1


मन

ये मन... ये मन बिन डोर की पतंग, ये मन... इस का कोई ओर न छोर, ले चले चहुंओर। ये मन... कभी खुद से, तो कभी खुदा से, करें गिले शिकवे.. ये मन... ख्वाबों, चाहतों के बाग करें हरे, तो कभी इन्हीं के घाव लिए फिरे। ये मन... कभी लगे मनका(मोती), तो कभी लगे मण का( बोझिल)। ये मन... अदा भी इसी से, तबहा भी इसी से। य



“हाइकु” माला मनका

“हाइकु”आसन माँ काझूमती है काँवरमाला मनका॥-१ सुंदर शोभा भक्त भाव निराली पूजा की थाली॥-२ शक्ति पूजन चैत्र की नवरात्रिवंदन मातृ॥-३ क्षमा याचना हितकर चाहना माँ सुनयना॥-४ सुख सुविधा रूपवती प्रतिभा मातु सुचिता॥-५ महातम मिश्र गौतम गोरखपुरी





1
आसान हिन्दी  [?]
तीव्र हिंदी  [?]
ऑनस्क्रीन कीबोर्ड  [?]
हिन्दी टाइपिंग  [?]
डिफ़ॉल्ट कीबोर्ड  [?]

(फोन के लिए विकल्प)
X
1 2 3 र्4 ज्ञ5 त्र6 क्ष7 श्र8 (9 )0 --   =
q w e r t y u i o p [   ]
a s d िfि g h  j k l ; '  \
  z x c  v  b n m ,, .. ?/ एंटर
शिफ्ट                                                         शिफ्ट बैकस्पेस
x