लघुकथा मनोरंजन " कुछ भी हो भाई नाटक दमदार है . एक - एक किरदार को बड़ी मेहनत से गढ़ा गया है और हर कलाकार ने पूरे मन से काम किया है ." " ठीक कहा भाई ! हीरोइन भले ही नई है पर एक्टिंग ऐसी की है कि जैसे उसका जन्म इसी किरदार के लिए हुआ हो . कहीं से लगता ही नहीं है कि ये वो जुम्मन - बी नहीं है जो दो



आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x