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महात्मा गाँधी

महात्मा गाँधी कुछ लोग कभी मरते नहीं ऐसा कोई दिल नहीं जिसमे गाँधी जी धड़कते नहीं वो एक पवित्र आत्मा थे जो डंडे खाने पर भी थकते नहीं थे



महात्मा गांधी को मारने वाले शख्स की अस्थिया आज तक नहीं हुई विर्सजित

हिंदू धर्म में किसी की मौत के बाद उसका अंतिम संस्कार किया जाता है, शव को मुखाग्नि दी जाती है औऱ फिर उसकी अस्थियों को गंगा जी में प्रवाहित किया जाता हैं। ऐसा माना जाता है कि ऐसा करने से मृतक की आत्मा को शांति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है। लेकिन आज हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताएंगे जिनक



संत महात्माओं के हाथो संजय अमान की पुस्तक ''प्रेरणा '' का विमोचन समरोह सम्पन्न

संत महात्माओं के हाथो संजय अमान की पुस्तक ''प्रेरणा '' का विमोचन समरोह सम्पन्न मुंबई - पवार पब्लिशर कोलकाता द्वारा प्रकाशित , कवि ,पत्रकार , संजय अमान की लिखी तीसरी पुस्तक ''प्रेरणा '' का विमोचन समारोह बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज के सभागार में दिनाँक ३० सितम्बर को संपन्न हुआ। यह पुस्तक मुम्बई महानगर के



कौन बनेगा करोड़पति में 5 करोड़ जीतने वाला यह शख्स बन गया भिखारी पढ़िए पूरी खबर

सोनी चैनल पर प्रसारित होने वाला शो कौन बनेगा करोड़पति का सीजन शुरू हो गया है ।शुरू से अब तक कुछ प्रतियोगियों ने अच्छी खासी रकम जीती है और शो का अभी तक का एपिसोड अच्छा ही चला है।ईस बार कई नियम बदल गए और उन्हें कई नई योजनाएं जैसे की घर बैठे खेलो प्रतियोगिता के द्वारा दिया जाता था जिसमें एपिसोड में लोग



“महात्मा फुले” जयंती

ज्योतिराव गोविंदराव फुले (जन्म-11अप्रैल 1827, मृत्यु-28नवम्बर 1890)19वींसदी के एक महान भारतीय विचारक,समाजसेवी, लेख क, दार्शनिकतथा क्रान्तिकारी कार्यकर्ता थे । इन्हें ' महात्मा फुले' एवं'ज्‍योतिबाफुले' केनाम से भी जाना जाता है । सितम्बर 1873 में इन्होने महाराष्ट्र



वर्तमान परिप्रेक्ष्य में पं० दीनदयाल उपाध्याय का अंत्योदय दर्शन

यह लेख 20 अगस्त 2017 को युगभारती, कानपुर द्वारा आयोजित व्याख्यान में मुख्य वक्ता डॉ. सुधांशु त्रिवेदी जी के पूर्व विषय-प्रवर्तन करते हुए दिये गये मेरे भाषण का लिखित रूप है.भारतीय जनता पार्टी केराष्ट्रीय प्रवक्ता और आज के व्याख्यान के मुख्य वक्ता माननीय डॉ. सुधांश



क्यों होगी देशप्रेमी देशभक्त खूंखार बहादुर कौम की गुलामी? क्या फिर देनी पड़ेगी भारत के शत्रुओं को सलामी?

क्या फिर होगी भारत में गुलामी ?क्या फिर देनी पड़ेगी देश के दुश्मनों को सलामी?क्यों ज़रूरी है देशद्रोहियों-शत्रुओं पर वार लगातार?सारा भारत एक,फिर भी घूम रहे अंग्रेज़ अनेक,भारत का कारोबार बेच,भारत को कुचलते मसलते लूटते फिरंगी शत्रु अनेकोनेक।ल



गांधी का भारत या गोडसे का भारत

दिनांक19मई2012 आजकल देश में चर्चाओ का एक दौर है जिसमे गांधी की जम के बुराई हो रही है , उन्हें आज देश की सारी समस्याओं की जड़ के रूप में देखा जाने लगा है , तथ्य भी है , साक्ष्य भी जुटाए जा रहे है , सूचना के अधिकार का प्रयोग भी हो रहा है , पर प्रश्न यह है की इस सबसे क्या



हां ! हमनें गांधी को मार दिया—कविता

हां ! हमनें गांधी को मारा दियाक्‍योंकि वह करता था आदर्श की बातें?क्‍योंकि वह चलता था सचाई-नैतिकता की राह परउसकी दी हुई आजादी हमें नहीं भाई,हम आजादी नहीं चाहते थेहम चाहते थे स्वतंत्रता के नाम परअराजकता एक अव्‍यवस्‍थाजो आजादी आज हम ढो रहे हैवो नहीं है गांधी के सपनों की आजादीबदला इस इस आजादी से कुछ भी





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