मंगल



वक्री मंगल का मेष से मीन में गोचर

वक्री मंगल का मीन राशि में गोचरकल चार अक्तूबर अधिक आश्विन कृष्णतृतीया को प्रातः दस बजकर आठ मिनट के लगभग वणिज करण और हर्षण योग में वक्री होकर भूमिसुतमंगल का गोचर अपनी स्वयं की मेष राशि से अपने मित्र ग्रह गुरु की मीन राशि में रेवतीनक्षत्र पर होगा | चौदह नवम्बर को प्रातः लगभग छह बजकर दस मिनट से मंगल पु



मंगल बसेरा

अपनी अपनी सब कहें, दूजे की सुनें समझें ना। दूसरे को भी अपने से बढ़कर समझें, तो दुःख काहे का होए। अपने को दूसरों की नजरों में, अच्छा बनाने के सो जतन, पर खुद से वास्ता ना होए, औरों के लिए जीने से अच्छा, अपनों संग खुद का भी बेहतर जीवन होए। ना जोगी बन, ना संन्यासी बन.. गृहस्थ जीवन से बढ़कर, ना कर्म तप



मंगल का मकर में गोचर

मंगल का मकर में गोचरचैत्र कृष्णचतुर्दशी यानी रविवार 22 मार्च को दिन में दो बजकर चालीस मिनट के लगभग विष्टि करण और शुभ योग में मंगलका गोचर अपनी उच्च राशि मकर में होगा | सूर्योदय के समय त्रयोदशी तिथि रहेगी, किन्तु मंगल के गोचर के समय चतुर्दशी तिथि होगी | इस समय मंगल उत्तराषाढ़नक्षत्र पर होगा | मकर राशि



मंगल का धनु में गोचर

मंगल का धनु में गोचरआज यानी शुक्रवार सात फरवरी माघ शुक्ल चतुर्दशी को 27:52 (कल सूर्योदय से पूर्व 3:52) के लगभग गर करण और आयुष्मान योग में मंगल अपनी स्वयं की वृश्चिक राशि से निकल कर अपने मित्र ग्रह गुरु की धनु राशि और मूल नक्षत्र पर प्रस्थान कर जाएगा | गुरुदेव जहाँ पहले से ही अपने मित्र के स्वागत के



मंगल का तुला में गोचर

मंगल का तुला में गोचरकल कार्तिक शुक्लत्रयोदशी को दिन में दो बजकर चौबीस मिनट के लगभग मंगल चित्रा नक्षत्र पर भ्रमण करतेहुए तैतिल करण और सिद्ध योग में अपने शत्रु ग्रह बुध की राशि कन्या से निकल करशुक्र की तुला राशि में प्रस्थान कर चुका है | यहाँ कुछ दिन वहाँ बुध और सूर्य कासाथ भी रहेगा | तुला राशि में भ



मंगल का कन्या में गोचर

मंगल का कन्या में गोचरकल 25 सितम्बरयानी आश्विन कृष्ण एकादशी को प्रातः छह बजकर चौंतीस मिनट के लगभग मंगल अपने मित्र सूर्यकी सिंह राशि से निकल कर शत्रु ग्रह बुध की राशि कन्या में प्रस्थान कर जाएगा |मंगल इस समय उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र पर होगा तथा अस्त होगा | इस प्रस्थान के समय बालवकरण और शिव योग होगा | क



मंगल का सिंह में गोचर

मंगल का सिंह में गोचरकल शुक्रवार नौ अगस्तयानी श्रावण शुक्ल नवमी को सूर्योदय से लगभग एक घंटा पूर्व चार बजकर सैंतालीस मिनटके लगभग मंगल अपने एक मित्र चन्द्र की कर्क राशि से निकल कर दूसरे मित्र ग्रहसूर्य की राशि सिंह में और मघा नक्षत्र पर प्रस्थान कर जाएगा तथा अस्त होगा और 22अक्टूबर तक अस्त ही रहेगा | इ



मिशन मंगल : मार्स ऑर्बिट मिशन की कहानी पर आधारित

हाल ही में मिशन मंगल फिल्म का ट्रेलर रिलीज़ हुआ , इस फिल्म में अक्षय कुमार , शरमन जोशी , विद्या बालन, नित्या मेनन, कीर्ति कुल्हारी , तापसी पन्नू , सोनक्षी सिन्हा मुख्य भूमिका में हैं . अक्षय कुमार ने ट्वीट किया की " यह सिर्फ एक कहानी नहीं एक मिसाल है



मंगल का मिथुन में गोचर

मंगल का मिथुन राशि में गोचरमंगलवार सात मई यानीवैशाख शुक्ल तृतीया है – यानी अक्षय तृतीया | जिसे भगवान् विष्णु के छठेअवतार परशुराम के जन्मदिवस के रूप में भी मनाया जाता है | सर्वप्रथम सभी को अक्षय तृतीया की हार्दिक शुभकामनाएँ...कल प्रातः 6:53 केलगभग तैतिल करण और अतिगण्ड योग में मंगल वृषभ राशि से निकल क



मंगल का वृषभ में गोचर

मंगल का वृषभ राशि में गोचरआज यानी चैत्रकृष्ण द्वितीया को दोपहर तीन बजकर पाँच मिनट के लगभग गर करण, ध्रुव योग और चित्रानक्षत्र में मंगल अपनी स्वयं की राशि मेष से निकल कर वृषभ राशि में प्रस्थान करजाएगा | इस प्रस्थान के समय मंगल कृत्तिका नक्षत्र पर होगा | अपने इस गोचर केदौरान छह अप्रेल को रोहिणी नक्षत्र



मंगल का मीन राशि में गोचर

मंगल का मीन राशि में गोचरआज 22 दिसम्बरको अर्द्धरात्र्योत्तर 12:57 के लगभग मार्गशीर्ष कृष्ण प्रतिपदा को आर्द्रा नक्षत्र, कौलव करण और ब्रह्म योगतथा पूर्वा भाद्रपद नक्षत्र में विचरते हुए भूमिसुत मंगल का गोचर अपने मित्र ग्रहगुरु की मीन राशि में होगा | जहाँ 5 फरवरी 2019 को 23:48 तक भ्रमण करने के पश्चातयह



हनुमानजी की ये 11 मुखी मूर्तियां करती हैं अलग-अलग मनोकामनाओं की पूर्ति

प्रत्येक व्यक्ति को हनुमानजी की भक्ति करना चाहिए। कलियुग में हनुमान ही एकमात्र जाग्रत देव हैं। उनका चारों युग में प्रताप है। उनकी भक्ति से व्यक्ति के भीतर साहस और आत्मविश्‍वास का संचार होता है। हनुमानजी की भक्ति हर संकट से बचाती है। भक्तों ने अपनी भक्ति के चलते हनुमान



मंगल का कुम्भ में गोचर

मंगल का कुम्भ राशि में गोचरसर्वप्रथम सभीको दीपमालिका के प्रकाश पर्व की अनेकशः हार्दिक शुभकामनाएँ… सभी का जीवनसुख-समृद्धि-सौभाग्य-स्नेह तथा ज्ञान के आलोक से आलोकित रहे यही कामना है…कल मंगलवार कार्तिककृष्ण चतुर्दशी को प्रातः आठ बजकर बाईस मिनट के लगभग धनिष्ठा नक्षत्र, विष्टि करण और प्रीतियोग में भूमिसु



मंगल को जन्मे, मंगल ही करते, मंगलमय भगवान, जय हनुमान

॥दोहा॥श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि ।बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि ॥बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरौं पवन-कुमार ।बल बुधि बिद्या देहु मोहिं हरहु कलेस बिकार ॥॥चौपाई॥जय हनुमान ज्ञान गुन सागर ।जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥१॥राम दूत अतुलित बल धामा ।अञ्जनि-पुत्र



आज का पंचांग - 24 जुलाई 2018

🌞 ~ आज का अपना पंचांग ~ 🌞⛅ दिनांक 24 जुलाई 2018⛅ दिन - मंगलवार ⛅ विक्रम संवत - 2075 (गुजरात. 2074)⛅ शक संवत -1940⛅ अयन - दक्षिणायन⛅ ऋतु - वर्षा⛅ मास - आषाढ़⛅ पक्ष - शुक्ल ⛅ तिथि - द्वादशी शाम 06:25 तक तत्पश्चात त्रयोदशी⛅ नक्षत्र - ज्येष्ठा शाम 03:29 तक तत्पश्चात मूल⛅ योग - ब्रह्म सुबह 08:03 तक त



कविता - आ लिपट गले

चप्पा चप्पा हर सडक सडककरता मेरा दिल धडक धडकतुझसे मिलने की चाहत मेंन रहता दिल मेरा राहत मेंहै तू गई कहाँ मेरी बंजारनआ लिपट गले जा मनहारन. तेरी झीनी उस खुशबू मेंखोता रहता क्यों मजनू मैंलाली गुलाब सी होंठ खूबनरमाई जैसे हो घास दूबअब लौट के आजा मनभावनआ गले लिपट जा मनहारन. उन सख्त गर्म दोपहरी मेंउन नर्म अ



कहानी - मौत की झांकी

शाम का समय था.चौराहे पर जाम लगा हुआ था. एक एम्बुलेंसलगातार सायरन दिए जा रही थी लेकिन उसे जगह देना कोई नही चाहता था. क्योंकि वहां पर भगवान राम की झांकी जा रही थी. येआयोजन शहर की एक सांकृतिक संस्था ने आयोजित किया था. कईनेतागण भी उसमे मौजूद थे. रईसों की तो गिनती ही नही क



"मंगलमंगना छंद"

विधान~ [ नगण भगण जगण जगण जगण गुरु] (१११ २११ १२१ १२१ १२१ २) १६वर्ण४ चरण, ४, 12 पर यति, दो-दो चरण समतुकांत"मंगलमंगना छंद"अब चले उठ कहाँ सहमे पथ आप केमथ रहे मन कहीं रुकते पग आप केचल पड़े जिस गली लगती वह साँकरीपढ़ रहे तुम जिसे लगते खत बाहरी।।मत कहो फिर चलें अपने रुख ऑधियाँत



भागी हुई लड़की

सुबहका समय था. राजू सोया पड़ा था कि तभी किसी नेउसे झकझोर कर उठाया. राजू आँखे मलते हुए उठ गया. सामने मामी खड़ी थीं. मामी ने हांफते हुए कहा,“तुम्हे पता है रात छबीली घूरे के साले के साथ भाग गयी.” राजू ने आँखे मिचमिचा कर देखा कि कहीं वो सपना तो नही देख रहा है. राजू मामी से बोला, “किसने बताया आपको?”मामी



कहानी - दूसरी शादी

संतोष हरफनमौला और शौकीन किस्म का इंसान था। पिता सरकारी मास्टर थे, जिनके पैसों से वह आराम से अपने शौक पूरे करता रहता था। उसके बाकी के दो बडे भाई भी थे लेकिन वे अपने खर्चे अपनी कमाई से ही करते थे। उन दोनों का शौक संतोष की तरह नही था। लेकिन पिता की सरकारी नौकरी कब तक चलती.



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